
कटनी. कैमोर में संचालित होने वाले एसीसी सीमेंट प्लांट में बगैर अनुमति हरियाली में कुल्हाड़ी चलाने का मामला सामने आया है। हैरानी की बात तो यह रही कि क्षेत्र के लोग सुबह से लेकर शाम तक वन विभाग, नगर परिषद, व राजस्व विभाग के अधिकारियों को शिकायत करते रहे, लेकिन तीनों ही विभागों ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। नगर परिषद ने जहां समय पर जांच कराना उचित नहीं समझा तो वहीं वन विभाग ने सिर्फ औपचारिकता निभाई है।
जानकारी के अनुसार एसीसी प्लांट के अंदर गुरुवार को प्रबंधन द्वारा यूके लिप्टस, बबूल सहित अन्य पेड़ों की कटाई-छटाई कराई गई है। बताया जा रहा है कि बगैर अनुमति के ही पेड़ों की कटाई कराई गई है। स्थानीय लोगों ने इसकी शिकायत डीएफओ गौरव शर्मा, सीएमओ नगर परिषद कैमोर धर्मेंद्र शर्मा से की। प्रशासनिक अधिकारियों को भी मामले से अवगत कराया। वन विभाग की टीम बाहर से ही अवलोकन करके चली आई, उन्हें पेड़ तो नहीं बल्कि डालें कटी मिलीं। सीएमओ ने शुक्रवार को जांच कराने की बात कही थी, लेकिन इंजीनियर के अवकाश पर होने का हवाला देकर जांच न होने की बात कह दी। इससे साफ जाहिर है कि हरियाली को बचाने जिम्मेदार ही गंभीर नहीं हैं।
बेपरवाही के चलते ही साफ हो रहे जंगल
यही बेपरवाही का नतीजा है कि धीरे-धीरे अब जिले में पेड़ों और जंगलों का अस्तित्व समाप्त हो रहा है। आंकड़ों की बात करें तो जिले में 20 साल में 30 फीसदी जंगल कम हो गया है। लोगों का दखल हरियाली पर बहुत ज्यादा हो गया है। लोग विकास की चकाचौंध में हरियाली को उजाड़ रहे हैं। शहर से लेकर गांव-गांव पेड़ों के बागान साफ हो रहे हैं। प्रकृति का संतुल बिगड़ रहा है, बावजूद इसके जिम्मेदार विभागों की बेपरवाही जारी है। सरकार ने हरियाली को उजडऩे से रोकने के लिए नियम तो सख्त बना दिए, लेकिन पालन करने वाले ध्यान नहीं दे रहे।
नहीं समझ रहे पेड़ों का महत्व
वैश्विक महामारी के दौर में शायद ही ऐसा कोई बचा हो जो, उस मंजर को न समझा हो। ऑक्सीजन के लिए किस तरह की मारामारी मची थी, बावजूद इसके पेड़ों के महत्व को नहीं समझा जा रहा। शहर में प्लाटिंग के लिए हरियाली का कत्लेआम होता है, लेकिन नगर निगम, राजस्व अधिकारी, वन विभाग कार्रवाई नहीं करता। उजड़ते जंगलों, कटते पेड़ों की सुरक्षा के लिए हर किसी को आगे आना होगा, तभी बात बनेगी।
वर्जन
कैमोर एसीसी प्लांट में यूके लिप्टस आदि के पेड़ काटे जाने की सूचना प्राप्त हुई थी। मौके पर टीम को भेजा गया था। कंपनी में सुरक्षा कारणों के चलते व मामला नगर का होने के कारण नगर परिषद द्वारा जांच की जा रही है।
गौरव शर्मा, डीएफओ।
वर्जन
बगैर अनुमति एसीसी प्लांट में पेड़ काटे जाने की शिकायत मिली है। जांच के लिए निर्देश दिए हैं। गुरुवार को व्यस्तता के कारण जांच नहीं करा पाए थे। कंपनी वाले जांच के लिए अंदर भी नहीं जाने दिए, क्योंकि उनके यहां ऐसा नियम है। शुक्रवार को मामले की जांच करानी थी, लेकिन इंजीनियर के अवकाश पर होने के कारण जांच नहीं हो पाई।
धर्मेंद्र शर्मा, सीएमओ कैमोर।
वर्जन
सुबह डीएफओ ने एसीसी में पेड़ काटे जाने की सूचना व जांच के निर्देश दिए थे। यह क्षेत्र नगर परिषद का है, फिर भी हमारी टीम गई थी। कंपनी ने रेलवे लाइन की सुरक्षा के लिए डालिया आदि काटी हैं। जांच नगर परिषद को ही करनी है।
विवेक जैन, रेंजर विजयराघवगढ़।
Updated on:
15 Feb 2025, 8:20 PM IST
Published on:
15 Feb 2025, 8:20 PM IST
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