कटनी

टी-20 मैचों की आड़ में शहर में धड़ल्ले से चल रहा ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा, हर गेंद पर लग रहे करोड़ों के दाव

छत्तीसगढ़ से ऑपरेट हो रहा था नेटवर्क, दुबई-कंबोडिया से ट्रेनिंग लेकर आए युवा किए गए शामिल मुख्य सरगना तक पहुंच से दूर पुलिस, इधर बैंक खातों की खंगाली जा रही डिटेल

3 min read
Feb 23, 2026

कटनी. टी-20 क्रिकेट मैचों के दौरान शहर में तेजी से फैल रहे ऑनलाइन सट्टे के बड़े नेटवर्क का खुलासा पुलिस ने किया है। इस मामले में कपड़ा व्यापारी सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर करीब 3.29 करोड़ रुपए के ऑनलाइन लेनदेन का पर्दाफाश किया गया है। पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा के अनुसार सट्टे का यह नेटवर्क छत्तीसगढ़ से संचालित हो रहा था, जिसके तार दुबई और कंबोडिया तक जुड़े हुए हैं।
जांच में सामने आया कि आरोपी योगेश बजाज ने अपने कर्मचारी अमित दाहिया के नाम पर फर्जी तरीके से बैंक खाते खुलवाए। दुकान के कैश लेनदेन का बहाना बनाकर उसने कर्मचारी के नाम से पासबुक, एटीएम और चेकबुक अपने पास रख ली और इन खातों का इस्तेमाल ऑनलाइन क्रिकेट सट्टे में किया गया। टी-20 मैचों के दौरान इन खातों में सट्टे की रकम ट्रांसफर की जाती थी और फिर नकद निकालकर आगे नेटवर्क में खपाई जाती थी। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी ने छत्तीसगढ़ के कांकेर निवासी मनीष और रोहित से 20 प्रतिशत कमीशन पर ऑनलाइन क्रिकेट सट्टे की मास्टर आईडी ली थी। इसी आईडी के माध्यम से शहर और आसपास के इलाकों में सट्टेबाजों को जोड़ा गया।

ये भी पढ़ें

आज से उत्कृष्ट विद्यालय में बोर्ड की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन शुरू, गलती पर लगेगी बड़ी पेनाल्टी

शहर में तेजी से बढ़ रहा ऑनलाइन सट्टा

पुलिस का कहना है कि टी-20 क्रिकेट मैचों के चलते इन दिनों शहर में ऑनलाइन सट्टा तेजी से फैल रहा है। युवक जल्दी पैसा कमाने के लालच में इस अवैध धंधे से जुड़ रहे हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि ऑनलाइन सट्टे से दूर रहें और इस तरह की गतिविधियों की जानकारी तत्काल पुलिस को दें। फरार आरोपियों की तलाश और खातों की गहन जांच जारी है।

बड़े बुकी अब भी पुलिस की पहुंच से दूर

ऑनलाइन क्रिकेट सट्टे पर पुलिस की कार्रवाई में भले ही स्थानीय स्तर पर जुड़े सटोरियों और खातों के संचालकों की गिरफ्तारी हो रही हो, लेकिन बड़े बुकी अब भी कानून की पकड़ से बाहर बने हुए हैं। जांच में सामने आ रहा है कि शहर में सक्रिय आरोपी केवल मोहरे हैं, जबकि असली खेल उन बड़े सट्टा संचालकों का है, जो छत्तीसगढ़, दुबई और कंबोडिया जैसे ठिकानों से पूरे नेटवर्क को ऑपरेट कर रहे हैं।
पंजवानी नामक एक व्यक्ति जो सट्टा किंग के नाम से जाना जाता है, उसतक पुलिस कभी नहीं पहुंच पाई। सूत्रों की मानें तो बड़े बुकी सीधे किसी से संपर्क में नहीं आते। वे मास्टर आईडी, मिडिल लेयर एजेंट और म्यूल खातों के जरिए करोड़ों रुपए का लेनदेन कराते हैं। स्थानीय युवक और व्यापारी कमीशन के लालच में इनके जाल में फंस जाते हैं और पकड़े जाने पर सारा ठीकरा उन्हीं पर फूटता है। बड़े बुकी न तो बैंक खातों में सामने आते हैं और न ही मोबाइल या चैट ग्रुप में अपनी असली पहचान उजागर करते हैं।

सट्टे में अपनाए जा रहे नए-नए हथकंडे

ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा अब सिर्फ मोबाइल ऐप तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसे चलाने के लिए सटोरिये तकनीकी और सामाजिक दोनों स्तरों पर शातिर तरीके अपना रहे हैं। मास्टर आईडी सिस्टम में बड़े बुकी सीधे संपर्क में न आकर मास्टर आईडी के जरिए लोकल एजेंटों को सट्टा खिलवाते हैं। म्यूल खाते में गरीब, कर्मचारी, छात्र या परिचितों के नाम पर बैंक खाते खुलवाकर करोड़ों का लेनदेन किया जाता है। विदेशी सर्वर और ऐप में वेबसाइट व ऐप भारत के बाहर के सर्वर पर होस्ट किए जाते हैं, जिससे ट्रैकिंग मुश्किल हो जाती है। फर्जी कंपनियां व एनजीओ के माध्यम से ट्रेडिंग कंपनी या एनजीओ दिखाकर सेविंग, करंट और कॉरपोरेट खाते खुलवाए जाते हैं। एक मोबाइल, कई खाते होते हैं एक ही मोबाइल फोन से 10से 12 बैंक खातों और सट्टा आईडी को ऑपरेट किया जाता है। चैट ग्रुप और कोड वर्ड में व्हाट्सऐप/टेलीग्राम पर कोड भाषा में दांव, रन और पेमेंट की जानकारी साझा की जाती है। हवाला के जरिए पैसा बाहर होता है। सट्टे की रकम को हवाला नेटवर्क से दूसरे राज्यों व देशों में ट्रांसफर किया जाता है।

कई देशों में नेटवर्क

पुलिस के अनुसार इन अवैध कारोबारियों का नेटवर्क कई देशों में फैला है। सटोरिया 50 रुपए में उद्यम सर्टिफिकेट बनवाकर फर्जी ट्रेडिंग कंपनी दिखाकर सेविंग, करंट व कार्पोरेट खाते में करोड़ों का लेनदेने करते हैं। अभिषेक तोमर कांड में उसके खाते में 150 से अधिक ट्रांजेक्शन हुए हैं। योगेश ठाकुर जो कि शौर्य स्किल फाउंडेशन एनजीओ चलाने का काम करता है। यहां पहुंचने वाले बच्चों को झांसे में लेकर उनके खाते खुलवाकर रुपयों का लेनदेन उनके खातों में हो रहा है। योगश बजाज एक ही मोबाइल से 12 से अधिक खाते ऑपरेट करते पाया गया है। रुपए अभिषेक और मयंक नामक व्यक्ति के पास जा रहे हैं, जो हवाला का नेटवर्क है।

वर्जन

बैंक खातों की जांच चल रही है। आरोपियों के मैसेज अनुसार अन्य आरोपियों का पता लगाया जा रहा है। ऑनलाइन सट्टे से जुड़े नेटवर्क पर निगरानी रखी जा रही है। अन्य गिरोह पर भी जल्द ही कार्रवाई की जाएगी।

अभिनय विश्वकर्मा, एसपी।

ये भी पढ़ें

खनन कर कमाये करोड़ों रुपए, 12 खदान मालिक ने ‘डेटरेंट’ जमा करने से फेरा मुंह, अब होगी बड़ी कार्यवाही

Published on:
23 Feb 2026 11:56 am
Also Read
View All