कटनी ग्रामीण में 90% तक बढ़ोतरी प्रस्तावित, 10 नई लोकेशन जुड़ीं, प्रॉपर्टी बाजार में आ रही तेजी, राजस्व भी बढ़ा
कटनी. जिले में 1 अप्रैल से लागू होने जा रही नई गाइडलाइन के साथ जमीनों के दामों में बड़ा उछाल देखने को मिलेगा। जिला मूल्यांकन समिति ने गाइडलाइन से अधिक दर पर हो रहे रजिस्ट्रेशन और बाजार की मौजूदा स्थिति को देखते हुए जिले की 1486 में से 871 लोकेशनों की दरों में वृद्धि का प्रस्ताव तैयार किया है। इस प्रस्ताव के लागू होते ही शहर और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में जमीन की कीमतें बढ़ जाएंगी। सबसे ज्यादा असर कटनी क्षेत्र में देखने को मिलेगा, जहां शहरी और ग्रामीण मिलाकर 280 लोकेशन प्रभावित हैं। खासतौर पर कटनी ग्रामीण क्षेत्र में तेजी से हो रहे विकास के कारण यहां की जमीनों के दामों में सबसे ज्यादा वृद्धि दर्ज की गई है।
जिले में सबसे अधिक उछाल कटनी ग्रामीण क्षेत्र में देखने को मिलेगा। यहां करीब 20 लोकेशनों पर जमीन की कीमतों में 90 प्रतिशत या उससे अधिक की वृद्धि प्रस्तावित है। कुल 36 लोकेशन ऐसी हैं जहां 90त्न तक बढ़ोतरी की जा रही है, जिनमें से आधे से ज्यादा कटनी ग्रामीण क्षेत्र में ही हैं। कटनी नगर ग्रामीण की भी 6 लोकेशन इस श्रेणी में शामिल हैं। इन क्षेत्रों में तेजी से हो रहे निर्माण, नई कॉलोनियों का विकास और शहरी विस्तार प्रमुख कारण माने जा रहे हैं, जिन प्रमुख गांवों और क्षेत्रों में अधिक वृद्धि होगी, उनमें कैलवारा खुर्द, छहरी, कैलवारा, जुहला, चाका, हिरवारा, गुलवारा, तखला, देवरी, गैतरा, इमलिया सहित अन्य शामिल हैं। इन इलाकों में पिछले कुछ वर्षों में जमीन की मांग तेजी से बढ़ी है।
शहर के विस्तार और नई कॉलोनियों के विकास को देखते हुए 10 नई लोकेशन को गाइडलाइन में शामिल किया गया है। इनमें सायना रेसिडेंसी, मित्तल इन्क्लेव फेज-2, नेमी नगर, डायमंड सिटी, पीएम आवास योजना प्रेम नगर (वार्ड 18), पीएम आवास योजना झिंझरी (वार्ड 43), बजरंग कॉलोनी, जुहली रोडा, पड़ुआ मतवारी रोड और पड़ुआ अंदर क्षेत्र शामिल हैं। इन क्षेत्रों में हाल के वर्षों में तेजी से निर्माण कार्य हुआ है, जिससे इनकी बाजार में मांग बढ़ी है। विशेष रूप से झिंझरी रोड और उसके आसपास के इलाके भविष्य के प्रमुख रियल एस्टेट हब के रूप में उभर रहे हैं।
- अधिक मूल्य पर दस्तावेजों का पंजीयन 368 मामले
आसपास की कॉलोनियों की दरों में अंतर 88 लोकेशन
पूर्व वर्षों में दरों में वृद्धि न होना 74 मामले
डायवर्जन (भूमि उपयोग परिवर्तन) 23 मामले
टी एंड सीपी की स्वीकृति 5 मामले
नवीन विकास/चेंज डिटेक्शन 2 मामले
सर्वे के आधार पर 16 मामले
जिला मूल्यांकन समिति के विशेष निर्णय 39 लोकेशन
कलेक्टर आशीष तिवारी की अध्यक्षता में हुई जिला मूल्यांकन समिति की बैठक में वर्ष 2026-27 की गाइडलाइन का प्रस्ताव तैयार किया गया। दावा आपत्ति के बाद अब इसे केंद्रीय मूल्यांकन समिति के पास भेजा जाएगा। वहां से मंजूरी मिलने के बाद 1 अप्रैल से नई दरें लागू कर दी जाएंगी। प्रशासन का मानना है कि इस प्रक्रिया से रियल एस्टेट लेन-देन में पारदर्शिता आएगी और राजस्व में भी वृद्धि होगी।
तहसील लोकेशन
कटनी ग्रामीण 60
कटनी नगर ग्रामीण 148
कटनी नगर नगरीय 70
बरही ग्रामीण 37
बरही नगरीय 09
ढीमरखेड़ा ग्रामीण 97
उमरियापान शहरी 10
रीठी ग्रामीण 78
बहोरीबंद ग्रामीण 99
स्लीमनाबाद ग्रामीण 72
बड़वारा ग्रामीण 84
विजयराघवगढ़ ग्रामीण 89
कैमोर/विगढ़ शहरी 17
कुल 817
जिले में प्रॉपर्टी बाजार की रफ्तार तेज बनी हुई है। वर्ष 2025-26 के लिए 149 करोड़ रुपए का लक्ष्य रखा गया था, जिसमें अब तक 135 करोड़ रुपए का राजस्व प्राप्त हो चुका है। यह आंकड़ा बताता है कि जमीन की खरीद-फरोख्त में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले समय में शहर के आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में निवेश के बेहतर अवसर बनेंगे।
जानकारों के अनुसार जमीन खरीदना पूरी तरह व्यक्तिगत निर्णय है, लेकिन बढ़ती कीमतों को देखते हुए जो लोग निवेश की योजना बना रहे हैं, उन्हें समय रहते पंजीयन कराना चाहिए। दस्तावेजों की पेंडेंसी से बचने और बढ़ी हुई गाइडलाइन दरों का असर कम करने के लिए 1 अप्रैल से पहले रजिस्ट्री कराना फायदेमंद हो सकता है। नई गाइडलाइन के लागू होने के साथ कटनी जिले में रियल एस्टेट सेक्टर में एक नई तेजी आने की उम्मीद है। बढ़ती कीमतें जहां निवेशकों के लिए अवसर लेकर आ रही हैं, वहीं आम खरीदारों के लिए यह जल्द निर्णय लेने का संकेत भी दे रही हैं।
वित्तीय वर्ष समाप्त हो रहा है और नई गाइडलाइन अगले माह से लागू हो जाएगी, जिसके चलते बड़ी संख्या में लोग पंजीयन कराने पहुंच रहे है। विभागीय लक्ष्य पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है। अवकाश के दिनों में भी कार्यालय खुला है, जिसमें दस्तावेजों का पंजीयन कराया जा सकता है।