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कटनी की धरती में छिपी मिली चांदी, खजाने पर सरकार और निवेशकों की नजर

Katni Silver Reserves: मध्य प्रदेश के कटनी जिले में चांदी मिलने की संभावनाओं ने उम्मीद बढ़ा दी है। सलैया फाटक क्षेत्र के खनिज ब्लॉक को सरकार ने ई-नीलामी में शामिल किया है।
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Updated: 2 Nov 2026, 8:18 AM IST
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Katni Silver Reserves: कटनी की धरती में छिपी मिली चांदी (फोटो सोर्स- Magnific)

Katni Silver Reserves: मध्य प्रदेश के कटनी जिले की जमीन में छिपी खनिज संपदा अब बड़े निवेश का रास्ता खोल सकती है। सलैया फाटक क्षेत्र के बेस मेटल ब्लॉक को मध्यप्रदेश शासन ने खनिज ब्लॉकों की 21वें चरण की ई-नीलामी में शामिल किया है। 150 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में फैले इस ब्लॉक में तांबा, चांदी और सोने जैसे खनिजों की संभावनाएं निवेशकों को आकर्षित कर सकती हैं। नीलामी के जरिए इस क्षेत्र में खनिज अन्वेषण और आगे चलकर खनन गतिविधियों के विकास का रास्ता तैयार करने की कोशिश है। यदि निवेशक इस ब्लॉक में रुचि दिखाते हैं और आगे की प्रक्रिया अनुकूल रहती है, तो जिले में खनिज आधारित औद्योगिक गतिविधियों को विस्तार मिलने की उम्मीद है।

12 ब्लॉकों की नीलामी शुरू

जानकारी के अनुसार प्रदेश के खनिज संसाधन विभाग ने 21वें चरण में कुल 12 महत्वपूर्ण खनिज ब्लॉकों की ई-नीलामी शुरू की है। सलैया फाटक ब्लॉक को कंपोजिट लाइसेंस के लिए रखा गया है। इसका मतलब है कि सफल बोलीदाता को निर्धारित शर्तों के अधीन खनिजों की खोज और संसाधनों का आकलन करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाने का अवसर मिलेगा।

खनिज संपदा से औद्योगिक निवेश तक की उम्मीद

जिले में पहले से ही खनिज और औद्योगिक गतिविधियों के लिहाज से महत्वपूर्ण जिला है। ऐसे में सलैया फाटक ब्लॉक की नीलामी जिले के लिए एक नया अवसर बन सकती है। खनिज संसाधनों की पुष्टि होने और परियोजना आगे बढ़ने पर अन्वेषण, सर्वेक्षण, परिवहन, मशीनरी, निर्माण और अन्य सहायक सेवाओं से जुड़ी गतिविधियां बढ़ सकती हैं। इससे स्थानीय कारोबारियों और सेवा प्रदाताओं को काम मिलने की संभावना बनेगी।

आठ जिलों में फैली खनिज नीलामी

21वें चरण की नीलामी में कटनी के अलावा दमोह, नीमच, बालाघाट, पांढुर्णा, बैतूल, सतना और रीवा जिलों के ब्लॉक भी शामिल हैं। इनमें चूना पत्थर, तांबा, मैंगनीज, डोलोमाइट, जस्ता और अन्य बेस मेटल से संबंधित ब्लॉक रखे गए हैं। कुछ ब्लॉक खनन पट्टे और कुछ कंपोजिट लाइसेंस के लिए प्रस्तावित हैं।

टाइटेनियम-वेनेडियम मिलने की भी संभावना

बता दें कि, कटनी और जबलपुर जिले की सीमा पर टाइटेनियम, वेनेडियम, रेयर अर्थ और स्लोमैन्स लेटराइट जैसे महत्वपूर्ण खनिजों की मिलने की संभावना कुछ महीने पहले जताई गई थी। इसके लिए ए माइनिंग ब्लॉक की नीलामी प्रक्रिया शुरू हो गई है। इस ब्लॉक का करीब 150 हेक्टेयर हिस्सा कटनी जिले के अमोच, छपरा और दिवरी गांवों में है, जबकि शेष क्षेत्र जबलपुर जिले में आता है। कुल ब्लॉक का क्षेत्रफल लगभग 405 हेक्टेयर है।

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2 Nov 2026, 8:18 AM IST
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