कटनी

ग्रीन कटनी के दावे हवा-हवाई, डिवाइडर से गायब ग्रीनरी, उठ रहा धूल का गुबार

बस स्टैंड से चाका मार्ग पर पौधरोपण नदारद, लाखों की योजना दम तोड़ गई, रहवासी बेहाल

2 min read
Jan 19, 2026
Dust katni city

कटनी. शहर को हरित बनाने के दावों की हकीकत बस स्टैंड से चाका तक जाने वाले मुख्य मार्ग पर साफ देखी जा सकती है। करीब तीन किलोमीटर लंबे इस मार्ग पर बने डिवाइडर आज सिर्फ शोपीस बनकर रह गए हैं। जिन डिवाइडरों पर हरियाली नजर आनी चाहिए थी, वहां अब न पौधे हैं और न ही उनकी सुरक्षा के लिए लगाई गई लोहे की जालियां। नतीजा यह है कि पूरे क्षेत्र में दिनभर धूल का गुबार उड़ता रहता है और लोग प्रदूषण के बीच जीने को मजबूर हैं।
नगरनिगम द्वारा बीते वर्षों में इस मार्ग पर ग्रीनरी विकसित करने के उद्देश्य से पौधरोपण कराया गया था। पौधों की सुरक्षा के लिए लोहे की जालियां भी लगाई गई थीं, लेकिन देखरेख के अभाव में पौधे सूख गए और कई स्थानों से जालियां भी गायब हो गईं। जानकारों का कहना है कि पौधरोपण के बाद नियमित निगरानी और रखरखाव नहीं होने से लाखों रुपये की यह योजना पूरी तरह बर्बाद हो गई।

ये भी पढ़ें

Mp के इस शहर में इलाज के साथ नालियों में बह रहा खतरनाक जहर!, ईटीपी सिस्टम को लेकर बड़ा खेल

दिनभर धूल का गुबार

स्थानीय रहवासियों के अनुसार सडक़ के दोनों ओर लगभग 10 मीटर तक का हिस्सा कच्चा पड़ा है। वाहनों के गुजरते ही यहां से तेज धूल उड़ती है, जिससे आसपास रहने वाले लोगों को सांस संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। बच्चों और बुजुर्गों के लिए स्थिति और भी गंभीर बनी हुई है। वहीं सडक़ पर जगह-जगह गड्ढे होने से आवागमन में भी परेशानी हो रही है।

जालियां भी हो गई चोरी

नगरनिगम न केवल हरियाली बढ़ाने में असफल रहा, बल्कि अपनी ही संपत्ति की सुरक्षा भी नहीं कर सका। डिवाइडरों से लोहे की जालियों का चोरी होना व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। पर्यावरण संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण को लेकर न तो ठोस कार्ययोजना नजर आ रही है और न ही जिम्मेदार अधिकारियों की सक्रियता।

पौधरोपण कराने की मांग

रहवासियों का कहना है कि यदि समय रहते डिवाइडरों में दोबारा पौधरोपण कर उनकी देखरेख नहीं की गई और सडक़ किनारे के कच्चे हिस्सों को दुरुस्त नहीं किया गया, तो यह मार्ग शहर के सबसे प्रदूषित इलाकों में शुमार हो जाएगा। ग्रीन कटनी की परिकल्पना को साकार करने के लिए अब नगरनिगम को सिर्फ कागजी योजनाओं से बाहर निकलकर जमीनी कार्रवाई करनी होगी।

ये भी पढ़ें

स्वास्थ्य सुधार के लिए सत्याग्रह तो दूसरी तरफ आईसीयू में कुत्तों की धमाचौकड़ी

Published on:
19 Jan 2026 08:58 am
Also Read
View All

अगली खबर