कटनी स्टेशन पर मचा हड़कंप, यात्री की सतर्कता और पुलिस की तत्परता से बची नवजात की जान, एसएनसीयू में चल रहा इलाज
कटनी। एक ओर जहां समाज आधुनिकता की ओर तेजी से बढ़ रहा है, वहीं दूसरी ओर संवेदनहीनता की ऐसी घटनाएं सामने आ रही हैं जो इंसानियत को झकझोर देती हैं। सोमवार सुबह कटनी के मुड़वारा रेलवे स्टेशन पर कुछ ऐसा ही दर्दनाक और मार्मिक दृश्य देखने को मिला, जब हरिद्वार से पुरी जा रही उत्कल एक्सप्रेस के एस-4 कोच के प्रसाधन में एक नवजात शिशु लावारिस हालत में पड़ा मिला।
सुबह करीब 6:33 बजे जैसे ही ट्रेन स्टेशन पर पहुंची, यात्रियों के बीच अचानक अफरा-तफरी मच गई। दरअसल, कोच में सफर कर रहे एक यात्री ने टॉयलेट के अंदर से हल्की आवाज सुनी। जब उसने दरवाजा खोला तो वहां एक नवजात मासूम पड़ा हुआ था। यह दृश्य देख वह सन्न रह गया। कुछ ही पलों में यह खबर पूरे कोच में फैल गई और देखते ही देखते ट्रेन में हड़कंप मच गया।
यात्रियों ने तुरंत इस घटना की सूचना रेलवे अधिकारियों को दी। ट्रेन के कटनी पहुंचते ही प्लेटफॉर्म पर भीड़ जमा हो गई और माहौल तनावपूर्ण हो गया। सूचना मिलते ही रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) और शासकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने बिना देर किए नवजात को सुरक्षित बाहर निकाला। उस समय हर किसी की नजर उस मासूम पर थी, जिसकी जिंदगी की शुरुआत ही इतने दर्दनाक हालात में हुई। नवजात को तत्काल जिला अस्पताल भेजा गया, जहां उसे स्पेशल केयर न्यूबॉर्न यूनिट (एसएनसीयू) में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों की टीम लगातार उसकी निगरानी कर रही है। प्रारंभिक जांच में पता चला कि बच्चा जीवित है और उसका इलाज जारी है। डॉक्टरों का कहना है कि समय पर अस्पताल पहुंचाने से उसकी जान बच सकी है।
आरपीएफ और जीआरपी की टीम अब इस मामले की जांच में जुट गई है। यात्रियों से पूछताछ की जा रही है और यह जानने की कोशिश की जा रही है कि आखिर किसने और किन परिस्थितियों में इस मासूम को ट्रेन में छोड़ दिया। पुलिस आसपास के स्टेशनों और सीसीटीवी फुटेज की भी जांच कर रही है ताकि आरोपी तक पहुंचा जा सके।
यह घटना सिर्फ एक आपराधिक मामला नहीं, बल्कि समाज के लिए एक आईना भी है। एक नवजात, जो दुनिया में आने के बाद सबसे ज्यादा सुरक्षा और ममता का हकदार होता है, उसे इस तरह लावारिस छोड़ देना मानवता को शर्मसार करता है। यह सवाल खड़ा करता है कि आखिर हम किस दिशा में जा रहे हैं, जहां एक मां अपने ही बच्चे को इस हाल में छोड़ने को मजबूर या तैयार हो जाती है। हालांकि, इस दर्दनाक घटना के बीच एक सुकून देने वाली बात यह रही कि एक सजग यात्री की सतर्कता और पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने उस मासूम की जिंदगी बचा ली। यह घटना समाज को एक संदेश देती है जरूरत है जागरूकता, संवेदनशीलता और जिम्मेदारी की, ताकि कोई भी मासूम इस तरह लावारिस न छूटे और हर जीवन को उसका हक मिल सके।