कटनी

अपने ही विभाग के रिटायर चौकीदार से 20 हजार रिश्वत लेते पकड़ाया बड़ा अफसर, लोकायुक्त की बड़ी कार्रवाई

Bribe Case : जबलपुर लोकायुक्त टीम ने कटनी के जल संसाधन विभाग में बड़ी कार्रवाई की। टीम ने प्रभारी कार्यपालन यंत्री को 20 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा है। हैरानी की बात ये है कि, अफसर ने अपने ही विभाग के रिटायर्ड चौकीदार से 50 हजार रिश्वत की डिमांड की थी।

2 min read
Feb 17, 2026
20 हजार रिश्वत लेते पकड़ाया कार्यपालन यंत्री (Photo Source- Patrika Input)

Bribe Case : जबलपुर लोकायुक्त की टीम ने मंगलवार को भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए मध्य प्रदेश के कटनी जिले के जल संसाधन विभाग के प्रभारी कार्यपालन यंत्री विकार अहमद सिद्दीकी को20 हजार की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। ये कार्रवाई उस समय की गई, जब विभाग के पूर्व कर्मचारी अपने बकाया एरियस भुगतान के लिए उनके निवास पर पहुंचे थे।

बताया जा रहा है कि, कुंवरलाल रजक जल संसाधन विभाग में चौकीदार के पद पर पदस्थ थे और 30 सितंबर 2025 को सेवानिवृत्त हुए थे। विभाग के कुल 9 कर्मचारियों को साल 2011-12 से एरियस की राशि का भुगतान नहीं हुआ था। मजबूर होकर कर्मचारियों ने हाईकोर्ट का रुख किया, जहां 30 अप्रैल 2025 को फैसला कर्मचारियों के पक्ष में आया और एरियस भुगतान के निर्देश दिए गए।

ये भी पढ़ें

कहीं आप तो नहीं खा रहे मसालों में भूसी और लकड़ी का बुरादा? एमपी में मिलावट का बड़ा खेल बेनकाब

8 लाख एरियस के बदले डील

कुंवरलाल रजक को लगभग 8 लाख एरियस राशि मिलनी थी। भुगतान के लिए जब उन्होंने कार्यपालन यंत्री से संपर्क किया तो उन्हें कई दिनों तक टालमटोल किया गया। इसी दौरान कार्यपालन यंत्री ने एरियस भुगतान के बदले 50 हजार रिश्वत की मांग कर दी।

लोकायुक्त में शिकायत और ट्रैप

इतनी मेहनत और कोर्ट से मिले आदेश के बावजूद रिश्वत मांगे जाने से परेशान होकर फरियादी कुंवरलाल रजक ने 25 फरवरी को इसकी शिकायत लोकायुक्त एसपी अंजूलता पटले से की। शिकायत का सत्यापन करने के बाद ट्रैप कार्रवाई की योजना बनाई गई।

घर पर लेते पकड़ा गया रिश्वत

आज सुबह लोकायुक्त की टीम कटनी पहुंची। जैसे ही कुंवरलाल रजक कार्यपालन यंत्री वी.ए. सिद्दीकी के निवास पर पहुंचे और 20 हजार रिश्वत की रकम उन्हें सौंपी, तभी पीछे से लोकायुक्त टीम ने दबिश देकर आरोपी को रंगे हाथों दबोच लिया। कार्रवाई के दौरान आरोपी के होश उड़ गए और वह बार-बार ये कहता रहा कि, वो कुंवरलाल को नहीं जानता और उसने कोई पैसे नहीं लिए।

भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत मामला दर्ज

लोकायुक्त की टीम ने आरोपी कार्यपालन यंत्री को गिरफ्तार कर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। इस कार्रवाई में लोकायुक्त डीएसपी नीतू त्रिपाठी, निरीक्षक रेखा प्रजापति, बृजनंदन नरवरिया, प्रधान आरक्षक राजेश पटेल, जुबैद खान, सोनू चौकसे, अमित दाहिया, राकेश विश्वकर्मा सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे। लोकायुक्त की टीम मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि एरियस भुगतान में और कितने कर्मचारी या अधिकारी इस भ्रष्टाचार में शामिल थे।

ये भी पढ़ें

एमपी के 15 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट, गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की संभावना

Published on:
17 Feb 2026 01:27 pm
Also Read
View All

अगली खबर