कटनी

Video: डकैत जो कहते रहे वह करता रहा परिवार, दहशत में कुछ इस तरह काटी रात…

- दुबे कॉलोनी में इंजीनियर शैलेष विश्वकर्मा के परिवार को बंधक बनाकर डकैती डालने वाले आरोपियों ने घटना से पहले कुछ ही दूरी पर निमाणज़धीन मकान में बैठकर योजना बनाई थी। घटना स्थल पर मिले एक रुमाल के माध्यम से खोजी श्वान का सहारा पुलिस ने जांच में लिया था। डॉग साईंपुरम में निमाणज़धीन एक मकान में पहुंचा और अंदर काफी देर तक घूमता रहा। - स्थल में एक खाली पानी की बोतल भी मिली है, जो रेलवे स्टेशनों में ही मिलती है। पुलिस ने मकान में काम कर रहे मजदूरों से पूछताछ की। जिसमें बताया गया कि बारिश के कारण पिछले चार दिन से काम बंद था और शुक्रवार को ही चालू हुआ है। मौके पर मिली बॉटल का उपयोग भी मौजूद किसी मजदूर ने नहीं किया है।

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Jul 06, 2019
robbery in engineer house
robbery in engineer house

कटनी. दुबे कॉलोनी में इंजीनियर शैलेष विश्वकर्मा के परिवार को बंधक बनाकर डकैती डालने वाले आरोपियों ने घटना से पहले कुछ ही दूरी पर निमाणज़धीन मकान में बैठकर योजना बनाई थी। घटना स्थल पर मिले एक रुमाल के माध्यम से खोजी श्वान का सहारा पुलिस ने जांच में लिया था। डॉग साईंपुरम में निमाणज़धीन एक मकान में पहुंचा और अंदर काफी देर तक घूमता रहा। स्थल में एक खाली पानी की बोतल भी मिली है, जो रेलवे स्टेशनों में ही मिलती है। पुलिस ने मकान में काम कर रहे मजदूरों से पूछताछ की। जिसमें बताया गया कि बारिश के कारण पिछले चार दिन से काम बंद था और शुक्रवार को ही चालू हुआ है। मौके पर मिली बॉटल का उपयोग भी मौजूद किसी मजदूर ने नहीं किया है। जिससे अनुमान है कि आरोपियों ने वहां बैठकर योजना बनाई। घटना के बाद से सुरक्षा को लेकर कॉलोनी में लोग दहशत में हैं। इंजीनियर के घर में सुबह 3 बजे के आसपास 8 से 10 नकाबपोश बदमाशों ने परिवार को बांधकर मारपीट करते हुए डकैती डाली थी और नकदी, जेवर आदि लेकर फरार हो गए।

परिवार को बचाने दहशत के दो घंटे
विश्वकमाज़् परिवार घटना के बाद दहशत में रहा। शैलेष सहित उनकी पत्नी का कहना था कि दो घंटे सोना-चांदी व रुपये के जाने का गम नहीं था। बस दहशत थी कि बदमाश चारों में से किसी को नुकसान न पहुंचाएं। उन्होंने जो कहा वो करते रहे ताकि परिवार सुरक्षित रहे।

बाउंड्री से चढ़कर पहुंचे अंदर, काटी ग्रिल
इंजीनियर विश्वकर्मा का मकान कॉलोनी में सबसे आखिरी में है। बदमाश पीछे की ओर से आकर बाउंड्रीवाल कूदकर लॉन में पहुंचे थे, जहां उनके जूतों के निशान मिले हैं। उसके बाद आरोपियों ने खिड़की में लगी ग्रिल को काटा और एक बदमाश ने अंदर प्रवेश कर दरवाजा खोला।

स्टेशन के पास दिखे संदेही
कॉलोनियों व शहर में स्टेशनों के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की मदद पुलिस ले रही है। घटना स्थल से कुछ दूरी पर तुलसी गाडज़्न की ओर एक कैमरे में आरोपी जाते हुए दिखे हैं। वहीं सुबह घटना के बाद स्टेशन के पास कैमरे में लगभग सात-आठ संदेही भी नजर आए हैं।

22 से 24 साल के बीच उम्र
वारदात को अंजाम देने आरोपियों की उम्र 22 से 24 साल के बीच थी। अधिकांश हॉफ पेंट पहने हुए थे और चेहरों को ढंका हुआ था। अंदर पहुंचने के साथ ही उन्होंने परिजनों को हथियार दिखाकर धमकाया और कमरे मेें मौजूद साफ्ट कंबल को फाड़कर उससे सभी के हाथ पैर व आंख में पट्टी बांधकर पलंग के पास डाल दिया। शैलेष व पत्नी संध्या को दहशत दिखाने आरोपियों ने एक-एक घूंसा भी जड़ा।

टीवी देखते सो गए कमरे में
शैलेष की बेटी इशिता (20 वर्ष ) भोपाल में बी-टेक कर रही है। वह कुछ दिन पहले ही घर आई थी। बेटा इशान 16 वर्ष 11वीं का छात्र है। बच्चों के कमरे की खिड़की काटकर ही आरोपी अंदर गए थे। गुरुवार की रात को शैलेष के कमरे में सभी टीवी देख रहे थे और वहीं एक साथ सो गए।

गश्त पर उठे सवाल
पुलिस की रात्रिकालीन गश्त पर भी घटना के बाद सवाल उठ रहे हैं। दो घंटे तक बदमाश एक परिवार को बंधक बनाए रहे और भाग निकले। गुरुवार को स्लीमनाबाद टीआइ सहित झिंझरी चौकी प्रभारी व एनकेजे के एसआइ पांडेय के साथ हवलदार व सिपाही गश्त पर थे। बदमाश कॉलोनी में आने-जाने के साथ घटना को अंजाम देकर आसानी से निकल गए।

ये भी घटना में खास-
- घटना को अंजाम देने से पहले दो युवकों ने की थी रैकी, एक कैमरे में हल्की तस्वीरें हुई हैं कैद
- काटी गई खिड़की की ग्रिल को टॉवल से ढांककर छिपा गए थे बदमाश
- बांग्लादेशी शरणाथिज़्यों पर भी आशंका
- वर्ष 2004 में भी इंजीनियर के घर में हुई थी चोरी
- वर्ष 2003 में कॉलोनी में सचदेवा परिवार के यहां हुई थी डकैती
- 2005 में गड़ोतिया परिवार में डकैती के साथ चौकीदार की हुई थी हत्या
- वारदात में बाहरी गैंग के शामिल होने का अंदेशा
- रेलवे स्टेशन के सीसीटीवी फुटेज भी पुलिस ने खंगाले

इनका कहना है....
घटना को लेकर अलग-अलग टीम बनाकर जांच की जा रही है। सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। अनुमान है कि वारदात में शामिल गैंग बाहरी है। जल्द मामले का खुलासा करेंगे।
ललित शाक्यवार, पुलिस अधीक्षक

Published on:
06 Jul 2019 01:36 pm