वित्तीय वर्ष समाप्ति में 38 दिन शेष, वसूली तेज करने नोटिस-कुर्की तक की कार्रवाई, कई विभाग अभी चल रहे हैं पीछे
कटनी. चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 की समाप्ति में अब महज 38 दिन शेष रह गए हैं। ऐसे में कटनी में राजस्व लक्ष्य को लेकर प्रशासनिक महकमे पर दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। नगर निगम, आबकारी, खनिज, पंजीयक कार्यालय, मंडी समिति सहित अन्य विभाग अपने-अपने लक्ष्य पूरे करने के लिए दिन-रात जुटे हुए हैं। हालांकि कई विभागों की वसूली अभी भी लक्ष्य से पीछे चल रही है, जिससे अधिकारियों की चिंता बढ़ गई है।
राजस्व वसूली को तेज करने के लिए बकायादारों को नोटिस जारी किए जा रहे हैं। इसके साथ ही कुर्की, तालाबंदी और मौके पर वसूली जैसी सख्त कार्रवाइयां भी शुरू कर दी गई हैं। लंबे समय से टैक्स जमा नहीं करने वालों पर विशेष नजर रखी जा रही है। दबाव बढऩे के बाद अधिकारी और कर्मचारी भी सक्रिय नजर आने लगे हैं और फील्ड में जाकर वसूली अभियान चला रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार, आबकारी और खनिज विभाग को बड़े लक्ष्य पूरे करने हैं, जबकि नगर निगम को संपत्ति कर, जलकर और अन्य करों की वसूली में तेजी लानी पड़ रही है। मंडी समिति भी शुल्क वसूली को लेकर सक्रिय है। प्रशासन का प्रयास है कि वित्तीय वर्ष की समाप्ति से पहले अधिकतम राजस्व संग्रह कर शासन को लक्ष्य के अनुरूप रिपोर्ट भेजी जा सके।
परिवहन विभाग भी वित्तीय वर्ष के लक्ष्य को पूरा करने के लिए टैक्स जमा कराए जाने को लेकर पहल कर रहा है। विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार वित्तीय वर्ष का लक्ष्य 63 करोड़ रुपए तय किया गया था। अबतक 49 करोड़ रुपए का राजस्व सरकार के खजाने में जमा हो चुका है। लगभग 14 लाख रुपए का राजस्व 38 दिनों में और जमा कराना है।
जिला पंजीयक विभाग में भी राजस्व प्राप्ति के लक्ष्य को लेकर काम चल रहा है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में 149 करोड़ रुपए का लक्ष्य तय किया गया था। जिला पंजीयक के अनुसार अबतक विभाग को 107 करोड़ रुपए का राजस्व प्राप्त हो चुका है। वित्तीय वर्ष के समाप्ति तक लक्ष्य को पूरा करने प्रयास जारी है।
नगर निगम भी लक्ष्य को पूरा करने के लिए जुटा हुआ है। अवकाश के दिनों में भी कार्यालय खोलकर व शिविर आयोजित कर रास्व वसूली की जा रही है। हालांकि नगर निगम अभी लक्ष्य से काफी पीछे चल रहा है। नगर निगम इस साल जलकर से सालाना 6 करोड़ रुपए की डिमांड है, अबतक 3 करोड़ रुपए साल हाल आ गया है। 2 करोड़ रुपए पुराना जमा हो गया है। कुल मिलाकर 58 करोड़ रुपए वसूल किए जाने हैं। वहीं अबतक 28 करोड़ रुपए जमा हो गए हैं। संपत्तिकर में 10 करोड़ के आसपास रिकवरी हो गई है।
जिला आबकारी विभाग भी वित्तीय वर्ष 2025-26 के मिले लक्ष्य के करीब पहुंच रहा है। जिला आबकारी अधिकारी विभा मरकाम के अनुसार 378 करोड़ रुपए निष्पादन मूल्य का लक्ष्य तय किया गया था। अबतक 302 करोड़ रुपए जमा हो चुके हैं। वित्तीय वर्ष समाप्ति के पहले तक 76 करोड़ रुपए और जमा कराया जाना है।
खनिज विभाग भी वित्तीय वर्ष की लक्ष्य को प्राप्त करने में जुटा हुआ है। जिला खनिज अधिकारी डॉ. रत्नेश दीक्षित के अनुसार खनिज विभाग को 200 करोड़ रुपए से अधिक का लक्ष्य दिया गया है। अबतक 125 करोड़ रुपए जमा हो गया है। शेष राशि जमा कराने विभाग की कवायद जारी है।
कृषि उपज मंडी पहरुआ में इस साल 30 करोड़ रुपए के राजस्व प्राप्ति का लक्ष्य तय किया गया है। मंडी सचिव किशोर नरगावे के अनुसार अबतक 21 करोड़ रुपए जमा हो गए हैं। लगभग 9 करोड़ रुपए फरवरी व मार्च माह में जमा कराने हैं। हालांकि दलहन में टैक्स पर मिली छूट के चलते लगभग 11 करोड़ रुपए की राहत मिल गई है।