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मध्य प्रदेश के इस शहर में होगी नन्हें साइंटिस्टों की खोज, ‘आठ अटल टिंकरिंग लैब’ की मिली सौगात, यहां मिलेगा विद्यार्थियों को लाभ

- बच्चों के मन में कुछ नया कर गुजरने का जज्बा व चाहत होगी तो अब उनके सपनों की उड़ान को सरकार की बड़ी योजना पंख लगा सकेगी। बच्चों को कुछ नया करने व प्रोत्साहित करने की दिशा में भारत सरकार खास पहल कर रही है। - जिले के आठ स्कूलों में 'अटल टिंकरिंग लैब' की सौगात मिली है। ये लैब हाइ व हॉयर सेकेंडरी स्कूलों में बनेंगीं। जिसके लिए कार्ययोजना बन गई है। अटल टिकरिंग लैब योजना के माध्यम से जिले के स्कूलों में अब नन्हें वैज्ञानिकों की खोज की जा सकेगी। - पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेई के नाम से अटल टिंकरिंग लैब की स्थापना की योजना चल रही है, जो अब जिले में शैक्षणिक सत्र 2019-20 में लागू हुई है।
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Updated: 26 Jun 2019, 11:58 AM IST
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बालमीक पांडेय @ कटनी. बच्चों के मन में कुछ नया कर गुजरने का जज्बा व चाहत होगी तो अब उनके सपनों की उड़ान को सरकार की बड़ी योजना पंख लगा सकेगी। बच्चों को कुछ नया करने व प्रोत्साहित करने की दिशा में भारत सरकार खास पहल कर रही है। जिले के आठ स्कूलों में 'अटल टिंकरिंग लैब' की सौगात मिली है। ये लैब हाइ व हॉयर सेकेंडरी स्कूलों में बनेंगीं। जिसके लिए कार्ययोजना बन गई है। अटल टिकरिंग लैब योजना के माध्यम से जिले के स्कूलों में अब नन्हें वैज्ञानिकों की खोज की जा सकेगी। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेई के नाम से अटल टिंकरिंग लैब की स्थापना की योजना चल रही है, जो अब जिले में शैक्षणिक सत्र 2019-20 में लागू हुई है। इन प्रयोगशालाओं में विद्यार्थी विज्ञान उपकरणों की मदद से खोज कर सकेंगे। इस योजना में सेंट्रल स्कूल एनकेजे, मॉडल स्कूल झिंझरी, उत्कृष्ण उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बड़वारा, हॉयर सेकेंडरी स्कूल एनकेजे, बालक उमा विद्यालय सिलौंड़ी, शासकीय उमा विद्यालय कन्हवारा, कन्या उमा विद्यालय बरही व सेंटरपॉल निजी स्कूल शामिल है।

स्कूलों को मिलेंगे 20 लाख
लैब को स्थापित करने के लिए स्कूल को 10 लाख की राशि दी जाएगी। अतिरिक्त 10 लाख की रकम अगले पांच वर्षों में दी जाएगी। इस लैब में ऐसे सभी उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे जिससे बच्चे स्वयं खोजपरक चीजें तैयार कर सकें। उल्लेखनीय है कि ऑनलाइन आवेदन, स्कूल की तस्वीर, इन्फ्रॉस्ट्रक्चर, शिक्षा के स्तर के आधार पर विभाग से जिले को अटल लैबों की सौगात मिली है।

खास-खास:
- अटल टिंकरिंग लैब में विद्यार्थियों को विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित के विभिन्न पहलुओं को समझाने के साथ-साथ उपकरणों और औजारों का इस्तेमाल कर कुछ नया करने का अवसर दिया जाएगा।
- अटल लैब में आइआर सेंसर से लेकर थ्रीडी प्रिंटर्स और अल्ट्रासॉनिक सेंसर जैसे अत्याधुनिक उपकरण उपलब्ध होंगे।
- साइन्स, टेक्नालॉजी, इन्जीनियरिंग और मैथ्स की समझ बच्चों में विकसित कराने के प्रयासों के तहत इसकी शुरुआत की जा रही है। जो बच्चे यहां खोज करेंगे, उन्हें क्षेत्रीय और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में भाग लेने का मौका भी मिल सकेगा।

इनका कहना है
जिले में आठ अटल टिंकरिंग लैब खुलनी हैं। सात सरकारी और एक निजी स्कूल शामिल है। स्वीकृति के बाद इन लैंबों को तैयार करने के लिए प्रक्रिया शुरू हो गई है। जैसे ही सरकार से राशि जारी होगी निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। इसी सत्र में जिले के विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा।
अभय जैन, प्रभारी रमसा।

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