विजयराघवगढ़ , शहर से गांव तक शिक्षा संस्थान अतिक्रमण की जद में, जिम्मेदार नहीं दे रहे ध्यान
कटनी. जिले में स्कूल परिसरों पर बढ़ते अतिक्रमण ने शिक्षा व्यवस्था को नई चुनौती दे दी है। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक शासकीय स्कूलों की जमीन पर कब्जे, बेतरतीब निर्माण के मामले सामने आ रहे हैं, जिससे बच्चों के खेल मैदान सिमटते जा रहे हैं और उनकी शैक्षणिक व खेल गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं। शहर के प्रमुख नगर निगम स्कूलों जैसे केसीएस, साधुराम स्कूल और राबर्ट लाइन स्थित शासकीय स्कूलों के मैदानों में भी अतिक्रमण व अन्य निर्माण बढऩे की शिकायतें सामने आई हैं। इन स्कूलों में पहले जहां बच्चों के खेलने के लिए पर्याप्त जगह होती थी, वहीं अब धीरे-धीरे यह क्षेत्र सिकुड़ता जा रहा है, जिससे छात्रों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीण क्षेत्रों की स्थिति और भी गंभीर बताई जा रही है। विजयराघवगढ़ मुख्यालय स्थित मॉडल स्कूल इसका प्रमुख उदाहरण है, जहां स्कूल की जमीन पर अवैध कब्जा कर लिया गया है। स्कूल के शिक्षकों के अनुसार, कुछ ग्रामीणों ने बाड़ी लगाकर और मकान बनाकर स्कूल परिसर की जमीन पर कब्जा कर लिया है। इस संबंध में कई बार प्रशासन को शिकायतें की गईं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है।
बताया जा रहा है कि मॉडल स्कूल विजयराघवगढ़ की कुल 18 एकड़ भूमि में से कई एकड़ पर अतिक्रमण हो चुका है। यहां करीब 330 छात्र अध्ययनरत हैं, जिन्हें खेलकूद और अन्य गतिविधियों के लिए पर्याप्त स्थान नहीं मिल पा रहा है। स्कूल परिसर में हॉस्टल भी संचालित है, इसके बावजूद सुरक्षा व्यवस्था कमजोर बनी हुई है। शिक्षकों का कहना है कि जब वे अतिक्रमण का विरोध करते हैं तो विवाद की स्थिति बन जाती है, जिससे वे असहज महसूस करते हैं। वहीं, राजस्व और प्रशासनिक अधिकारियों की निष्क्रियता के चलते समस्या जस की तस बनी हुई है। शिक्षा विभाग की ओर से भी इस दिशा में ठोस पहल नहीं होने से स्थिति और चिंताजनक हो गई है।
स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि समय रहते अतिक्रमण नहीं हटाया गया तो आने वाले समय में स्कूलों की जमीन पूरी तरह से समाप्त हो सकती है, जिसका सीधा असर बच्चों के भविष्य पर पड़ेगा। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि स्कूल परिसरों को अतिक्रमण मुक्त कराकर बच्चों के लिए सुरक्षित और पर्याप्त स्थान सुनिश्चित किया जाए।
मॉडल स्कूल में अतिक्रमण को लेकर स्कूल प्रभारी से चर्चा की जाएगी। जांच कराते हुए अतिक्रमण हटवाने के लिए आवश्यक पहल की जाएगी।