नगर निगम अध्यक्ष, पार्षद व शहरवासियों ने की भागीदारी, श्रमसाधकों ने बहाया पसीना, घाट से निकाली जलकुंभी, पूजन सामग्री व सिल्ट
कटनी. पत्रिका अखबार के सामाजिक सरोकार से जुड़े ‘अमृतम जलम अभियान’ का शुभारंभ बुधवार को जीवनदायी कटनी नदी के मसुरहा घाट पर किया गया। भागीरथी प्रयास के तहत नदी को संवारने और स्वच्छ बनाने के लिए महाअभियान की शुरुआत हुई। अभियान के प्रथम दिन नगर निगम अध्यक्ष मनीष पाठक, पार्षद ओमप्रकाश सोनी, महाकाल सरकार सेवा समिति के प्रदीप द्विवेदी, नगर निगम स्वास्थ्य अधिकारी संजय सोनी, विजन ग्रुप से आशुतोष मानके आदि की विशेष उपस्थिति में कार्यक्रम शुरू किया गया। लोगों ने सफाई की शपथ लेकर अभियान शुरू किया। प्रथम दिवस बड़ी संख्या में लोग घाट पर पहुंचे और नदी में जमा सिल्ट, जलकुंभी, पूजन सामग्री, कचरा आदि निकालकर हटाया। मानव श्रृंखला बनाकर सफाई की गई और स्वच्छता का संदेश दिया गया। लोगों ने फावड़ा, पांचा की मदद से तगाडिय़ों की मदद से कचरे को बाहर निकालकर एकत्र कर नदी को स्वच्छ बनाने का प्रयास किया।
कटनी नदी शहर के लिए बेहद महत्वपूर्ण जलस्रोत है। शहर की 80 फीसदी आबादी की पेयजल आपूर्ति इसी नदी से होती है। इसके अलावा, नदी के जल से आसपास के कई गांवों में खेती भी होती है। लेकिन संरक्षण के अभाव में गाटरघाट के आगे नदी की स्थिति बदहाल हो गई है। एक समय जो नदी पेयजल और निस्तार का प्रमुख स्रोत थी, वह अब गंदगी से भर चुकी है। अभियान का उद्देश्य नदी को फिर से स्वच्छ और उपयोगी बनाना है।
पत्रिका अमृतम् जलम अभियान में नगर निगम अध्यक्ष मनीष पाठक, पार्षद बल्ली सोनी, महाकाल सरकार सेवा समिति से प्रदीप द्विवेदी, विजन ग्रुप से आशुतोष माणके, स्वास्थ्य अधिकारी नगर निगम संजय सोनी, तेजभान सिंह, धनराज विश्वकर्मा, ऋषभ, शशि, मनीष, आदर्श, ज्योति, दीपाली, मंजूषा गौतम, प्रवीण, रोहित, भरत, प्रकाश, निलेश, हिमांशु, कृष्णा, अमित, प्रेम आदि शामिल हुए।
पत्रिका के इस महत्वपूर्ण अभियान की नगर निगम अध्यक्ष मनीष पाठक, पार्षद बल्ली सोनी, धनराज विश्वकर्मा सहित कई गणमान्य लोगों ने सराहना की और इसे समाज के लिए अत्यंत आवश्यक बताया। उन्होंने कहा कि इस तरह के प्रयासों से नदियों का संरक्षण संभव है और समाज में स्वच्छता की भावना को बढ़ावा मिलता है। अभियान में और अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए आगामी दिनों में भी सफाई अभियान जारी रहेगा, ताकि कटनी नदी पुन: अपनी स्वच्छता और निर्मलता को प्राप्त कर सके।
निगम अध्यक्ष ने कहा कि नदियां केवल जलस्रोत नहीं हैं, बल्कि हमारी संस्कृति, आस्था और जीवनशैली का अभिन्न हिस्सा हैं। कटनी नदी जैसे जलस्रोतों का संरक्षण आवश्यक है, क्योंकि यह न केवल पेयजल आपूर्ति करता है, बल्कि पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में भी अहम भूमिका निभाता है। यदि जलस्रोतों को साफ और सुरक्षित नहीं रखा गया, तो आने वाली पीढिय़ां को गंभीर जल संकट का सामना करना पड़ सकता है।
पत्रिका के इस अभियान में गुरुवार को भी भागीरथ जुटेंगे। विधायक संदीप जायसवाल, पार्षद राजेश भास्कर सहित अन्य जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक शामिल होंगे। नदी में सफाई कर जल स्रोतों के संरक्षण का संदेश देंगे। नगर निगम द्वारा भी इस अभियान में महती भूमिका निभाई जाएगी।
कटनी नदी हमारी जीवनरेखा है, इसे साफ और संरक्षित रखना हमारा कर्तव्य है। पत्रिका इस अभियान से हम सबको जुडकऱ अपनी नदियों व जलस्रोतों को पुनर्जीवित करने का प्रयास करना चाहिए। पत्रिका के इस प्रयास की मैं सराहना करता हूँ। हर साल लोगों को जागरुक करने अभियान चलाया जाता है।
मनीष पाठक, अध्यक्ष नगर निगम।
इस अभियान के माध्यम से हम लोगों में जागरूकता फैला रहे हैं कि नदियां हमारे जीवन के लिए कितनी महत्वपूर्ण हैं। हमें अपनी आने वाली पीढिय़ों के लिए इसे स्वच्छ बनाए रखना होगा। पत्रिका का यह बेहद सराहनीय अभियान है। प्रशासन इसमें शामिल होकर नदी को एकदम निर्मल बनाना चाहिए।
ओमप्रकाश सोनी, पार्षद।
हमारी समिति इस तरह के अभियान को हमेशा समर्थन देती रही है। हम आगे भी इस मुहिम को पत्रिका के साथ जारी रखेंगे और अधिक से अधिक लोगों को इससे जोडऩे का प्रयास करेंगे। शहर के सभी जल स्रोत संरक्षित होने चाहिए। नदी एकदम निर्मल धार वाली बनाना होगी।
प्रदीप द्विवेदी, महाकाल सरकार सेवा समिति।
नदियों की सफाई न केवल पर्यावरण संरक्षण के लिए बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए भी आवश्यक है। नगर निगम इस अभियान को पूर्ण सहयोग देगा। सभी मिलकर इसे संवारेंगे। इस घाट पर रिवर फ्रंट योजना के तहत भी काम हो रहा है। सफाई होने से घाट पूरी तरह से निर्मल हो जाएगा।
संजय सोनी स्वास्थ्य अधिकारी, नगर निगम।
पत्रिका के द्वारा नदी में सफाई के लिए विशेष अभियान शुरू किया गया है। वर्षों से जलस्रोतों के संरक्षण के लिए अभियान चलाए जा रहे हैं, जिससे समाज में सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। हमें उम्मीद है कि हम सब मिलकर प्रयास करें तो इसे फिर से स्वच्छ बना सकेंगे।
तेजभान सिंह, नगर निगम।
आज हमने देखा कि जब लोग एकजुट होते हैं, तो कोई भी कार्य असंभव नहीं होता। यह केवल शुरुआत है, हमें इसे निरंतर बनाए रखना होगा। पत्रिका का यह नदी सफाई का अभियान बेहद सराहनीय है। सभी को इसमें भागीदार बनना चाहिए। हमें भी समसाधक बनकर बहुत अच्छा लगा।
आशुतोष मानके, विजन ग्रुप।
हमारी नदियां हमारी धरोहर हैं। हमें अपनी आदतें बदलनी होंगी और कचरा नदी में डालने से बचना होगा। यह सफाई अभियान केवल एक शुरुआत है, इसे जारी रखना होगा। लोगों को पूजन सामग्री नदी में फेंकना बंद करना होगा। नदियां हमारी प्राणों की आधार हैं, इन्हें संवारना हम सबकी जिम्मेदारी है।
धनराज विश्वकर्मा ओम साई विजन।