
कटनी. शहरवासियों को रियायती दरों पर भूखंड उपलब्ध कराने के लिए शहर के बीचोंबीच बनी नगर सुधार न्यास की योजना क्रमांक 3 और 17 भले ही धरातल पर नहीं उतर पाई है लेकिन इस योजना के लिए अधिग्रहित जमीनों पर भूमाफियाओं की नजर गढ़ गई है। नगरनिगम द्वारा योजना से जमीनों को विमुक्त न किए जाने के बावजूद खरीद-फरोख्त शुरू हो गई है। मामले में एडवोकेट संजय पांडे द्वारा कलेक्टर, नगरनिगम कमिश्नर, महापौर सहित अन्य अधिकारियों से शिकायत पर जमीन की खरीद-फरोख्त रोके जाने की मांग की गई है।
शिकायत में बताया गया है कि नगरनिगम (तत्कालीन नगर सुधार न्यास) ने ग्राम बरगवां कटनी के खसरा नंबर 211/2 रकवा 3.405 हेक्टेयर, खसरा नंबर 209/5 रकवा 0.263 हेक्टेयर, खसरा नंबर 209/4 रकवा 0.312 हे., खसरा क्रमांक 210/1 रकवा 2.395 हे. कुल रकवा 6.339 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया गया था। भूमि का भौतिक सत्यापन भी नगरनिगम ने भूस्वामी से प्राप्त कर लिया था। भूअर्जन के बाद भूमि पर सडक़, नाली, पानी की टंकी सहित अन्य विकासकार्य कराए गए और व्यवसायकि व आवासीय भूखंडों का आवंटन शुरू किया गया। यहीं पर एलआइसी को भूमि का आवंटन किया गया जो वर्तमान में नगरनिगम की संपत्ति है। शिकायत में बताया गया है कि योजना को लेकर विस्तृत क्रियान्वयन नहीं किया गया और न ही योजना बंद की गई, इसके बावजूद भूस्वामी द्वारा जमीनों की नगरनिगम अधिकारियों से मिलीभगत कर खरीद-फरोख्त की जा रही है।
निगम ने खरीद-फरोख्त रोकने सिर्फ पत्र लिखा
जानकारी के अनुसार योजना क्रमांक 17 की जमीन के विक्रय को लेकर नगरनिगम के पास भी लगातार शिकायतें पहुंची। जिसके बाद अफसरों ने 3 अक्टूबर 2023 को रजिस्ट्रार को पत्र लिखा और हवाला दिया कि भूमि का अधिग्रहण नगरनिगम द्वारा किया गया है, जिसे कुछ अज्ञात लोगों द्वारा स्वयं की भूमि बताकर बेचा जा रहा है। हालांकि इस पत्र के बाद नगरनिगम ने कोई कार्रवाई नहीं की।
इनका कहना
नगर सुधार न्यास की योजना क्रमांक 3 व 17 की जमीनों का विक्रय किए जाने संबंधी शिकायत मिली है। योजना के लिए अधिग्रहित जमीनों की जांच की जाएगी। दस्तावेजों का परीक्षण कर मामले में नियमानुसार कार्रवाई करेंगे।
नीलेश दुबे, आयुक्त, नगरनिगम