
कटनी. यात्रियों के समीप पट-पट गिरतीं चिंगारियां, शरीर पर पड़ते उनके तिनके, आग जैसी लपटें गिरने से एकदम से डर जा रहे यात्री, बच्चों को सुरक्षित करती महिलाएं, किसी तरह बचकर स्टेशन के बाहर कतारबद्ध होकर निकलने को विवश यात्री…। यह नजारा था शनिवार की दोपहर मुख्य रेलवे स्टेशन कटनी जंक्शन के बाहर मुख्य द्वार का। यहां पर अमृत भारत योजना के तहत 20 करोड़ रुपए की अधिक लागत से दो साल से सौंदर्यीकरण काम चल रहा है। मार्च 2024 में काम पूरा हो जाना था, लेकिन मार्च 25 में भी होता नहीं दिख रहा। इतना ही नहीं इस कार्य में गुणवत्ता की अनदेखी के साथ यात्रियों की जान व सुरक्षा से भी खिलवाड़ किया जा रहा है।
जंक्शन में प्रवेश द्वार पर सुरक्षा व्यवस्था को ताक में शेड निर्माण का काम कराया गया। पोर्च के लिए रास्ते को ब्लॉक कर ऊपर असुरक्षित तरीके से कर्मचारी वेल्डिंग करते नजर आए। नीचे से निकलने वाले यात्रियों पर बैल्डिंग की चिंगारियां गिर रही थीं। हैरानी की बात तो यह रही कि स्टेशन में साइड से रास्ता था, यात्रियों की सुविधा की दृष्टि से उसे खोला जा सकता था। इसके बाद भी रेलवे के अधिकारियों ने यात्रियों की सुविधाओं पर ध्यान नहीं दिया।
उमड़ रही भीड़ फिर भी सुरक्षा की अनदेखी
इस समय प्रयागराज में महाकुंभ चल रहा है। कटनी से हर दिन हजारों की तादाद में यात्री स्नान के लिए आ जा रहे हैं, यात्रियों का रेला उमड़ रहा है, बावजूद इसके सुरक्षा नियमों को ताक पर अधिकारियों ने रख दिया है। पहले समय पर सौंदर्यीकरण व विकास के काम नहीं कराए गए, जब स्टेशन में यात्रियों का दबाव बढ़ा तो उसी समय काम में तेजी दिखाई जा रही है।
मजदूरों की सुरक्षा से खिलवाड़
अमृत योजना के तहत चल रहे इस काम में न सिर्फ यात्रियों की सुरक्षा से खिलवाड़ किया जा रहा है, बल्कि मजदूरों की सुरक्षा की जमकर अनदेखी हो रही है। यहां पर बगैर कैप, निगरानी के लिए टीम, नीचे कोई सुरक्षा व्यवस्था उपाय अपनाए बगैर सिर्फ एक क्लैंप के सहारे मजदूर-कर्मचारी ऊंचाई पर बिना खास सहारे के बैल्डिंग करते दिखे। कई दिनों से मजदूरों की सुरक्षा तक पर है, लेकिन स्थानीय अधिकारियों को कोई सरोकार नहीं है। पूरे स्टेशन में चल रहे काम की गुणवत्ता को भी ध्यान देना मुनासिब नहीं समझ रहे।
बेतुका रहा आइओडब्ल्यू का जवाब
जब इस संबंध में यात्रियों की सुविधा व सुरक्षा के लिए मौके पर मौजूद आईओडब्ल्यू शैलेष गुप्ता से बात की गई तो उनका कहना था यहां पर ऐसे ही काम कराया जाता है। इतना कराने के बाद भी तो हमारे अधिकारी संतुष्ट नहीं है, अधिकारी बोलते हैं कि काम नहीं करा पा रहे। एक-दो घंटे का काम है, कोई दिक्कत नहीं। साइड से यात्री निकल जा रहे हैं। मजदूरों की सुरक्षा पर कहा कि नीचे वाला मजदूर हेलमेट लगाए रहता है, ताकि ऊपर से कुछ गिरे तो चोट न आए। जो ऊपर काम करते हैं, उनको हेलमेट आवश्यक नहीं है।
अफसरों ने संज्ञान में लिए मामला
स्टेशन के निर्माण कार्य में चल रही गंभीर मनमानी को लेकर पत्रिका द्वारा डीआरएम कमल कुमार तलरेजा, सीनियर डीसीएम मधुर वर्मा को अवगत कराया गया। अधिकारियों ने तत्काल मामले को संज्ञान में लिया और स्थानीय अधिकारियों को तबल करते हुए सुरक्षा का ध्यान रखते हुए काम कराने के निर्देश दिए।
वर्जन
यात्रियों व मजदूरों की सुरक्षा की अनदेखी को लेकर सूचना प्राप्त होने पर तत्काल स्थानीय अधिकारियों से चर्चा की गई। नियमों का पालन कराने के निर्देश दिए गए। नियमों का पालन न करने पर जांच कराते हुए कार्रवाई की जाएगी।
मधुर वर्मा, सीनियर डीसीएम।