- कद्दू वीएनआर-पी-4 किसान के लिए वरदान, प्रतिदिन हो रही 60 हजार रुपये की आमदनी, 15 एकड़ में की है कद्दू की खेती, उद्यानिकी विभाग की पहल से किसान बने मिसाल।- ढीमरखेड़ा तहसील क्षेत्र के ग्राम इमलिया निवासी कमलेश हल्दकार, जिन्होंने 15 एकड़ में कद्दू की फसल लगाई है। खास बात यह है कि बहुत कम लागत में की गई इस खेती से किसान को प्रतिदिन हजारों रुपये की आमदनी हो रही है। - ढीमरखेड़ा ब्लॉक के ग्राम इमलिया में किसान कमलेश हल्दकार ने 15 एकड़ में कद्दू लगाया है। किसान ने बताया कि 15 एकड़ में प्रतिदिन 60 से 70 क्विंटल कद्दू का उत्पादन हो रहा है। - कद्दू वीएनआर-पी-4 प्रजाति लगाई है, जिसकी अच्छी खासी पैदावार हो रही है। उद्यानिकी अधिकारी के अनुसार कद्दू वीएनआर-पी-4 खास प्रजाति की फसल है।

कटनी. कहते हैं यदि खेती जानकार की सलाह और अच्छी तकनीकी के साथ की जाए तो निश्चित ही किसानों को सफलता मिलती है। पिछले कुछ वर्षों से जिले में कई कृषक उन्नत कृषि कर मिसाल बन रहे हैं। ऐसे ही किसान हैं ढीमरखेड़ा तहसील क्षेत्र के ग्राम इमलिया निवासी कमलेश हल्दकार, जिन्होंने 20 एकड़ में कद्दू की फसल लगाई है। खास बात यह है कि बहुत कम लागत में की गई इस खेती से किसान को प्रतिदिन हजारों रुपये की आमदनी हो रही है। कमलेश हल्दकार के अनुसार 20 एकड़ में प्रतिदिन 60 से 70 क्विंटल कद्दू का उत्पादन हो रहा है। कद्दू वीएनआर-पी-4 प्रजाति लगाई है, जिसकी अच्छी खासी पैदावार हो रही है। यह कम समय में तैयार होती है। कद्दू शहर सहित जबलपुर, मैहर, रीवा, सतना, अतर्रा, छत्तीसगढ, उत्तर प्रदेश सहित अन्य जगह सप्लाई हो रही है। कुछ व्यापारी सीधे खेत से ही कद्दू ले रहे हैं तो वहीं अन्य शहरों की मंडियों में कद्दू डिमांड के अनुसार भेजा जा रहा है। किसान के अनुसार पूरे समय में एक एकड़ 13 टन कद्दू का उत्पादन होगा। कंपनी के बताए अनुसार बराबर फसल का उत्पादन हो रहा है। प्रति एकड़ में 15 से 16 हजार रुपये की लागत आ रही है।
5 से 8 रुपये बिक रहा कद्दू
किसान को पिछले कुछ दिनों से कद्दू उत्पादन के माध्यम से 50 हजार रुपये से अधिक की आमदनी हर दिन हो रही है। बाजार में कद्दू फुटकर में 10 से 12 रुपये प्रतिकिलोग्राम बिक रहा है। थोक में 5 से 8 रुपये तक भाव मिल रहा है। खास बात यह है कि कद्दू को बेचने के लिए किसान को विशेष परेशानी का सामना नहीं करना पड़ रहा। कद्दू अब सिर्फ शादी समारोह और किसी आयोजन में सब्जी के लिए नहीं बल्कि अब हर घर में इसे पसंद किया जाने लगा है। बाजार में बढ़ती मांग के अनुसार किसान कद्दू की खेती में हाथ आजमा रहे हैं।
इनका कहना है
किसान कमलेश हल्दकार को उद्यानिकी के माध्यम से सब्जी लगाने के लिए प्रेरित किया गया था। उन्होंने कद्दू वीएनआर-पी-4 की फसल तैयार की और अच्छा मुनाफा कमा रहे हैं। जिले के किसानों को नकदी फसलों से जोडऩे प्रयास किया जा रहा है, ताकि उनकी आमदनी ज्यादा से ज्यादा बढ़े।
वीरेंद्र सिंह, उप संचालक उद्यानिकी।