चार दिन बाद खिलेंगे कुछ के चेहरे और कुछ के मुरझाएंगे, जानिए रोचक समीकरण
कासगंज। नगर निकाय चुनाव में चेयरमैन और अध्यक्ष के चुनाव को लेकर सटटा बाजार गरम है, कौन बनेगा अपने शहर का सुल्तान पर सटोरियों की गतविधियां जोर पकड़ने लगी है। चार दिन बाद पूरी सच्चाई सबके सामने आ जाएगी। सटटेबाजी में लिप्त लोग विभिन्न मंडियों एंव बाजारों में सटटे पर रूचि रखने वालों को पैसा लगाने को उकसा रहे हैं। बीजेपी, कांग्रेस निर्दलीय शहर केे चेयरमैन प्रत्याशी पर सटोरियां ज्यादा तो बसपा, सपा पर कम भाव लगा रहे हैं।
निकाय चुनाव की मतगणना की गिनती होने के मात्र तीन दिन शेष है। जैसे जैसे मतगणना का दिन नजदीक आएगा, भाव में न सिर्फ उतार चढ़ाव देखने को मिलेगा, बल्कि दांव पर एक करोड रुपये लग चुके होंगे। सटोरिये की माने तो एक अनुमान के मुताबिक सटटा बाजार में अभी तक 70 लाख से अधिक के दांव लग चुके हैं। सटटा बाजार सूत्रों की माने तो प्रदेश में भाजपा की सरकार बने आठ माह ही बीते हैं,लेकिन बिजली पानी सड़क-यातायात संकट के बीच बढ़ते अपराध के बावजूद सटोरिये भाजपा प्रत्याशी पर काम भाव दे रहे हैं, सटोरियों का मानना है कि सत्ता की हनक और कई जुड़े दिग्गज नेताओं के अलावा आरएसएस की टीम भी चुनाव में जुटी हुई थी। इसलिए पार्टी के प्रचंड बहुमत से सत्ता में होने तथा राजनीतिक जोड़-तोड़ को भाजपा की चुप्पी को देखते हुए प्रत्याशी राधा माहेश्वरी को कम आंकना मुनासिब नहीं है। ऐसे में सटोरिए कांग्रेस, निर्दलीय पपर अधिक तो भाजपा बसपा पर कम भाव दे रहे हैं। जबकि सटटेबाज बसपा को चौथे, और कांग्रेस को दूसरे, और बीजेपी को तीसरे और पहले स्थान पर निर्दलीय को लेकर भी सटटा लगा रहे हैं।
निर्दलीय सभासद प्रत्याशी जीतेंगे
इस बार नगर निकाय चुनाव में मतदाताओ ने किसी पार्टी के सभासद का चुनना कम पसंद किया है। इस बार सबसे अधिक निर्दलीय प्रत्याशियों के सभासदों को बोल बोला होगा। यह बात शहर के सम्रांत बुद्धजीवी राजेन्द्र अग्रवाल, अमित पल्तानी, अश्वनी चतुर्वेदी, अशौक गौड से बात की गई तो उन्होंने बताया कि इस बार मतदाताओं ने किसी पार्टी विशेष के सभासद प्रत्याशियों को वोट नहीं पड़ा है,जोकि एक दिसम्बर को निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में सभासदों की बढ़त होके आएगी।