कासगंज के पचपोखरा गांव की सात मस्जिदों के मौलवियों ने फैसला लिया है कि यदि मुस्लिम शादियों में डीजे बजाया गया, तो वे निकाह नहीं पढ़ेंगे। यह निर्णय युवाओं पर पड़ रहे नकारात्मक प्रभाव और शोर-शराबे को रोकने के लिए लिया गया है।
शादियों में डीजे का शोर माहौल खराब कर रहा है। युवाओं को पथभ्रष्ट कर रहा है। ये मानते हुए गंजडुंडवारा स्थित गांव पचपोखरा की सात मस्जिदों के प्रमुखों ने सादगीपूर्ण निकाह की पहल की है। उन्होंने फैसला लिया कि गांव में समुदाय के किसी भी शादी समारोह में डीजे बजाया गया तो निकाह न तो पढ़ा जाएगा, न पढ़ने दिया जाएगा।
समुदाय के लोगों का मानना है कि, डीजे बजने से न केवल शोर शराबा होता है बल्कि युवा पीढ़ी पर भी इसका बुरा असर पड़ रहा है। डीजे पर नाचने के दौरान तरह-तरह की घटनाएं सामने आती हैं। पंचायत में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि गांव में मुस्लिम समुदाय में यदि कोई भी शादी समारोह में डीजे बजाता है तो गांव की सातों मस्जिदों के मौलाना निकाह नहीं पढ़ेंगे। ग्रामीणों ने भी इस पर सहमति जताई है।