पात्रता पर्ची सत्यापन में प्रदेश का यह जिला फिसड्डी, प्रदेश में 47वां स्थान, इन अफसरों की बेपरवाही पर बिफरे कलेक्टर

जिले में पात्रता पर्ची सत्यापन को लेकर गंभीर लापरवाही सामने आई है। दिसंबर माह में दो लाख 15 हजार 442 हितग्राहियों का सत्यापन 1127 दलों द्वारा किया जाना था। 31 दिसंबर के पहले तक सत्यापन सर्वे रिपोर्ट ऑनलाइन फीड करनी थी, लेकिन जानकर ताज्जबु होगा कि सर्वे अभी 10 फीसदी भी नहीं हुआ है।

By: balmeek pandey

Published: 03 Jan 2020, 11:45 AM IST

कटनी. जिले में पात्रता पर्ची सत्यापन को लेकर गंभीर लापरवाही सामने आई है। दिसंबर माह में दो लाख 15 हजार 442 हितग्राहियों का सत्यापन 1127 दलों द्वारा किया जाना था। 31 दिसंबर के पहले तक सत्यापन सर्वे रिपोर्ट ऑनलाइन फीड करनी थी, लेकिन जानकर ताज्जबु होगा कि सर्वे अभी 10 फीसदी भी नहीं हुआ है। अभी तक मात्र 579 दलों ने ही सत्यापन का कार्य शुरू किया है। उल्लेखनीय है कि समर्थवान होने के बाद भी स्थानीय अधिकारी-कर्मचारियों से सांठगांठ कर उचित मूल्य से राशन प्राप्त करने वाले लोगों को अलग करने सत्यापन कार्य सरकार द्वारा कराया जा रहा है। सरकार के इस महत्वपूर्ण कार्य में बेपरवाही बरती जा रही है। पूरे प्रदेश में कटनी जिला फिसड्डी है। 47वें पायदान पर कटनी जिला है। कलेक्टर शशिभूषण के सख्त निर्देश के बाद भी दलों द्वारा काम में प्रगति नहीं लाई गई। इतना ही नहीं अधिकांश ने तो काम ही नहीं शुरू किया। अभी तक दलों ने मात्र 7 हजार 280 परिवारों का ही सत्यापन किया है। हालांकि अभी अपात्रों को अलग नहीं किया जा रहा। सर्वे पूरा होने के बाद एकसाथ पोर्टल से नाम हटा दिए जाएंगे। खास बात यह है कि जो अपात्र है उसे तत्काल अपरात्र नहीं कर रहे, संदिग्ध की श्रेणी में रखा जा रह ाहै, दावा आपत्ति ली जाएगी, सुनवाई का अवसर देने के बाद उचित दस्तावेज न प्रस्तुत करने व जनपद, नगर की सदन में मामले को रखा जाएगा, इसके बाद निर्णय लिया जाएगा।

 

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अभी यह है परिवारों की स्थिति
जिले में 26 हजार 107 परिवार एससी और एसटी के हैं। जिनकी सदस्य संख्या एक लाख 13 हजार 760 है। अनाथ आश्रम में 68, एससी 106, एसटी 93, एएवाय 10 हजार 620, केश शिल्पी 35, पंजीकृत चालक-परिचालक 46, बंद पड़ी मिलों में नियोजित श्रमिक 52, बीपीएल कार्डधारी हैं एक लाख 52 हजार 150 जिनकी सदस्य संख्या 6 लाख 79 हजार 427 है। बीपीएल एएवाय के 584, बीड़ी श्रमिक 4 हजार 897, बुनकर एवं शिल्प 10, भवन एवं संनिर्माण 12 हजार 643, भूमिहीन कोटवार 3, मंदबुद्धि, बहुविकलांग 511, मछुआरे 53, मजदूर सुरक्षा 3 हजार 353, कुली 18, वनाधिकार प्राप्त पट्टाधारी 303, ठेला चालक 13, घरेलू कामकाजी महिला 40, सामाजिक सुरक्षा पेंशनधारी 3 हजार 465, हम्माल एवं तुलावटी 66 हॉकर 41 हैं। जिले में कुल पात्र परिवार 2 लाख 15 हजार 442 हैं।

 

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ऐसे किया जा रहा सर्वे
लाभार्थी सत्यापन दल के मोबाइल में 'एम राशन मित्र एपÓ से सत्यापन हो रहा है। इसमें क्षेत्र के अनुसार पात्रता पर्ची दिख रही है, सत्यापन आदि की जानकारी दिख रही है। पर्ची में डिटेल आ रही है, उसी से सत्यापन किया जा रहा है। इसमें समग्र आइडी, आधार कार्ड आदि दर्ज करते ही संपूर्ण जानकारी परिवार की एप में खुल रही है। ऑन द स्पॉट बिंदुवार ऑनलाइन डाटा फीड किया जा रहा है। लास्ट में डाटा फीड होने के बाद समीक्षा की जाएगी। इसमें हितग्राही को जाति प्रमाण पत्र, पता, बीपीएल का प्रमाण पत्र दिखाना अनिवार्य किया गया है।

यह है सत्यापन कार्य की स्थिति
निकाय लक्ष्य दल सत्यापन
कटनी 20946 109 241
ढीमरखेड़ा 36989 192 2148
बड़वारा 32106 164 198
बहोरीबंद 39483 208 803
रीठी 28986 153 1907
विगढ़ 32052 162 1368
कटनीनगर 18977 107 15
नपं कैमोर 2823 15 73
बरही 1923 10 480
विगढनगऱ 1157 07 47
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योग 215442 1127 7280
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खास-खास:
- एप में यदि किसी हितग्राही के पास चार, तीन पहिया वाहन, पक्का मकान, घर में आयकर दाता, घर में कोई सर्विस में तो इसकी जानकारी की जा रही अंकित। इस कायम में ग्राम पंचायत सचिव, रोजगार सहायक, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, पटवारी, नगर निगम के कर्मचारी नगरीय क्षेत्र में, नगर परिषद क्षेत्र में कर्मचारी कर रहे काम।
- 10 दल के ऊपर एक-एक सुपरवाइजर लगे हैं। पंचायत समन्वयक, मंडी कर्मचारी पर्यवेक्षण में लगाए गए है। आरआइ भी कार्य की कर रहे हैं मॉनीटरिंग।
- पहले एप में गड़बड़ी के कारण हुई देरी, फिर कर्मचारी काम करने से आनाकानी कर रहे थे। कई बार ज्ञापन, प्रदर्शन किया इससे भी सत्यापन कार्य लेट हुआ।
- शासन-प्रशासन के आदेश के बाद अब काम कर रहे हैं, उसमें भी नहीं है तेजी, जबकि कलेक्टर ने सभी एसडीएम को मॉनीटरिंग कर सख्त कार्रवाई करने दिए हैं निर्देश।
- जो कर्मचारी समय पर काम नहीं कर रहे उनके खिलाफ नहीं हो रही कार्रवाई, एक सप्ताह में 20 फीसदी बढ़ोत्तरी लाने के निर्देश पर भी नहीं हो रहा अमल।

इनका कहना है
सत्यापन कार्य दिसंबर में पूरा होना था, लेकिन सत्यापन दल द्वारा समय पर काम शुरू नहीं किया गया। अब तेजी आई है। जो काम नहीं कर रहे उन पर वैधानिक कार्रवाई होगी। शीघ्र सत्यापन कार्य हो जाए इस पर ध्यान दिया जाएगा।
पीके श्रीवास्तव, जिला खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी।

 

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जिपं सीइओ और एसडीएम को नोटिस
पात्रता पर्ची सत्यापन में लापरवाही बरतने वाले प्रमुख अधिकारियों को कलेक्टर ने नोटिस जारी किया है। सीइओ जिला पंचायत, जिले के सभी एसडीएम और नगर निगम आयुक्त सहित नगर परिषद के सीएमओ को जारी नोटिस में सत्यापन कार्य में तेजी लाने कहा गया है। कलेक्टर एसबी सिंह ने इन अधिकारियों को नोटिस जारी कर कहा है कि जिन कर्मचारियों को पात्रता पर्ची सत्यापन की जवाबदारी दी गई है, उनके कार्यों की समीक्षा की जाए। लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों पर ठोस कार्रवाई की जाए। उल्लेखनीय है कि पात्रता पर्ची सत्यापन में बेपरवाही को लेकर पत्रिका में 2 जनवरी को प्रमुखता से खबर प्रकाशित हुई थी। खासबात यह है कि दिसंबर माह तक पूरी होने वाली प्रक्रिया में अब तक महज 10 फीसदी काम भी पूरा नहीं हुआ है। दिसंबर माह तक जिलेभर में 15 हजार 442 हितग्राहियों का सत्यापन करना था। इसके लिए 1127 दल का गठन किया गया है। इसमें 579 दलों ने ही सत्यापन के लिए सर्वे का कार्य शुरू किया है।

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