कटनी

शहर के बदहाल हाल: हर साल बढ़ रहा बजट, हो रहे विकास के दावे, फिर भी की प्रोजेक्ट अधूरे

कई वार्ड भी विकास से अछूते, संसाधनों का भी है अभाव, फंड के अभाव में रुके हैं कई काम, 15 अप्रेल को होगा नगर निगम का सामान्य व बजट सम्मिलन, कई प्रस्तावों पर होगी चर्चा, एजेंडा जारी, जलकर, संपत्तिकर और ट्रेड लाइसेंस संशोधन सहित कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव शामिल

4 min read
Apr 09, 2026
Katni Asias Largest Rail Bridge(फोटो सोर्स: सोशल मीडिया)

बालमीक पांडेय @ कटनी. कटनी शहर में नगर पालिक निगम का गठन 1 जनवरी 1981 को हुआ और 1994 में नगर सुधारान्यास का विघटन किया गया। 45 वार्डों वाले इस शहर में 2011 की जनगणना के अनुसार 2 लाख 21 हजार 883 आबादी थी, जिसे वर्तमान में 2 लाख 50 हजार माना जा रहा है जबकि इससे कहीं ज्यादा है। 69 वर्गकिलोमीटर वाले इस शहर में कई कई नगर सरकारें बनीं, विकास के दावे कर सत्ता के शिखर तक पहुंचे, लेकिन विकास में ढांक के तीन पांत जैसी कहानी अब भी जारी है।
नगर निगम में हर साल नया बजट जारी होता है, सालदर साल बढ़ रहा है, बावजूद इसके शहर विकास और मूलभूत सुविधाओं के लिए बाट जोह रहा है। इसका दंश खून-पसीने की कमाई का कतरा टैक्स के रूप में जमा करने वाली जनता भुगत रही है। इस साल फिर बजट 617 करोड़ रुपए निर्धारित किया गया है, लेकिन वर्तमान नगर सरकार के दावों और वादों के अनुसार अपेक्षित सुधार किसी भी क्षेत्र में नजर नहीं आ रहा। (nagar nigam katni budget)

ये भी पढ़ें

योजना-17 जमीन सौदे में कैमोर नपा अध्यक्ष को नोटिस, कलेक्टर ने गठित की जांच टीम

बजट खूब उड़ा, लेकिन विकास अधूरा

हर साल भारी-भरकम बजट बन रहा है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 617 करोड़ रुपए बजट तैयार किया गया है। लगभग 85 लाख रुपए फायदे का बजट बताया जा रहा है। शहर की ढाई लाख आबादी के मान से बात की जाए तो प्रति व्यक्ति खर्च 24 हजार 680 रुपए है। बावजूद इसके शहर विकास से एकदम कोसों दूर है। 24 घंटे शुद्ध पेयजल देने का वादा कर लिया जा रहा जलकर, 35 से 40 एमएलडी की जगह 25 एमएलडी पानी की सप्लाई हो रही है। शहर में उबड़-खाबड़ सडक़ें, तारों का मकडज़ाल के साथ सफाई व्यवस्था बेहतर नहीं है। पुस्तकाल का निर्माण, आश्रय स्थल, गीता भवन नहीं बन पाया। कचरा प्रबंधन में नियमों का पालन नहीं हो रहा। आइएसएसडीपी योजना के तहत गरीबों के मकानों में कब्जे हैं।

वार्डों में असमान विकास

शहर के 45 वार्डों में से कई वार्डों में असामान्य विकास हुआ है। किसी पार्षद को विशेष उपकृत कर दिया गया है। वार्ड क्रमांक एक बाल गंगाधर तिलक वार्ड, वार्ड क्रमांक 40 बाबा नारायणशाह वार्ड, हेमु कलाणी वार्ड, विवेकानंद वार्ड को उपकृत किया गया है। वहीं रफी अहमद किदवई वार्ड, बिरसा मुंडा वार्ड, लाल बहादुर शास्त्री वार्ड, आचार्य विनोवा भावे वार्ड सहित अन्य वार्ड विकास से उपेक्षित हैं।

उम्मीद हैं इस बजट से...

नगर पालिक निगम कटनी का सामान्य सम्मिलन 15 अप्रेल को दोपहर 12 बजे से आयोजित किया जाएगा। बैठक का एजेंडा जारी कर पार्षदों एवं संबंधित सदस्यों को सूचना जारी की गई है। बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 के पुनरीक्षित बजट एवं 2026-27 के प्रस्तावित बजट पर चर्चा की जाएगी। इसके साथ ही जलकर पर अधिभार, संपत्तिकर नियम 2020 के तहत नए क्षेत्र वर्गीकरण और कर योग्य संपत्ति मूल्य में वृद्धि से जुड़े प्रस्ताव भी विचारार्थ रखे जाएंगे। बैठक में ट्रेड लाइसेंस की वार्षिक शुल्क राशि में संशोधन, सौर ऊर्जा उपयोग करने वाले भवनों को संपत्तिकर में छूट देने तथा वीर सावरकर वार्ड की अनुसूचित वर्ग बस्ती का नाम संत रविदास नगर करने का प्रस्ताव भी शामिल है। अन्य विषय अध्यक्ष की अनुमति से शामिल किए जाएंगे। अब शहर की जनता को नए बजट से उम्मीदें हैं। (nagar nigam katni)

फंड के अभाव में हैं रोक दिए जाते हैं काम

वहीं दूसरी ओर देखा जाए तो फंड के अभाव में सडक़, नाली, सामुदायिक भवन सहित कई काम फंड व भूमिपूजन के अभाव में रुक जाते हैं। कई सामुदायिक भवनों का निर्माण, सडक़ों का काम अधर में है। रामनिवास सिंह वार्ड का सामुदायिक भवन व्यायाम शाला दो साल भी नहीं बना। कई ठेकेदार दो साल से टेंडर लिए हैं, लेकिन काम नहीं कर रहे। सडक़ों और नालियों का भी यही हाल है। शासन स्तर पर मिलने वाले बजट पर भी काम नहीं हो पा रहा है।

Katni district is not developing

ये ड्रीम प्रोजेक्ट अधूरे

- 96.10 करोड़ का सीवरेज एंड सेप्टेज मैनेजमेंट प्रोजेक्ट
- 1.08 करोड़ का मसुरहाघाट में वॉटर बॉडी रिज्युविनेशन
- 75 लाख रुपए का मोहनघाट में में वॉटर बॉडी रिज्युविनेशन
- 52.53 करोड़ रुपए वॉटर सप्लाई प्रोजेक्ट
- 37.57 करोड़ सीवरेज प्रोजेक्ट फेज-2
- 117.46 करोड़ रुपए एएचपी घटक पीएम आवास झिंझरी
- 205.53 करोड़ पीएम आवास योजना प्रेमनगर
- 3 करोड़ रुपए झिंझरी में बस स्टैंड निर्माण
- 2.52 करोड़ रुपए चौपाटी स्थल पर पार्किंग एवं नवीनीकरण
- 6 करोड़ रुपए से 4 इलेक्ट्रिक बस योजना

अजगर से भी सुस्त चाल...

शहर में चल रहे ट्रांसपोर्ट नगर को पुरैनी में शिफ्ट करने के लिए 42 साल से योजना चल रही है। 2012 में प्लाट देने के बाद भी अबतक अफसर व जनप्रतिनिधि शिफ्ट नहीं करा पाए। जगन्नाथ चौक से घंटाघर तक सडक़ चौड़ीकरण अजगर से भी सुस्त चाल में है। सिटी बसें बंद हैं, अंग्रेजी माध्यम के स्कूल नहीं खुल पाए, अंतर्राज्जीय बस स्टैंड योजना अधर में है। इसी प्रकार कई प्रोजेक्ट वेंटीलेंटर में हैं। शहर की कई सडक़ें खराब हैं, नालियां बदहाल हैं, नाले हादसों को मुंह बाये हैं। पार्क और सौंदर्यीकरण का अभाव है।

Water supply katni

यह रहा है हाल के वर्षों का बजट

वर्ष बजट
2023-24 653 करोड़
2024-25 576 करोड़
2025-26 511 करोड़
2026-27 617 करोड़

फैक्ट फाइल

- 5552.90 लाख रुपए थी 2024-25 की आय
- 7599.53 लाख रुपए था 2024-25 में व्यय
- 10609.39 लाख रुपए थी राजस्व की डिमांड
- 2231.65 लाख रुपए राजस्व आय की है कार्ययोजना
- 6 करोड़ रुपए अधिक कंपनियों व वेतन में हो रहा व्यय

ये भी पढ़ें

शिक्षा के मंदिर में पेशाबघर, अतिक्रमण व आधार सेंटर, साधुराम स्कूल के अस्तित्व पर संकट

Published on:
09 Apr 2026 10:00 am
Also Read
View All