ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने जिले में 9 होमस्टे तैयार, 10 और निर्माणाधीन
कटनी. जिले में पहली बार ग्रामीण परिवेश आधारित पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। जिले में 9 होमस्टे बनकर तैयार हो चुके हैं, जबकि 10 अन्य निर्माणाधीन हैं। इस पहल के माध्यम से अब पर्यटक कम खर्च में गांवों की नैसर्गिक सुंदरता, पारंपरिक जीवनशैली और सांस्कृतिक विरासत का आत्मीय अनुभव कर सकेंगे। जिले का बड़ा भू-भाग बांधवगढ़ राष्ट्रीय उद्यान के बफर जोन से जुड़ा हुआ है। इसके अलावा बाणसागर बांध के बैक वाटर के रमणीय दृश्य, विशाल जलराशि और आसपास स्थित प्राचीन मंदिरों का भ्रमण अब पर्यटक होमस्टे में ठहरकर सहज रूप से कर सकेंगे। विकासखंड विजयराघवगढ़ और बड़वारा के ग्राम खितौली, कोनिया और जमुनिया में ये होमस्टे स्थापित किए गए हैं। होमस्टे योजना के माध्यम से जिले के ग्रामीण जीवन की सादगी, पारंपरिक खान-पान, लोक कला और समृद्ध संस्कृति की व्यापक पहचान बनेगी। इससे न केवल पर्यटन को गति मिलेगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर टैक्सी सेवा, हस्तशिल्प, कृषि उत्पाद और अन्य गतिविधियों के जरिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
जानकारी के अनुसार ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड के सहयोग से मानव जीवन विकास समिति द्वारा कुल 19 होमस्टे विकसित किए जा रहे हैं। समिति के सचिव एवं पर्यावरणविद निर्भय सिंह के अनुसार एक होमस्टे के निर्माण में लगभग 5 से 6 लाख रुपए की लागत आती है। योजना के तहत राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान से 2 लाख रुपए तथा ट्रायबल टूरिज्म परियोजना के अंतर्गत 3 लाख रुपए तक का अनुदान दिया जाता है, जबकि शेष राशि हितग्राही स्वयं वहन करता है।
होमस्टे निर्माण के लिए विकासखंड विजयराघवगढ़ और बड़वारा के ग्राम खितौली, कोनिया और जमुनिया में ये होमस्टे स्थापित किए गए हैं। ये गांव प्रमुख पर्यटन स्थलों के निकट स्थित हैं, ताकि पर्यटकों को आवागमन में सुविधा मिल सके। यहां ठहरने वाले ग्रामीण, शहरी और विदेशी पर्यटक देशी भोजन, ग्रामीण संस्कृति और प्राकृतिक वातावरण का वास्तविक आनंद ले सकेंगे।
ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य होमस्टे स्थापित किए जा रहे हैं। यह पहल न केवल पर्यटन क्षेत्र को नई दिशा देगी, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करते हुए आत्मनिर्भर गांव की अवधारणा को भी साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।