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कटनी. ढीमरखेड़ा क्षेत्र के शहडार और झिर्री गांव के आसपास लगातार बाघों की मौजूदगी से ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ है। बीते कुछ दिनों से यहां नर और मादा बाघ देखे जा रहे हैं, जिससे खेतों में काम करने वाले किसानों और ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। घना जंगल होने के कारण इस इलाके में वन्य जीवों का विचरण स्वाभाविक बताया जा रहा है, लेकिन गांवों के नजदीक बाघों का आना लोगों के लिए खतरे की घंटी माना जा रहा है।
वन विभाग की टीम लगातार क्षेत्र में गश्त कर रही है और ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है। वन परिक्षेत्र के रेंजर अजय मिश्रा ने बताया कि बाघों की गतिविधियों को देखते हुए गांवों में मुनादी कराई जा रही है। लोगों से अपील की गई है कि वे अकेले जंगल या खेतों की ओर न जाएं, विशेषकर सुबह और देर शाम के समय अतिरिक्त सावधानी बरतें।
रेंजर ने यह भी स्पष्ट किया कि अनावश्यक रूप से बाघों के वीडियो या फोटो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा न करें, क्योंकि इससे अफवाह फैलने की आशंका रहती है और वन्य जीवों की सुरक्षा भी प्रभावित हो सकती है। विभाग द्वारा बाघों की निगरानी के लिए ट्रैकिंग बढ़ाई गई है और संवेदनशील इलाकों में नजर रखी जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि बाघों के मूवमेंट से पशुओं की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बनी हुई है। वन विभाग ने आश्वासन दिया है कि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई की जाएगी और क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत की जाएगी।
Published on:
22 Feb 2026 10:26 am
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