
Murder In Kasganj: उत्तर प्रदेशके कासगंज जिले से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। सिकंदरपुर वैश्य थाना क्षेत्र में गंगा किनारे बनी एक झोपड़ी में रहने वाले साधु का जला हुआ शव मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। शुरुआती तौर पर मामला आग में झुलसकर मौत का लग रहा था, लेकिन परिजनों ने हत्या के बाद शव को जलाकर सबूत मिटाने का आरोप लगाया है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और कई पहलुओं पर जांच शुरू कर दी है।
घटना सिकंदरपुर वैश्य थाना क्षेत्र के कादरगंज इलाके की है। यहां गंगा किनारे बनी एक झोपड़ी में साधु भाय सिंह अकेले रहते थे। उनके परिवार के सदस्य, जिनमें 4 बेटियां और एक बेटा शामिल हैं, दिल्ली में रहकर निजी नौकरी करते हैं। मंगलवार को झोपड़ी में आग लगने और साधु की मौत की सूचना मिलने के बाद आसपास के लोगों की भीड़ मौके पर पहुंच गई।
परिवार का कहना है कि साधु की मौत आग लगने से नहीं हुई, बल्कि पहले उनकी हत्या की गई और बाद में शव को झोपड़ी में जलाकर घटना को हादसा दिखाने की कोशिश की गई। इसी आरोप के आधार पर पुलिस अब हत्या के एंगल से भी मामले की जांच कर रही है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इसी क्षेत्र की रहने वाली मीना, पत्नी नत्थू सिंह, की कथित तौर पर हत्या कर उसका शव गंगा किनारे फेंका गया था। दावा किया जा रहा है कि साधु भाय सिंह ने आरोपियों को शव ठिकाने लगाते हुए देख लिया था। आशंका है कि इसी वजह से उनकी हत्या कर दी गई। हालांकि पुलिस ने अभी तक इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वॉड को भी मौके पर बुलाया गया, ताकि वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए जा सकें। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल सभी संभावित पहलुओं की जांच की जा रही है। साधु की मौत और महिला हत्याकांड के बीच कोई संबंध है या नहीं, यह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। पुलिस घटनाओं की कड़ियां जोड़कर साक्ष्य जुटाने में लगी हुई है।