दो जिलों का फोर्स और एसएफ बटालियन तैनात, फिर भी प्रतिबंधित क्षेत्र में आतिशबाजी, अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज, बरही का मामला
कटनी. मुख्यमंत्री के विजयराघवगढ़ विधानसभा के बरही दौरे के दौरान हुई सुरक्षा चूक व पत्रिका के खुलासे के बाद अब आधिकारिक तौर पर सामने आ गई है। पुलिस ने हेलीपैड के समीप प्रतिबंधित क्षेत्र में पटाखे फोडऩे की घटना को गंभीर मानते हुए एफआईआर दर्ज कर ली है। इस घटना ने वीआईपी सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है, क्योंकि भारी सुरक्षा इंतजामों के बावजूद ऐसी चूक हुई, जिससे बड़ा हादसा भी हो सकता था।
पुलिस एफआईआर के अनुसार 14 मार्च को किसान सम्मेलन में मुख्यमंत्री के आगमन के दौरान हेलीकॉप्टर की लैंडिंग से ठीक पहले हाई स्कूल बरही मैदान स्थित हेलीपैड के पास बाउंड्री के बाहर किसी अज्ञात व्यक्ति ने पटाखों की लड़ी जला दी। यह पूरा क्षेत्र प्रतिबंधित था और यहां किसी भी प्रकार की गतिविधि सख्त रूप से वर्जित थी। इस दौरान सुरक्षा में दो जिलों का पुलिस बल, स्पेशल फोर्स (एसएफ) बटालियन और स्थानीय प्रशासन मुस्तैद था। इसके बावजूद प्रतिबंधित क्षेत्र तक आतिशबाजी का पहुंच जाना सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। पुलिस ने खुद माना है कि यह घटना जानलेवा साबित हो सकती थी, क्योंकि हेलीकॉप्टर लैंडिंग के दौरान किसी भी तरह की अप्रत्याशित गतिविधि बड़ा खतरा पैदा कर सकती है। हालांकि यह मामला सामने आने के बाद सुरक्षा एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। इतनी कड़ी सुरक्षा के बीच यदि कोई व्यक्ति प्रतिबंधित क्षेत्र में आतिशबाजी कर सकता है, तो यह केवल चूक नहीं बल्कि गंभीर लापरवाही मानी जा रही है।
थाना बरही में बरही थाना प्रभारी अरविंद चौबे की शिकायत पर अज्ञात आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 125 और 287 के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि प्रतिबंधित क्षेत्र में पटाखे कैसे पहुंचे और इसके पीछे कौन लोग जिम्मेदार हैं। सूत्रों के अनुसार एक क्षेत्रीय नेता के समर्थकों के द्वारा सीएम के स्वागत में यहां आतिशबाजी की गई थी। हालांकि थाना प्रभारी अरविंद चौबे इस एफआईआर को मंगलवार तक छिपाते रहे।
सीएम की सुरक्षा में हुई चूक के इस गंभीर मामले की जांच पुलिस अधीक्षक ने विजयराघवगढ़ एसडीओपी को सौंपी है। एसडीओपी सात दिन में जांच पूरी कर रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे। बताया जा रहा है कि हेलीपेड ड्यूटी पर तैनात अधिकारी व स्थानीय अधिकारियों पर कार्रवाई प्रस्तावित की जा सकती है। लापरवाह पुलिस का आलम यह है कि एफआईआर के दो दिन बाद भी पुलिस आरोपियों को चिन्हित नहीं कर सकी है।
मुख्यमंत्री के बरही दौरे के दौरान हेलीपेड के समीप हुई आतिशबाजी के प्रकरण मेंं अज्ञात आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। विजयराघवगढ़ एसडीओपी इसकी जांच कर रहे हैं।