3 नवंबर 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

हो गया बड़ा खेल: बायोमैट्रिक मशीन के पंचिंग स्केनर में स्क्रैच, हाजरी लगना बंद!

Fault in municipal corporation's biometric machine
3 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

कटनी

•

image

Balmeek Pandey

•

Updated: 2 Dec 2024, 8:00 AM IST

Fault in municipal corporation's biometric machine

Fault in municipal corporation's biometric machine

कटनी. नगर निगम में सैकड़ों आउटसोर्स कर्मचारियों के नाम पर बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया था। कर्मचारियों की सिर्फ हाजरी लग रही थी, वे काम पर नहीं आ रहे थे और उनका वेतन एजेंसी के माध्यम से नगर निगम के कुछ अधिकारी, कुछ तथा कथित जनता के नुमाइंदे घालमेल कर रहे थे। इसका भंडाफोड़ कुछ माह पहले प्रभारी आयुक्त रहे जिला पंचायत सीइओ शिशिर गेमावत द्वारा कराए गए सत्यापन के बाद हुआ था। बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद सभी आउटसोर्ट कर्मचारियों को बाहर कर दिया गया और फिर सत्यापन के बाद लगभग 350 कर्मचारी रखे गए हैं।
यह कारगुजारी उजागर होने के बाद नगर निगम में अधिकारी-कर्मचारियों की शतप्रतिशत व पूरे समय उपिस्थिति सुनिश्चत करने के लिए बायोमैट्रिक मशीन लगवाई गई थी। दो माह पहले लगवाई गई यह मशीन लगभग एक माह चलने के बाद दम तोड़ चुकी है। बताया जा रहा है कि कुछ कर्मचारियों ने फिंगर स्केनर में स्कै्रच मार दिया है, जिसके कारण मशीन ने काम करना बंद कर दिया है। ठीक से अब लोगों की उपस्थिति पंच नहीं हो पा रही है।

किसानों को राहत: जिले को मिला 636 मीट्रिक टन डीएपी, अमोनियम फास्फेट सल्फेट

20 लोगों की नहीं लग रही थी हाजरी
इस बायोमैट्रिक मशीन में उम्र दराज कर्मचारियों की हाजरी नहीं लग रही थी। ऐसे कर्मचारियों की संख्या 20 बताई जा रही है। फिंगर स्केन न होने के कारण बायोमैट्रिक हाजरी नहीं लग पा रही थी। हालांकि ऐसे कर्मचारियों को मैनुअली उपस्थिति दर्ज कराने के निर्देश दिए गए थे।

अधिकांश अधिकारियों ने बनाई मशीन से दूरी
हैरानी की बात तो यह है कि कुछ उपयंत्रियों को छोडकऱ अधिकांश नगर निगम के अधिकारी-कर्मचारियों ने बायोमैट्रिक मशीन में रजिस्ट्रेशन नहीं कराया था। बताया जा रहा है कि प्रतिदिन समय से कार्यालय पहुंचना, पूरे समय ड्यूटी देना और फिर घर जाते समय फिर अंगूठा लगाना उन्हें नागवार गुजर रहा था। अपने आप को अफसर मानने वाले नगर निगम के कुछ अधिकारी इस मशीन में हाजरी दर्ज करना मुनासिब नहीं समझ रहे।


विश्व एड्स दिवस आज: कटनी में एचआईवी-एड्स का साया, बढ़ रहा संक्रमण खतरा

अब मैनुअली तैयार हो रहा वेतन
जानकारी के अनुसार दो माह पूर्व यह स्पष्ट आदेश जारी किया गया था कि अब सभी अधिकारी-कर्मचारियों की उपस्थिति बायोमैट्रिक तरीके से ही मान्य होगी। मशीन की उपस्थिति के अनुसार ही वेतन पत्रक तैयार होगा, लेकिन मशीन के खराब हो जाने के कारण अब मैनुअली वेतन निर्धारित कराया गया है। सूत्रों की मानें तो आयुक्त द्वारा नवंबर माह का वेतन मैनुअल आधार पर करने के आदेश नोटशीट में दिए गए हैं। जिसके बाद नगर निगम के अधिकारी-कर्मचारियों ने आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। अधिकारियों ने इसकी जानकारी आयुक्त को दी। इस संबंध में आयुक्त ने आगे की कार्रवाई करने की बात कह रहे हैं।

फैक्ट फाइल

  • 1012 हैं नगर निगम में अधिकारी-कर्मचारी।
  • 341 एमआइसी की स्वीकृति के आउटसोर्स कर्मचारी।
  • 385 लगभग कार्यरत हैं नियमित कर्मचारी।
  • 100 लगभग के आसपास हैं विनियमित कर्मचारी।
  • 400 कर्मचारी फिक्स वेतन में कर रहे हैं नौकरी।
  • 55 कर्मचारी दैनिक वेतन भोगी मद में हैं कार्यरत।

वर्जन
मशीन में पंचिंग स्केनर में स्क्रैच आ जाने के कारण बायोमैट्रिक हाजरी नहीं लग पा रही है। कुछ लोगों के फिंगर भी स्केन नहीं हो पा रहे हैं। इस संबंध में आयुक्त को जानकारी दी गई है। वेतन का निर्धारण मैनुअली हो रहा है।
नागेेंद्र पटेल, कार्यालय अधीक्षक ननि।