कटनी

Hanuman Jayanti 2024: यहां विराजित 11 मुखी हनुमान, भगवान के स्पष्ट स्वरूपों वाला देश का पहला मंदिर

- यहां विराजित 11 मुखी हनुमान - स्पष्ट स्वरूपों का देशभर में पहला मंदिर - चैत्र माह की पूर्णिमा तिथि पर मनाते हैं हनुमान जयंती - कटनी-जबलपुर सीमा पर है 11 मुखी हनुमान मंदिर
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Apr 23, 2024
11 mukhi mandir

हर साल चैत्र माह की पूर्णिमा तिथि के अवसर पर हनुमान जयंती का पर्व मनाया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन पवन पुत्र हनुमान जी का जन्म हुआ था। इसी के चलते आज के दिन देशभर में धूमधाम से हनुमान जयंती मनाई जाती है। इसी बीच मध्य प्रदेश के गांव-गांव विराजित हनुमान मंदिरों में भक्त धूम धाम से पूजन पाठ कर धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन करवा रहे हैं।

एक मुखी और पंचमुखी हनुमान मंदिरों के अपनी अलग पहचान है। लेकिन, मध्य प्रदेश के कटनी और जबलपुर जिले की सीमा पर स्थित 11 मुखी हनुमान मंदिर को लेकर भक्तों की अलग ही धारणा है। मानना के अनुसार, ये भारतवर्ष में पहला स्पष्ट स्वरूपों वाला मंदिर है। पूर्व सरपंच शिवराम राजभर के अनुसार, संत श्री दामोदरदास महाराज जी की प्रेरणा और इटौली के विद्वान नंद कुमार शास्त्री जी के द्वारा 11 मुखी हनुमान जी की प्राणप्रतिष्ठा साल 2006 में करवाई थी।

यहां एक प्रतिमा में होते हैं भगवान के 11 स्वरूपों के दर्शन

भगवान के 11 स्वरूप हैं, 22 भुजाएं हैं, एकादश हनुमान कवच में भगवान के 11 स्वरूपों का वर्णन है। उन्ही स्वरूपों के तहत भगवान की मूर्ति कटनी जिले के बिलहरी गांव के कलाकारों द्वारा बनवाई है। भगवान की प्राण प्रतिष्ठा के बाद भगवान का नाम बजरांग देव रखा गया है। दूर-दूर से भक्त 11 मुखी हनुमान मंदिर के दर्शन करने आते हैं।

भगवान के स्पष्ट स्वरूपों वाला देश का पहला मंदिर

वहीं इसके पहले भारत में जो भी 11 मुखी हनुमान मंदिर थे, उनके मुख्य स्पष्ट नहीं थे। पत्थर की शिला में कल्पना की गई थी। लेकिन, चंडीघाट में प्रतिमा विराजमान होने के बाद इस स्थान की प्रेरणा से दूसरे मंदिरों का निर्माण कराया गया। हनुमान जन्मोत्सव के अवसर पर यहां आज सुबह से ही दूर-दूर से भगवान गणेश की पूजा करने दूर दूर से भक्तों के यहां आने का सिलसिला जारी है।

Published on:
23 Apr 2024 05:57 pm