3 नवंबर 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

बगैर अनुमति एसीसी प्लांट के अंदर हरियाली पर चली कुल्हाड़ी, सीएम देते रहे गोलमोल जवाब

Cutting trees without permission
3 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

कटनी

•

image

Balmeek Pandey

•

Updated: 15 Feb 2025, 8:20 PM IST

शिकायत के बाद भी सीएमओ ने नहीं कराई जांच, पहले दिन बोले शुक्रवार को कराएंगे जांच, दूसरे दिन इंजीनियर के छुट्टी का दिया हवाल

कटनी. कैमोर में संचालित होने वाले एसीसी सीमेंट प्लांट में बगैर अनुमति हरियाली में कुल्हाड़ी चलाने का मामला सामने आया है। हैरानी की बात तो यह रही कि क्षेत्र के लोग सुबह से लेकर शाम तक वन विभाग, नगर परिषद, व राजस्व विभाग के अधिकारियों को शिकायत करते रहे, लेकिन तीनों ही विभागों ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। नगर परिषद ने जहां समय पर जांच कराना उचित नहीं समझा तो वहीं वन विभाग ने सिर्फ औपचारिकता निभाई है।
जानकारी के अनुसार एसीसी प्लांट के अंदर गुरुवार को प्रबंधन द्वारा यूके लिप्टस, बबूल सहित अन्य पेड़ों की कटाई-छटाई कराई गई है। बताया जा रहा है कि बगैर अनुमति के ही पेड़ों की कटाई कराई गई है। स्थानीय लोगों ने इसकी शिकायत डीएफओ गौरव शर्मा, सीएमओ नगर परिषद कैमोर धर्मेंद्र शर्मा से की। प्रशासनिक अधिकारियों को भी मामले से अवगत कराया। वन विभाग की टीम बाहर से ही अवलोकन करके चली आई, उन्हें पेड़ तो नहीं बल्कि डालें कटी मिलीं। सीएमओ ने शुक्रवार को जांच कराने की बात कही थी, लेकिन इंजीनियर के अवकाश पर होने का हवाला देकर जांच न होने की बात कह दी। इससे साफ जाहिर है कि हरियाली को बचाने जिम्मेदार ही गंभीर नहीं हैं।

बेपरवाही के चलते ही साफ हो रहे जंगल
यही बेपरवाही का नतीजा है कि धीरे-धीरे अब जिले में पेड़ों और जंगलों का अस्तित्व समाप्त हो रहा है। आंकड़ों की बात करें तो जिले में 20 साल में 30 फीसदी जंगल कम हो गया है। लोगों का दखल हरियाली पर बहुत ज्यादा हो गया है। लोग विकास की चकाचौंध में हरियाली को उजाड़ रहे हैं। शहर से लेकर गांव-गांव पेड़ों के बागान साफ हो रहे हैं। प्रकृति का संतुल बिगड़ रहा है, बावजूद इसके जिम्मेदार विभागों की बेपरवाही जारी है। सरकार ने हरियाली को उजडऩे से रोकने के लिए नियम तो सख्त बना दिए, लेकिन पालन करने वाले ध्यान नहीं दे रहे।


28 हजार 471 उपभोक्ताओं के घरों में लगे स्मार्टमीटर, 90 हजार का है लक्ष्य

नहीं समझ रहे पेड़ों का महत्व
वैश्विक महामारी के दौर में शायद ही ऐसा कोई बचा हो जो, उस मंजर को न समझा हो। ऑक्सीजन के लिए किस तरह की मारामारी मची थी, बावजूद इसके पेड़ों के महत्व को नहीं समझा जा रहा। शहर में प्लाटिंग के लिए हरियाली का कत्लेआम होता है, लेकिन नगर निगम, राजस्व अधिकारी, वन विभाग कार्रवाई नहीं करता। उजड़ते जंगलों, कटते पेड़ों की सुरक्षा के लिए हर किसी को आगे आना होगा, तभी बात बनेगी।


हो गया बड़ा खेल: बायोमैट्रिक मशीन के पंचिंग स्केनर में स्क्रैच, हाजरी लगना बंद!

वर्जन
कैमोर एसीसी प्लांट में यूके लिप्टस आदि के पेड़ काटे जाने की सूचना प्राप्त हुई थी। मौके पर टीम को भेजा गया था। कंपनी में सुरक्षा कारणों के चलते व मामला नगर का होने के कारण नगर परिषद द्वारा जांच की जा रही है।
गौरव शर्मा, डीएफओ।

वर्जन
बगैर अनुमति एसीसी प्लांट में पेड़ काटे जाने की शिकायत मिली है। जांच के लिए निर्देश दिए हैं। गुरुवार को व्यस्तता के कारण जांच नहीं करा पाए थे। कंपनी वाले जांच के लिए अंदर भी नहीं जाने दिए, क्योंकि उनके यहां ऐसा नियम है। शुक्रवार को मामले की जांच करानी थी, लेकिन इंजीनियर के अवकाश पर होने के कारण जांच नहीं हो पाई।
धर्मेंद्र शर्मा, सीएमओ कैमोर।

वर्जन
सुबह डीएफओ ने एसीसी में पेड़ काटे जाने की सूचना व जांच के निर्देश दिए थे। यह क्षेत्र नगर परिषद का है, फिर भी हमारी टीम गई थी। कंपनी ने रेलवे लाइन की सुरक्षा के लिए डालिया आदि काटी हैं। जांच नगर परिषद को ही करनी है।
विवेक जैन, रेंजर विजयराघवगढ़।