कटनी

छोटे से काम से बुझ सकती है सैकड़ों लोगों की प्यास, निगम नहीं दे रहा ध्यान…पढि़ए खबर

खदानों को भरने की नहीं व्यवस्था, बुझ सकती है शहर की प्यास, कटनी नदी में बारिश के दिनों में व्यर्थ बह जाने वाले पानी को स्टोर करने नहीं कार्ययोजना
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Jul 15, 2019
No water storage in mines
नाला, जिसमें एकत्र होता है पहाड़ों का पानी

कटनी. कटनी नदी का जलस्तर गर्मी के दिनों से नीचे चले जाने पर हर साल पानी की किल्लत होती है। उस दौरान शहर की खदानों का सहारा नगर निगम लेता है लेकिन बारिश के दिनों में खुली पड़ी खदानों में पानी का स्टॉक करने कोई योजना नहीं है। हर साल कटनी नदी में बारिश के दिनों में हजारों लीटर पानी व्यर्थ बह जाता है। जिसको खदानों तक पहुंचाने की योजना से सैकड़ों लोगों की प्यास बुझ सकती है। शहर को आम दिनों में 32 एमएलटी पानी की जरूरत होती है। वर्तमान में पर्याप्त सप्लाई हो रही है लेकिन गर्मी आते ही नगर निगम एक समय सप्लाई कर लोगों को मात्र 18 एमएलटी पानी ही उपलब्ध करा पाता है।
इस साल गर्मी से पहले ही जनवरी माह से ही एक समय लोगों को छह माह पानी उपलब्ध हो पाया है और उसमें भी विश्वकर्मा माइंस व एसीसी की माइंस का सहारा निगम को लेना पड़ा। पूर्व वर्ष में भी अप्रैल माह से ही ऐसी स्थिति बनी थी और अब शहर मेंं नल कनेक्शनों की संख्या भी 23 हजार से अधिक हो गई है। ऐसे में पानी की मांग और बढ़ जाएगी।

नाले को मोड़कर भर सकता है खदान
विश्वकर्मा माइंस से हर साल निगम पानी लेता है। जिसमें कटाएघाट फिल्टर प्लांट को मोटर व पाइपों के जरिए पानी पहुंचाया जाता है। माइंस के पास से ही पहाड़ों का पानी एकत्र होकर नाले के माध्यम से दुगाड़ी नाला में मिल जाता है। महज आधा किमी. की नाली बनाकर उस पानी को माइंस तक पहुंचाया जा सकता है। ऐसे ही माइंसों से पानी लेने के लिए नदी की ओर से वैकल्पिक व्यवस्था कर बारिश में व्यर्थ बह जाने वाले पानी को भी शहर की माइंसों में भरकर उसे गर्मी में फिल्टर कर उपयोग करने से पेयजल संकट को दूर किया जा सकता है लेकिन इस ओर निगम का ध्यान नहीं है।

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इनका कहना है...
माइंसों का उपयोग करने की ये योजना अच्छी हो सकती है। इसपर अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों से विचार विमर्श कर वरिष्ठ कार्यालय की भी सलाह लेंगे। संभव होगा तो काम कराया जाएगा।
आरपी सिंह, आयुक्त नगर निगम

Published on:
15 Jul 2019 11:58 am