अहमदाबाद के साबरमति नदी की तर्ज पर संवेरगी इस शहर की 'जीवनदायनी', 20 करोड़ रुपये से होगा सौंदर्यीकरण

कटनी. शहर की जीवनदायनी 'कटनी नदी' को अहमदाबाद के साबरमति नदी की तर्ज पर संवारा जाएगा। इसके लिए तैयारी भी शुरू हो गई है। योजना के मुताबिक शहरवासियों के लिए 2020 बेहद खास रहने वाला है। विकास कार्यों की सौगात के साथ एक बड़ी सौगात मिलने की उम्मीदों को पंख लगेंगे। हम बात कर रहे हैं शहर की जीवनदायनी 'कटनी नदी' की। नदी का स्वरूप एक दम बदल जाएगा।

By: balmeek pandey

Published: 03 Jan 2020, 12:18 PM IST

कटनी. शहर की जीवनदायनी 'कटनी नदी' को अहमदाबाद के साबरमति नदी की तर्ज पर संवारा जाएगा। इसके लिए तैयारी भी शुरू हो गई है। योजना के मुताबिक शहरवासियों के लिए 2020 बेहद खास रहने वाला है। विकास कार्यों की सौगात के साथ एक बड़ी सौगात मिलने की उम्मीदों को पंख लगेंगे। हम बात कर रहे हैं शहर की जीवनदायनी 'कटनी नदी' की। नदी का स्वरूप एक दम बदल जाएगा। यह संभव होगा रिवर फ्रंट प्रोजेक्ट से। 20 करोड़ रुपये की लागत से इस नदी का विशेष सौंदर्यीकरण होगा। इसके लिए जुलाई माह में बने प्रोजेक्ट पर मुहर लग गई है। जिसके लिए नगर निगम ने आवश्यक तैयारी शुरू कर दी है। बता दें कि पिछले दो दशक से कटायेघाट से लेकर नदी बेहद प्रदूषित हो चुकी है। कटनी नदी के बैराज समीप से लेकर आधारकाप तक दोनों किनारों को सुंदर बनाने के लिए निगम ने प्रोजेक्ट तैयार किया है। प्रोजेक्ट के डीपीआर की मुहर सरकार से लग गई है। अब राशि आते ही काम शुरू हो जाएगा। इसके लिए कलेक्टर शशिभूषण सिंह ने भी नदी का निरीक्षण कर कैसे सुंदर बनाया जा सकता है इसको लेकर आयुक्त व निगम अधिकारियों को दिए हैं। जल प्रदूषण को कम करने, जल संरक्षण एवं पर्यावरण सुधार योजना के तहत इस अभियान को कटनी नदी में मूर्त रूप दिया जाएगा। सीवरेज ट्रीटमेंट प्लान्ट से उपचारित पानी का उपयोग गार्डन, उद्योग एवं खेती के लिए किए जाने का प्रावधान है। भू-जल संरक्षण एवं सुधार कार्य के साथ पानी की गुणवत्ता एवं उपलब्धता में सुधार जैसे कार्य किए जाएंगे।

 

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इको पार्क की तरह होगी नदी
नाला क्षेत्र को पक्का करने के साथ-साथ फॉल स्ट्रक्चर चैक डेम का निर्माण करवाया जाएगा। तटों पर वॉक-वे, घूमने वालों के लिए बैठने का स्थान एवं ग्रीन बेल्ट का कार्य करवाया जाना प्रस्तावित है। विभिन्न क्षेत्रों में जहां भूमि की उपलब्धता हैं, वहां पर सौंदर्यीकरण, पर्यटन, पर्यावरण के अनुरूप सौंदर्यीकरण करवाया जाएगा। जिसमें टाउन स्क्वायर, कल्चर प्लाजा, कॉमर्शियल पार्क, फैशन स्ट्रीट, इको पार्क, जॉगिंग पार्क, कम्यूनिटी पार्क, नेचर ट्रेल, फ्लोटिंग पार्क आदि विकसित किए जाने परकाम होगा। आबादी क्षेत्र में टॉयलेट ब्लॉक, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट, पार्किंग आदि पर काम होगा। इसके अलावा क्षेत्र में विद्युत एवं सौर उर्जा से संचालित स्ट्रीट लाईट के प्रावधान के साथ-साथ अनाधिकृत गतिविधियों के नियंत्रण के लिए सीसी टीवी, सर्वलेंस सिस्टम लगवाए जाएंगे।

अतिक्रमण है सबसे बड़ी चुनौती
कटनी के सौंदर्यीकरण में इंजीनियरों ने कहा कि सबसे बड़ी चुनौती अतिक्रमण होगी। नदी से सटकर लोगों ने आवास, आद्यौगिक भवन बने हैं। बाउंड्रीवॉल सहित कई प्रयोजन के लिए नदी को छेड़ा गया है उन्हें हटाना सबसे बड़ी चुनौती है। इसके अलावा जबतक नदी में नर्मदा जल नहीं आ जाता तबतक उसे लेवल को भी मेंटेन करने में समस्या होगी।

 

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खास-खास:
- पौधे लगाने के साथ छोटे-छोटे गार्डन होंगे तैयार, बनेंगे ऑक्सीजन टैंक।
- पार्कों व तटों पर बैठने के लिए बैंचों व फव्वारे लगाने की भी है योजना।
- जुलाई माह में राज्य शासन को भेजा गया था प्रस्ताव, अबजाकर लगी मुहर।
- नदी तटों पर पैदल टै्रक के साथ लगाए जाएंगे मनोरंजन के साधन।
- गाटरघाट, मोहन घाट, मसुरहा घाट जैसे स्थानों में लगेंगे ठेेले व झूले।
- नदी तट पर छोटी-छोटी चौपाटी भी होंगी विकसित, रोजगार के बढेंगे अवसर।

इन बातों पर होगा विशेष फोकस
- नदी के दोनों ओर लैंड स्केपिंग की जाएगी, वाटर ट्रीटमेंट प्लांट, सीवरेज-ड्रेनेज, सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट, प्लांटेशन और पानी रोकने के लिए चेक डैम का निर्माण होगा, बारिश के पानी को जमा करने के लिए स्ट्रॉम वाटर ड्रेनेज सिस्टम भी बनेगा।
- भू-गर्भ जल स्तर में काफी गिरावट आई है, नदी में चेक डैम बनने से हमेशा पानी रहेगा, इससे जल स्तर भी रिचार्ज होगा, सीवरेज-ड्रेनेज बनने से नदी में आसपास के क्षेत्र का गंदा पानी नहीं जाएगा, इससे नदी का पानी साफ रहेगा जिसका उपयोग नहाने-धोने के लिए होगा।
- नदी के दोनों किनारे लाइटिंग, कैफेटेरिया आदि की व्यवस्था होगी, इससे टूरिस्ट भी यहां आकर समय बिता सकेंगे, इससे नदी निर्मल होगी, शहर का सौंदयीकरण होगा, जल संरक्षण की दिशा में नया संदेश जाएगा।

 

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यह होगा शहरवासियों को फायदा
नदी का जीर्णोद्वार होने से कटनी के लोगों को एक साफ-सुथरी और सुंदर नदी शहर के बीचोबीच मिल जाएगी। अभी इस नदी व आसपास बहुत ज्यादा प्रदूषण है। जिसके कारण यहां के आसपास के लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। अगर यह नदी संवर जाएगी तो और जहां यहां के लोगों को गंदगी से मुक्ति मिल जाएगी वहीं एक धरोहर भी बच जाएगी क्योंकि कटनी के लिए यह नदी धरोहर है। नदी के सौंदर्यीकरण होने से यह एक टूरिस्ट प्लेस के रूप में विकसित हो जाएगा। लोग यहां पर फैमिली और फ्रेंड्स के साथ पिकनिक मनाने आएंगे। बाहर से भी पर्यटक यहां आएंगे। साथ ही दीपदान, छठ, पितृ तर्पण सहित अन्य महापर्व के भी लोग यहां पूजा करने आएंगे। इसके साथ ही इस नदी को शहर में एक नई पहचान मिल जाएगी।

इनका कहना है
20 करोड़ की लागत से कटनी का सौंदर्यीकरण कराया जाएगा। अहमदाबाद प्रोजेक्ट की तर्ज पर इसमें काम होगा। नर्दी को निर्मल करने सहित पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने काम होगा। कोशिश रहेगी कि 2020 में इस काम को पूरा करा दिए जाए।
आरपी सिंह, आयुक्त नगर निगम।

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