गत वर्ष की अपेक्षा 10 हजार से अधिक किसानों ने कराया पंजीयन, अभी आज भी है अन्नदाता को मौका
कटनी. सरकार द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 में गेहूं का समर्थन मूल्य लगभग 160 रुपए बढ़ा दिया गया है, जिसके बाद किसानों ने पंजीयन में रुचि दिखाई है। गत वर्ष की तुलना में इस वर्ष 10 हजार से अधिक किसानों के पंजीयन बढ़े हैं। जानकारी के अनुसार 2025 में 42 हजार 307 किसानों ने पंजीयन कराया था, वहीं अबतक जिले में 52 हजार 991 किसानों ने पंजीयन करा लिया है।
जिला खाद्य अधिकारी सज्जन सिंह परिहार ने 7 फरवरी से शुरू हुए पंजीयन में कटनी के 52 हजार 991 किसानों ने अपना पंजीयन कराया है। कलेक्टर आशीष तिवारी के निर्देश पर जिले में समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन के लिए 55 पंजीयन केंद्र बनाए गए थे।
समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन के लिए तहसील बहोरीबंद में 10 हजार 826, ढीमरखेड़ा में 9 हजार 748 और विजयराघवगढ़ में 6 हजार 780 किसानों ने पंजीयन कराया है। इसी प्रकार तहसील रीठी में 5 हजार 411, बड़वारा में 5 हजार 43 और बरही में 4 हजार 87 किसानों ने पंजीयन कराया है। इसके अलावा तहसील कटनी नगर में 2 हजार 951 व कटनी में 2 हजार 778 किसनों ने अपना पंजीयन कराया है।
कटनी जिले में समर्थन मूल्य पर 23 मार्च से गेहूं की खरीदी शुरू होगी। इस वर्ष 2 हजार 625 रुपए प्रति क्विंटल की दर पर किसानों से गेहूं का उपार्जन किया जाएगा। केन्द्र सरकार द्वारा गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 2 हजार 585 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है, जो गत वर्ष से 160 रूपये अधिक है। वहीं म.प्र. सरकार द्वारा 40 रुपए प्रति क्विंटल बोनस दिया जाएगा।
किसान द्वारा समर्थन मूल्य पर विक्रय उपज का भुगतान प्राथमिकता के आधार पर किसान के आधार लिंक बैंक खाते में किया जाएगा। किसान के आधार लिंक बैंक खाते में भुगतान करने में किसी कारण से समस्या उत्पन्न होने पर किसान द्वारा पंजीयन में उपलब्ध कराये गए बैंक खाते में भुगतान किया जा सकेगा। किसानों का कहना है कि सिंचाई की सुविधा मिलने, मौसम अनुकूल रहने के कारण गेहूं की बोवनी का रकबा बढ़ा है। किसानों की संख्या भी बंटाकन के कारण बढ़ी है।