
Serious problems of public due to water tax
कटनी. नगर निगम में जलकर वसूली अब सेवा नहीं, बल्कि वसूली का खेल बनती जा रही है, 234 रुपए के मामूली मासिक बिल पर देरी होते ही 1.5 प्रतिशत मासिक चक्रवृद्धि ब्याज और भारी-भरकम सरचार्ज जोडकऱ उपभोक्ताओं को कर्जदार बना दिया जा रहा है, हालात यह हैं कि लोगों का मूल बिल कम और उस पर चढ़ा ब्याज ज्यादा हो गया है, 42 करोड़ के बकाए में करीब 70 फीसदी हिस्सा सिर्फ सरचार्ज का होना व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है, इसे जबरन लागू कर आम जनता की जेब पर सीधा वार किया जा रहा है, हैरानी की बात यह है कि जनप्रतिनिधि और जिम्मेदार इस मुद्दे पर चुप्पी साधे बैठे हैं...।
नगर निगम द्वारा जलकर पर लगाए जा रहे चक्रवृद्धि ब्याज ने शहर के हजारों उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ा दी है। जहां एक ओर वर्तमान में पानी का मासिक बिल 234 रुपए निर्धारित है, वहीं समय पर भुगतान न करने पर उस पर सरचार्ज के साथ डेढ़ प्रतिशत प्रतिमाह चक्रवृद्धि ब्याज जोड़ा जा रहा है। इसके चलते छोटे बकाए भी कुछ ही समय में बड़ी राशि में बदल रहे हैं और उपभोक्ता आर्थिक बोझ से जूझ रहे हैं। जानकारी के अनुसार, प्रदेश के अन्य नगर निगमों, नगर पालिकाओं और नगर परिषदों में इस प्रकार का चक्रवृद्धि ब्याज लागू नहीं है। इसके बावजूद कटनी में यह प्रावधान लागू कर दिया गया है, जिससे उपभोक्ताओं में नाराजगी बढ़ रही है। लोग बढ़े हुए बिलों को ठीक कराने नगर निगम के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो रही है।
नगर निगम के अधिकारियों के मुताबिक, वर्ष 2013 में एमआईसी और परिषद के निर्णय के बाद जलकर को 90 रुपए से बढ़ाकर 150 रुपए किया गया था। लेकिन दावा यह भी किया गया था कि 24 घंटे पानी मुहैया कराया जाएगा, लेकिन पानी 24 घंटे तो क्यो दो समय सप्लाई की जगह एक टाइम ही किया जा रहा है। इसके बाद समय-समय पर बढ़ोतरी करते हुए वर्तमान में यह 234 रुपए प्रतिमाह हो चुका है। इसके साथ ही हर साल जलकर में 5 प्रतिशत की वृद्धि भी की जा रही है, जिससे आम नागरिकों पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है।
सबसे बड़ी समस्या चक्रवृद्धि ब्याज को लेकर सामने आ रही है। कुल बकाया राशि पर 1.5 प्रतिशत प्रतिमाह की दर से ब्याज जुडऩे के कारण उपभोक्ताओं का बकाया तेजी से बढ़ रहा है। शहर में लगभग 22 हजार 500 उपभोक्ताओं को जलापूर्ति की जा रही है और हर साल पानी की मांग लगभग 6.50 करोड़ रुपए रहती है। वर्तमान में उपभोक्ताओं पर करीब 42 करोड़ रुपए का बकाया है, जिसमें लगभग 70 प्रतिशत हिस्सा केवल सरचार्ज और ब्याज का है।
इस पूरे मामले में हैरानी की बात यह है कि जनप्रतिनिधि इस मुद्दे पर कोई ठोस पहल करते नजर नहीं आ रहे हैं। विपक्ष भी इस विषय पर चुप्पी साधे हुए है, जिससे उपभोक्ताओं में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। वहीं, नगर निगम के अधिकारियों का भी इस ओर अपेक्षित ध्यान नहीं है। शहरवासी इंद्र मिश्रा का कहना है कि जलकर वसूली का तरीका पारदर्शी और न्यायसंगत होना चाहिए। चक्रवृद्धि ब्याज जैसे प्रावधान को समाप्त कर राहत दी जाए, ताकि आम जनता पर अनावश्यक आर्थिक बोझ न पड़े।
दयाराम हरदास मल निवासी एडीएम लाइन संत कंवराम पार्ड का वर्तमान बिल 234 रुपए है। बकाया राशि 31692 रुपए है। विलंब शुल्क 1 लाख 75 हजार 340.71 रुपए अधिरोपित किया गया है। अब उपभोक्ता का बिल 2 लाख 7 हजार 266.71 रुपए हो गया है।
माधवनगर के हॉस्पिटल लाइन निवासी दंपति अपनी समस्या लेकर जनसुनवाई में पहुंचे। महिला ने अधिकारियों को बताया कि उसके पति विकलांग हैं और परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर है। महिला के अनुसार वर्ष 2005 से पानी का बिल जमा नहीं हो पाया था। इस पर नगर निगम ने बकाया राशि पर चक्रवर्ती ब्याज जोड़ते हुए करीब 2 लाख 14 हजार 894 रुपये का बिल जारी कर दिया है। इतना बड़ा बिल देखकर परिवार के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
इन मामलों के सामने आने के बाद यह भी सवाल उठने लगे हैं कि शहर में ऐसे कितने उपभोक्ता होंगे जिनके ऊपर पानी के बिल का बकाया लाखों रुपए तक पहुंच गया है। यदि किसी उपभोक्ता का मूल बकाया दो लाख रुपए के आसपास है तो संशोधन या आंशिक राहत के बाद भी यह राशि एक लाख रुपए से ऊपर ही रहेगी। ऐसी स्थिति में आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए इतनी बड़ी राशि जमा करना लगभग असंभव हो जाता है। यही कारण है कि नगर निगम की यह व्यवस्था अब गरीब परिवारों के लिए बड़ी चिंता का विषय बनती जा रही है। आने वाले दिनों में भीषण गर्मी शुरू होने वाली है। ऐसे में यदि नगर निगम बकाया राशि के कारण कनेक्शन काटने की कार्रवाई करता है तो कई परिवारों को पानी की गंभीर समस्या का सामना करना पड़ सकता है।
जलकर पर चक्रवृद्धि ब्याज पूर्व में हुए निर्णय के अनुसार ही लग रहा है व हरसाल बढ़ाया जा रहा है। उपभोक्ताओं को राहत मिले, इसके लिए आवश्यक पहल की जाएगी। एमआइसी में भी प्रस्ताव भेज रहे हैं।
Published on:
21 Mar 2026 09:58 am
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