-इसे कहते हैं आपदा में अवसर-पानी संकट के बीच प्रशासन ने गांव में भेजी बोरिंग मशीन-सरपंच ने दिखाई दबंगियाई-और अपने घर पर ही करा लिया ट्यूबवेल
कटनी. जैसे जैसे गर्मी बढ़ती जा रही है, वैसे वैसे मध्य प्रदेश के कटनी शहर समेत ग्रामीण इलाकों में पेयजल संकट विकराल रूप धारण करता जा रहा है। जिले में जल संकट पर नियंत्रण पाने के लिए बीते 4 दिनों से लगातार कलेक्टर कदमताल कर रहे हैं। पानी को लेकर हाहाकार की स्थिति मची हुई है। जहां ज्यादा समस्या है, वहां पर नलकूप का खनन कराया जा रहा है।
हालांकि, कई जनप्रतिनिधि इस व्यवस्था में भी अपनी मनमानी करने से बाज नहीं आ रहे हैं। ये अपने पद की धोंस दिखाकर दबंगियाई दिखाने पर उतारू हैं। अपने मुताबिक नलकूप का खनन करा रहे हैं। ऐसा ही एक मामला जिले के बहोरीबंद क्षेत्र के ग्राम बासन में सामने आया। हद तो ये रही कि, यहां सरपंच ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा गांव में बोरिंग कराने के लिए मशीन भेजी और सरपंच ने अपने घर पर ही उस मशीन के जरिए नलकूप खनन करा लिया।
ग्रामीणों ने शुरु किया विरोध
बहोरीबंद जनपद की ग्राम पंचायत बासन में सरपंच पति द्वारा खेली गई लाखों रुपये की होली, नई बोरिंग अपने स्वार्थ के चक्कर में कराया गया था। अपने खेत पर जहां पीएचई विभाग द्वारा पॉइंट निश्चय किए गए थे, लेकिन वहां पर बोरिंग नहीं कराई गई। रात में जब मशीन लगी तो ग्रामीणों के चेहरे पर खुशहाली नजर आ रही थी, लेकिन जब सुबह जाकर देखा, तो इसमें सिस्टम की मनमानी नजर आई। यह सब हुआ है सरपंच पति के अड़ियल रवैय्ये से। अब ग्रामीण इसका विरोध कर रहे हैं। हालांकि, अब विधायक ने मामले की जांच कराते हुए कार्रवाई करने की बात कही है।