राजस्व एवं पुलिस अधिकारियों की संयुक्त बैठक का आयोजन
कटनी. जिले में शांति एवं सुदृढ़ कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए राजस्व और पुलिस अधिकारियों के बीच बेहतर तालमेल और टीमवर्क जरूरी है। यह बात कलेक्टर आशीष तिवारी ने सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित राजस्व एवं पुलिस अधिकारियों की संयुक्त बैठक में कही। बैठक में पुलिस अधीक्षक अभिनव विश्वकर्मा, अपर कलेक्टर नीलांबर मिश्रा तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. संतोष डेहरिया भी उपस्थित रहे।
कलेक्टर ने कहा कि अनुविभाग एवं थाना स्तर पर राजस्व और पुलिस अधिकारियों को नियमित संवाद बनाए रखना चाहिए। अपराधियों से जुड़ी सूचनाओं का आपसी आदान-प्रदान कर समय रहते प्रभावी कार्रवाई की जाए, ताकि आमजन से जुड़े मामलों का त्वरित निराकरण हो सके। उन्होंने कहा कि अपराधियों के प्रति किसी भी प्रकार की नरमी नहीं बरती जाएगी। आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों की पहचान कर उनके विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाए और प्रतिबंधात्मक मामलों में अंतिम बाउंडओवर व फाइनल बाउंडओवर की सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। स्वास्थ्य विभाग के विकासखंड चिकित्सा अधिकारियों को शत-प्रतिशत ऑनलाइन एमएलसी एवं पोस्टमार्टम रिपोर्ट की प्रविष्टि सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। बैठक में सभी एसडीएम, एसडीओपी और थाना प्रभारी उपस्थित रहे, जबकि तहसीलदार, नायब तहसीलदार और खंड चिकित्सा अधिकारी वर्चुअल माध्यम से जुड़े रहे।
बैठक में पुलिस अधीक्षक ने बताया कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 170 सहित अन्य कानूनी प्रावधानों के तहत करीब दो हजार आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों की सूची तैयार की गई है। इनमें जुआ, सट्टा, आबकारी अधिनियम सहित अन्य अपराधों में संलिप्त व्यक्ति शामिल हैं। इन सभी पर लगातार नजर रखकर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने टीआई, एसडीएम और एसडीओपी को आपसी समन्वय से कार्रवाई करने के निर्देश दिए। साथ ही बाउंडओवर की राशि बढ़ाने और संबंधितों से फिक्स्ड डिपॉजिट दस्तावेज लेने पर भी जोर दिया।
राष्ट्रीय सडक़ सुरक्षा माह के तहत सोमवार को हेलमेट जागरूकता रैली का आयोजन किया गया। पुलिस कंट्रोल रूम से निकली इस रैली को पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। रैली का उद्देश्य दोपहिया वाहन चालकों को हेलमेट के अनिवार्य उपयोग, यातायात नियमों के पालन और सडक़ सुरक्षा के प्रति जागरूक करना रहा। रैली के दौरान हेलमेट पहनें-सुरक्षित रहें और सडक़ सुरक्षा, जीवन रक्षा जैसे संदेशों के माध्यम से आमजन को सतर्क किया गया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सडक़ पर की गई छोटी-सी लापरवाही भी गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती है। आंकड़ों के अनुसार दोपहिया वाहन दुर्घटनाओं में सिर में गंभीर चोट से मृत्यु का खतरा अधिक रहता है, जबकि हेलमेट के नियमित उपयोग से गंभीर चोट की संभावना 60 से 70 प्रतिशत तक कम हो जाती है। इस दौरान एसपी विश्वकर्मा ने कहा कि यातायात नियमों का पालन केवल चालान से बचने के लिए नहीं, बल्कि स्वयं और परिवार की सुरक्षा के लिए जरूरी है। पुलिस व नागरिकों के आपसी सहयोग से ही सडक़ दुर्घटनाओं में प्रभावी कमी लाई जा सकती है। हेलमेट को कानून की मजबूरी नहीं, बल्कि जीवन की सुरक्षा मानते हुए इसे अपनी आदत बनाएं और सुरक्षित यातायात संस्कृति को अपनाएं।