नगर निगम सम्मिलन की बैठक में नागरिक सुविधाओं, युवाओं और स्वच्छता पर फोकस, जलकर में बड़ी राहत, शहर में महापौर गुरुकुल खोलने पर चर्चा, महापौर के संकल्प पूरे न होने पर सत्तापक्ष से लेकर विपक्ष के पार्षदों ने नगर सरकार को घेरा
कटनी. नगर पालिक निगम के निगम सम्मिलन की बैठक तीसरी बार गुरुवार को दोपहर 12 बजे से शुरू हुई। बैठक नगर निगम अध्यक्ष मनीष पाठक की अध्यक्षता व महापौर प्रीति सूरी, विधायक संदीप जायसवाल, आयुक्त आइएएस तपस्या परिहार सहित नगर निगम के अधिकारी-कर्मचारी व पार्षदों की मौजूदगी में हुई। बजट अभिभाषण होते ही सत्तापक्ष से लेकर विपक्ष के पार्षदों ने जमकर नगर सरकार को घेरा और पूर्व के संकल्प 3 साल बाद भी पूरे न होने पर सवाल खड़े किए। महापौर प्रीति सूरी ने वित्तीय वर्ष 2026-27 का 617 करोड़ 16 लाख 99 हजार रुपए आय और 616 करोड़ 16 लाख 61 हजार रुपए व्यय वाला बजट पेश किया। करीब 89 लाख रुपए लाभ वाले इस बजट को महापौर ने आत्मनिर्भर नगर निगम और समग्र विकास की अवधारणा को समर्पित जनहितैषी बजट बताया।
बजट में सडक़ निर्माण, स्वच्छता, पार्क विकास, स्ट्रीट लाइट, आवास योजनाएं, फायर ब्रिगेड संसाधन और शहर की आधारभूत संरचनाओं को मजबूत करने पर विशेष प्रावधान किए गए हैं। साथ ही ओपन जिम, मोबाइल टॉयलेट, सफाई उपकरण और आपदा प्रबंधन संसाधनों के विस्तार को भी प्राथमिकता दी गई है। नगर निगम ने युवाओं को सशक्त बनाने के लिए पार्कों में व्यायाम सामग्री उपलब्ध कराने और विद्यालय स्तरीय खेल प्रतियोगिताओं के आयोजन के लिए अतिरिक्त बजट का प्रावधान किया है। नगर निगम द्वारा आयोजित खेल टूर्नामेंट अब और बड़े स्तर पर कराए जाएंगे। निगम परिषद ने जलकर बकाया पर लगने वाले चक्रवृद्धि ब्याज को समाप्त कर केवल 5 प्रतिशत साधारण ब्याज लागू करने का सर्वसम्मति से निर्णय लिया साथ ही अग्रिम जलकर भुगतान पर एक माह की छूट और 31 अगस्त 2026 तक वन टाइम सेटलमेंट योजना के तहत बकाया अधिभार में 50 प्रतिशत छूट देने का फैसला भी लिया गया। बैठक में विधायक संदीप जायसवाल ने भी अपनी बात रखी। गोल बाजार कॉम्पलेक्स, वैध हुई कॉलोनियों में विकास कार्य, इ-लाइब्रेरी, कोचिंग सेंटर में अच्छे शिक्षक रखने आदि पर चर्चा की।
महापौर ने बजट अभिभाषण के दौरान कहा कि 4 वर्षों में शहर के 45 वार्डों में विकास कार्य हुए हैं। शहर को महानगर बनाने प्रयास किए जा रहे हैं। स्वच्छता में देश में 36वें तो प्रदेश में 8वें स्थान पर हैं और बेहतर करने प्रयास जारी हैं। नदियों की सफाई हो रही है। सीवर लाइन फेज 1 में 75 प्रतिशत काम हो गया है। तीन एसटीपी बन रहे हैं। मसुरहाघाट में डब्ल्यूटीपी बनकर तैयार है, जो नालों का पानी शोधन कर नदी में छोड़ रहा है। कलेक्ट्रेट के सामने कॉम्पलेक्स बनाकर नगर निगम की आय बढ़ाने प्रयास किए जा रहे हैं, चौपाटी का निर्माण कराया जा रहा है। 14 करोड़ से सीसी सडक़ें व 15 करोड़ से डामर सडक़ें बनेंगी। चौराहों का विकास, सौंदर्यीकरण व पौधरोपण होगा। घरों से आहार एकत्रित करने वाहन चलाया जाएगा। दो फूल वाहन और चलाए जाएंगे।
परिषद में पार्षद मौसूफ ने कहा कि महापौर से जुड़े लोग विकास कार्य में भेदभाव कर रहे हैं। महापौर ने नाम पूछा तो पार्षद ने बताया कि संजू सूरी। पार्षद ने कहा कि गलत बात पर हम आइना दिखाएंगे। नगर निगम में अनाधिकृत व्यक्ति से पार्षद, अधिकारी-कर्मचारी प्रताडि़त हैं। इस पर महापौर प्रीति सूरी सहित एमआइसी सदस्यों ने कहा कि बेवजह बदनाम किया जा रहा है। वहीं दूसरी ओर नगर सरकार के दावे और वादे पूरे न होने, महापौर के संकल्पों के काम न होने पर पार्षद मिथलेश जैन ने कहा कि नगर निगम दिन में सपने दिखा रही है। महापौर हेल्पलाइन भी चालू नहीं हुई, प्रतिभाशाली बच्चों का सम्मान नहीं हुआ, खेल गतिविधियां बंद हैं। अध्यक्ष मनीष पाठक ने कहा कि इस साल सभी कार्य पूरे किए जाएंगे। पार्षदों ने महापौर जनसुनवाई को भी आड़े हाथों लिया। जब इसके संबंध में नियम निर्देश की बात आई तो डिप्टी कमिश्नर ने कहा की ऐसे कोई निर्देश नहीं हैं। पार्षद जैन ने कहा कि 3-3 जन सुनवाई हो रही है, एक महापौर, दूसरी आयुक्त सहित एक मुख्य सुनवाई, फिर भी समस्याएं हैं।
एमआइसी सदस्य ओमी अहिरवार ने ही शहर में अवैध निर्माण का मुद्दा उठाया। कहा कि उनके वार्ड में एक दर्जन से अधिक अवैध निर्माण हो रहे हैं। अधिकारियों से शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं हुई। वहीं दूसरी ओर पार्षदों ने भी शहरभर में अवैध कॉलोनी, अवैध निर्माण से हो रही राजस्व की हानि पर आपत्ति दर्ज कराई। कहा कि अधिकारी क्यों कार्रवाई नहीं कर रहे। सिर्फ पार्षदों की शिकायतों पर औपचारिकता करते हैं, इनकी क्या जिम्मेदारी है। अध्यक्ष ने आयुक्त को कार्रवाई करने के निर्देश दिए।