कटनी

बेपरवाही: वसूला था 1300 लाख रुपए राजस्व, जमा हुए सिर्फ 485.81 लाख रुपए

राजस्व वसूली में पिछड़ा कटनी, लक्ष्य से काफी दूर प्रशासन, वित्तीय वर्ष खत्म होने सात दिन शेष, 37 प्रतिशत ही वसूली, कलेक्टर के निर्देशों के बावजूद नहीं आई तेजी
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Mar 26, 2026
Katni district lags behind in revenue collection
Katni district lags behind in revenue collection

कटनी. जिले में राजस्व वसूली की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। वित्तीय वर्ष समाप्त होने में महज कुछ दिन शेष हैं, लेकिन प्रशासन तय लक्ष्य के आधे तक भी नहीं पहुंच सका है। जानकारी के अनुसार डायवर्सन शुल्क, भू-भाटक, धारणा अधिकार सहित अन्य मदों में कुल 1300 लाख रुपए की वसूली का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। 17 मार्च तक की स्थिति में केवल 485.81 लाख रुपए ही वसूल हो सके हैं, जो कुल लक्ष्य का मात्र 37.37 प्रतिशत है। यानी अभी भी 62.63 प्रतिशत वसूली शेष है।
राजस्व विभाग के नायब तहसीलदार, तहसीलदार और एसडीएम स्तर पर अपेक्षित सक्रियता नहीं दिख रही है। नियमित समीक्षा के बावजूद जमीनी स्तर पर वसूली अभियान में तेजी नहीं आई है। राजस्व समीक्षा बैठक में कलेक्टर आशीष तिवारी द्वारा सख्त निर्देश दिए गए थे, लेकिन उनका असर भी नजर नहीं आ रहा है। लक्ष्य के मुकाबले धीमी प्रगति से साफ है कि विभागीय लापरवाही वसूली में बाधा बन रही है। अब सवाल यह है कि शेष बचे समय में प्रशासन कैसे लक्ष्य पूरा कर पाएगा।

यह है वसूली का लक्ष्य व प्राप्ति (लाख में)

तहसील लक्ष्य वसूली शेष
कटनी नगर 450 35.64 289.60
कटनी ग्रामीण 175 61.79 113.21
रीठी 60 22.20 37.80
बड़वारा 50 28.82 21.81
ढीमरखेड़ा 50 6.80 43.20
विजयराघवगढ़ 40 17.33 22.67
बरही 150 79.14 70.86
स्लीमनाबाद 100 41.12 58.88
नजूल कटनी 100 32.64 67.36
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योग 1300 485.81 814.19
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अन्य विभागों ने झोंकी ताकत

वित्तीय वर्ष समाप्ति के अब चंद दिन ही शेष बचे हैं। ऐसे में राजस्व वसूली के लिए विभाग व विभाग प्रमुखों ने पूरी ताकत झोंक दी है। हालांकि विभाग अभी भी लक्ष्य से काफी पीछे चल रहे हैं। खनिज विभाग, आबकारी विभाग, पंजीयक विभाग, कृषि उपज मंडी, बिजली विभाग, नगर निगम सहित अन्य विभाग वसूली पर फोकस किए हुए हैं। नोटिस, कार्रवाई का दबाव बनाकर वसूली की जा रही है, ताकि विभाग निर्धारित लक्ष्य को प्राप्त कर सकें।

समय से नहीं कड़ाई

समय पर राजस्व वसूली न हो पाने की मुख्य वजह शुरुआती माह से ही ढिलाई बरतना है। शुरुआत के 8 से 10 माह में में विभाग सुस्ती बरतते हैं। अंतिम दो से तीन माह में सख्ती दिखाते हैं, तबतक लक्ष्य काफी पीछे हो जाता है। समय पर राजस्व व टैक्स जमा न करने वालों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई न होने की वजह से भी लोग समय पर टैक्स जमा नहीं करते।

नगर निगम के बकाया करों पर अधिभार में छूट 31 मार्च तक

नगर निगम के बकाया करों पर लगने वाले अधिभार (पेनाल्टी) में छूट की अवधि बढ़ाकर 31 मार्च 2026 तक कर दी गई है। यह सुविधा नेशनल लोक अदालत की तर्ज पर नागरिकों को राहत देने के उद्देश्य से दी जा रही है। इसके तहत संपत्ति कर एवं जलकर की बकाया राशि जमा करने पर अधिभार में शत-प्रतिशत तक छूट मिलेगी। राजस्व अधिकारी जागेश्वर प्रसाद पाठक ने बताया कि नागरिकों की सुविधा के लिए नगर निगम कार्यालय, बस स्टैंड पुलिस चौकी, दुर्गा चौक खिरहनी, माधवनगर उप कार्यालय एवं सुभाष चौक में शिविर आयोजित किए जाएंगे। निगमायुक्त तपस्या परिहार ने नागरिकों से अपील की है कि वे समय सीमा के भीतर कर जमा कर छूट का लाभ लें।

Updated on:
26 Mar 2026 07:59 am
Published on:
26 Mar 2026 07:59 am