नगर निगम की एमआईसी बैठक में उठा मुद्दा, प्रतिबंध के बावजूद चोरी-छिपे बिक रहे खतरनाक मांझे पर सख्त कार्रवाई की मांग
कटनी. कोतवाली थाना क्षेत्र के राहुलबाग में चाइनीज मांझे की खतरनाक मौजूदगी ने एक बार फिर इसकी भयावहता को उजागर कर दिया है। कॉलोनी के पार्क में साइकिल चला रहे सात वर्षीय मासूम बच्चे के गले में अचानक पतंग का मांझा फंस गया, जिससे उसके गले में चोट आ गई। घटना के बाद परिजन घबरा गए और आनन-फानन में बच्चे को अस्पताल ले जाया गया, जहां समय रहते तत्काल उपचार किया गया।
बच्चे का उपचार करने वाले डॉ. प्रसंग बजाज ने बताया कि मांझे से घायल बच्चा उनके परिचित परिवार का ही है। गले में आई चोट की स्ट्रीचिंग करनी पड़ी। डॉक्टरों के अनुसार यदि मांझा थोड़ी देर और गले में फंसा रहता तो यह चोट जानलेवा भी हो सकती थी। गले की नस कटने का गंभीर खतरा था। गनीमत यह रही कि उसे गंभीर चोट नहीं आई। यह घटना चार दिन पहले की है, जो अब सामने आई है।
इस गंभीर घटना को लेकर नगर निगम की राजनीति भी गरमा गई। एमआईसी सदस्य एवं पार्षद सुभाष साहू शिब्बू ने मंगलवार को नगर निगम में आयोजित एमआईसी की बैठक में यह मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने महापौर और निगम अधिकारियों के समक्ष कहा कि चाइनीज मांझे पर पूर्ण प्रतिबंध के बावजूद शहर में इसकी चोरी-छिपे बिक्री हो रही है। उन्होंने नगर निगम और पुलिस प्रशासन से सघन जांच अभियान चलाकर ऐसे विक्रेताओं पर सख्त कार्रवाई की मांग की। पार्षद ने कहा कि यह मांझा एक मासूम की मौत की वजह भी बन सकता था और भविष्य में किसी बड़े हादसे से इंकार नहीं किया जा सकता।
मकर संक्रांति पर्व को देखते हुए नगर निगम प्रशासन भी हरकत में नजर आया। मंगलवार शाम शहर के पतंग विक्रेताओं को चाइनीज मांझे के विक्रय और उपयोग पर रोक को लेकर समझाइश दी गई। स्वास्थ्य अधिकारी संजय सोनी ने बताया कि विक्रेताओं को निर्देश दिए गए हैं कि वे किसी भी हालत में प्रतिबंधित चाइनीज मांझे का भंडारण या विक्रय न करें। उन्होंने बताया कि यह मांझा मानव जीवन के साथ-साथ पशु-पक्षियों और सार्वजनिक सुरक्षा के लिए अत्यंत घातक है। समझाइश के दौरान विक्रेताओं को सुरक्षित विकल्प के रूप में सूती और कपास के मांझे बेचने के लिए प्रेरित किया गया। निगम प्रशासन ने चेतावनी दी है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।