गुलाब की खेती से कटनी जिले के एक किसान को अच्छी खासी आमदनी तो हो ही रही है साथ ही उनका गुलाब देश की राजधानी दिल्ली में खुशबू से महफिलों को सराबोर कर रहे हैं। भनपुरा में पैदा किए गए गुलाब के विशेष रंग के फूल की दिल्ली में खासी डिमांड है। जमीन की घटती जोत के कारण फसलों का विविधिकरण करके किसान कम जमीन में अधिक आय लेने लगे हैं।

बालमीक पाण्डेय @ कटनी. गुलाब की खेती से कटनी जिले के एक किसान को अच्छी खासी आमदनी तो हो ही रही है साथ ही उनका गुलाब देश की राजधानी दिल्ली में खुशबू से महफिलों को सराबोर कर रहे हैं। भनपुरा में पैदा किए गए गुलाब के विशेष रंग के फूल की दिल्ली में खासी डिमांड है। जमीन की घटती जोत के कारण फसलों का विविधिकरण करके किसान कम जमीन में अधिक आय लेने लगे हैं। सरकार की स्कीमों का लाभ उठाने के लिए कृषि और बागवानी क्षेत्र के कई किसानों ने पहल की है। उन्हीं में से मिसाल हैं ग्राम भनपुरा नं. 2 निवासी किसान संजीव नैय्यर। दिल्ली की फूल मार्केट में कटनी जिले के भनपुरा स्थित संजीव नैय्यर के पॉली हाउस के गुलाब अपनी अलग पहचान बना रहे हैं। उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग की सुरक्षित खेती योजना के अंतर्गत उद्यानिकी कृषक संजीव नैय्यर को भनपुरा नंबर 2 गांव में स्थित उनकी भूमि पर वर्ष 2016-17 में 33 लाख 76 हजार रुपये की राशि पॉली हाउस के निर्माण के लिये स्वीकृत की गई थी। इसमें कृषक को लागत राशि का लगभ 50 प्रतिशत 16 लाख 88 हजार का अनुदान भी दिया गया। अब गुलाब की पैदावार से न सिर्फ योजना को पंख लगे हैं बल्कि किसान को अच्छी खासी आय हो रही है। फूलों की खेती से जिले के किसान मालामाल हो रहे हैं। वह दौर अब बीते दिनों की बात हो चुकी है, जब किसान सिर्फ परंपरागत खेती तक सीमित थे। किसान की मानें तो उद्यानिकी की फसलों में कम लागत में अधिक मुनाफा मिलने की गारंटी ज्यादातर बनी रहती है।
ऐसे शुरू की खेती
किसान संजीव नैय्यर ने बताया कि उद्यानिकी विभाग कटनी में अपना प्रस्ताव देकर पॉली हाउस स्वीकृत कराया और उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों की देख-रेख में बीएमबी पॉलीट्रेडिंग कंपनी भोपाल के माध्यम से एक एकड़ क्षेत्र अर्थात 4 हजार वर्गमीटर में पॉली हाउस का निर्माण कराया। लगातार मॉनीटरिंग कर खेत में गुलाब की खेती शुरू कराई। समय-समय पर उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों से समसमायिक सलाह लेकर गुलाब के पेड़ों को बेहतर तैयार कराया और आज बढिय़ा पैदावार हो रही है।
ऐसे गुलाब पहुंच रहे दिल्ली
किसान संजीव ने बताया कि अब सीजन में उनके पॉली हाउस से प्रतिदिन निकलने वाली गुलाब की बड सुरक्षित रूप से पैक होकर दिल्ली के बाजार में ट्रेन से जाती है। किसान ने बताया कि सीजन में उन्हें एक लाख रुपये प्रतिमाह शुद्ध आय हो जाती है। स्थानीय मांग के अनुसार वे गुलाब के फूल जबलपुर और कटनी के बाजार में भी उपलब्ध कराते हैं। पॉली हाउस में लगाये गये गुलाब के पौधे 5 वर्ष तक इसी तरह निरन्तर फूल देते रहेंगे।
इनमें भी आजमा रहे हाथ
किसान संजीव परंपरागत खेती से हटकर उद्यानिकी की अन्य फसलों में भी आजमा रहे हैं। कई एकड़ खेत में अनार की फसल भी लहलहा रही है और बढिय़ा पैदावार हो रही है। यूके लिप्टस का प्लांटेशन भी बेहतर बनाया है। गुलाबों की खेती से उत्साहित उद्यानिकी कृषक नैय्यर ने इस वर्ष केले की खेती का भी काम हाथ में लिया है और लगभग 4 एकड़ में टिशुकल्चर से तैयार किए गए पौधे लगाए हैं। जिला उद्यान अधिकारी वीरेन्द्र सिंह ने कहा कि कृषक द्वारा की जा रही गुलाबों की खेती ने खास पहचान बनाई है। केले, अनार की खेती भी खेती को नया आयाम दे रही है।
जिला व किसानों के लिए मिसाल
किसान संजीव नैय्यर कटनी जिले व किसानों के लिए किसी मिसाल से कम नहीं हैं। किसान ने गुलाब के साथ केला, अनार व एप्पल बेर की खेती कर उन सभी भ्रांतियों पर विराम लगाया है जिसमें जिले के किसान अनुकूल जलवायु न होने की बात मानकर इस तरह की खेती नहीं करते थे। संजीव की खेती को देखकर आसपास सहित जिलेभर के सैकड़ों किसान इस तरकीब को अपनाकर उद्यानिकी में बेहतर आयाम स्थापित कर रहे हैं।
खास-खास:
- जिला अधिकारियों के साथ दूर-दूर से कृषक आते हैं नैय्यर के खेत में हुए प्रयोग को देखने।
- पूर्व कलेक्टर केवीएस चौधरी ने इस तरह की खेती को पूरे जिले में किसानों को बताने और प्रेरित करने बनाई थी योजना।
- अनार की पैदावार से किसान ने कमाएं हैं कई लाख रुपये, लगातार बढ़ रहा है उत्पादन।
- बिजनेस से समय निकालकर अपने साथियों को भी खेती के लिए करते हैं किसान नैय्यर प्रेरित।