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रेसिंग के कारण सडक़ हादसों का कहर: 10 माह में 915 दुर्घटनाएं, रेसिंग-ओवर स्पीड और स्टंट बन रहे जानलेवा

रेसिंग और अनियंत्रित रफ्तार से दहशत, पुलिस सिर्फ दिखावे की कर रही कार्रवाई, लगातार कार्रवाई न होने से बढ़े हादसे, बाइकर्स सडक़ों पर कर रहे स्टंटबाजी, साइलेंसर से निकाल रहे पटाखों की आवाज

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कटनी

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Balmeek Pandey

Feb 22, 2026

Five police personnel were killed and three others critically injured after a speeding trailer rammed into a police vehicle in Odisha’s Jharsuguda district.

ओडिशा के झारसुगुड़ा जिले में ट्रेलर द्वारा पुलिस वाहन को टक्कर मारने से पांच पुलिसकर्मियों की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। (प्रतीकात्मक तस्वीर)

कटनी। कटनी जिले में तेज रफ्तार, बाइक रेसिंग और खतरनाक स्टंट अब आम जनजीवन के लिए गंभीर खतरा बनते जा रहे हैं। जनवरी 2025 से अक्टूबर 2025 तक के 10 महीनों में जिले में 915 सडक़ दुर्घटनाएं दर्ज की गईं, जिनमें 242 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 1201 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक अधिकांश हादसे ओवर स्पीड और अनियंत्रित वाहन चलाने के कारण हुए हैं। रात में रेसिंग और दिन में बेलगाम रफ्तार ने हालात और भयावह कर दिए हैं। ड्रिंक एंड ड्राइव के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए 2105 चालान किए गए और 2.10 करोड़ का जुर्माना वसूला गया। यातायात नियमों के उल्लंघन पर 25,818 चालान कर 1.89 करोड़ की राशि शासन खाते में जमा कराई गई।

हॉटस्पॉट बने जानलेवा मोड़

कटनी जिले में एक दर्जन से अधिक ऐसे हॉटस्पॉट हैं, जहां आए दिन हादसे हो रहे हैं। इनमें नेशनल हाइवे सुर्खी टैंक मोड़, चाका बायपास, राजमार्ग रीठी का डांग मोड़ और नेशनल हाइवे पिपरौंध से लखापतेरी सबसे खतरनाक माने जा रहे हैं। इन मार्गों पर रात के समय टर्न और अपर्याप्त विजिबिलिटी के कारण वाहन चालकों को सडक़ स्पष्ट नहीं दिखती, जिससे तेज रफ्तार वाहन हादसों का शिकार हो जाते हैं।

बाइक रेसिंग और स्टंट से बढ़ता खतरा

शहर और ग्रामीण इलाकों में बुलेट व अन्य बाइकों से पटाखे जैसी आवाज निकालने वाले मॉडिफाइड साइलेंसर धड़ल्ले से चल रहे हैं। कई स्थानों पर युवक सार्वजनिक सडक़ों पर स्टंट करते नजर आते हैं। फर्राटा भरती बाइकों के कारण पैदल यात्री, बुजुर्ग और छात्र सबसे अधिक असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। नई बस्ती निवासी पप्पू निषाद का कहना है कि कॉलोनियों में रेसिंग और स्टंट से लोग भयभीत रहते हैं, तेज आवाज और अचानक ब्रेकिंग से हादसे का डर बना रहता है।

पुलिस कार्रवाई नाकाफी

यातायात पुलिस की कार्रवाई के आंकड़े हालात की गंभीरता को उजागर करते हैं। 1 जनवरी से 31 जनवरी 2026 के बीच ओवर स्पीड के केवल 19 मामलों में कार्रवाई हुई और 19,000 रुपये का जुर्माना वसूला गया। मॉडिफाइड साइलेंसर पर महज एक कार्रवाई कर 1,000 रुपये जुर्माना लगाया गया। कोतवाली, माधवनगर, रंगनाथ नगर, कुठला, एनकेजे सहित ग्रामीण थानों में भी कार्रवाई को लेकर सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि बाइकें जब्त करने के बजाय चालान काटकर छोड़ दिया जाता है, जिससे मनमानी जारी है।

सीसीटीवी के बावजूद निगरानी कमजोर

शहर में चप्पे-चप्पे पर सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, लेकिन उनकी प्रभावी मॉनिटरिंग नहीं हो पा रही है। पुलिस द्वारा नियमित स्पेशल ड्राइव नहीं चलाने से रेसिंग, ओवर स्पीड और स्टंट करने वालों के हौसले बुलंद हैं।

जरूरत सख्त अभियान की

लगातार बढ़ते हादसों को देखते हुए विशेषज्ञों और नागरिकों का कहना है कि हॉटस्पॉट पर ट्रैफिक इंजीनियरिंग सुधार, रात में बेहतर लाइटिंग, स्पीड कैमरे, बाइक जब्ती और नियमित स्पेशल ड्राइव अनिवार्य हैं। जब तक रेसिंग, ओवर स्पीड और स्टंट पर सख्ती नहीं होगी, तब तक कटनी की सडक़ों पर सफर डर का पर्याय बना रहेगा।

वर्जन

ओवर स्पीट, मोडीफाइ साइलेंस लगवाने व स्टंटबाजी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई कराई जाती है। आगे भी अभियान चलाकर कार्रवाई कराएंगे। सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिए जाएंगे। लोगों को भी लगातार यातायात नियमों का पालन करने जागरूक किया जा रहा है।

अभिनय विश्वकर्मा, एसपी।