असंगठित श्रमिकों को मिलेगी सामाजिक सुरक्षा, प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना में पंजीयन कराने श्रम विभाग का आवाहन
कटनी. असंगठित क्षेत्र में कार्यरत श्रमिकों को बुढ़ापे में आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से केंद्र सरकार द्वारा संचालित प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना जिले में प्रभावी रूप से लागू की जा रही है। श्रम पदाधिकारी केबी मिश्रा ने बताया कि योजना के अंतर्गत अधिक से अधिक पात्र श्रमिकों को जोडऩे के निर्देश दिए गए हैं। जिले में अब तक लगभग 4 हजार 672 श्रमिकों ने पंजीयन कराया है। यह योजना 22 जुलाई 2019 से संचालित है।
मिश्रा ने बताया कि यह योजना असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले ऐसे श्रमिकों के लिए है, जिनकी आयु 18 से 40 वर्ष के बीच है और जिनकी मासिक आय 15 हजार रुपये तक है। साथ ही वे श्रमिक जो पीएफ, ईएसआईएस अथवा एनपीएस के सदस्य नहीं हैं, वे इस योजना के पात्र हैं। श्रमिक अपने नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) के माध्यम से नि:शुल्क पंजीयन करा सकते हैं।
योजना के अंतर्गत श्रमिक को उसकी आयु के अनुसार मासिक अंशदान करना होता है, हर माह 55 रुपए से लेकर 200 रुपए के मध्य हो सकता है, जिसमें केंद्र सरकार भी उतनी ही राशि का योगदान करती है। इससे श्रमिक को भविष्य के लिए एक सुरक्षित पेंशन फंड उपलब्ध होता है। 60 वर्ष की आयु पूर्ण होने पर लाभार्थी को 3000 रुपये प्रतिमाह पेंशन प्रदान की जाती है, जिससे बुढ़ापे में उसे दूसरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ता। इसके अतिरिक्त यदि पेंशन प्राप्त करने से पूर्व श्रमिक की मृत्यु हो जाती है, तो उसके जीवनसाथी को पारिवारिक पेंशन का लाभ दिया जाता है, जिससे परिवार की आर्थिक स्थिति प्रभावित न हो। श्रम विभाग ने जिले के सभी असंगठित श्रमिकों से अपील की है कि वे इस जनकल्याणकारी योजना से जुडकऱ अपने बुढ़ापे को सुरक्षित और सम्मानजनक बनाएं।