कटनी

Video: दो घंटे चला नाम-जोख व तालमेल का दौर, खिरहनी अंडर ब्रिज के नाला निर्माण का ऐसे सुलझा विवाद

- खिरहनी ओवर ब्रिज के नीचे अंडरपाथ का निर्माण लोगों को समस्या से निजात दिलाने बनाया गया है। अंडर ब्रिज के निर्माण का कार्य पूर्ण हो गया है, लेकिन अंडर ब्रिज के पानी की निकासी का इंतजाम न होने के कारण ब्रिज में पानी भरा है। - इसके लिए रेलवे द्वारा नाले का निर्माण कराया जा रहा था। यह नाला हरिजन बस्ती की ओर बनाया जा रहा था। इसका स्थानीय लोगों ने विरोध किया था। जिसके बाद पिछले चार-पांच दिनों से काम रुका हुआ था। - बुधवार को दो घंटे तक जनप्रतिनिधियों, रेल अधिकारियों और बस्ती के लोगों के बीच हुई बातचीत के बाद विवाद को सुलझा लिया गया है।

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Aug 30, 2019
Solution to problem of construction of khirahni under bridge
Solution to problem of construction of khirahni under bridge

कटनी. खिरहनी ओवर ब्रिज के नीचे अंडरपाथ का निर्माण लोगों को समस्या से निजात दिलाने बनाया गया है। West Central Railway अंडर ब्रिज के निर्माण का कार्य पूर्ण हो गया है, लेकिन अंडर ब्रिज के पानी की निकासी का इंतजाम न होने के कारण ब्रिज में पानी भरा है। इसके लिए रेलवे Indian Railways द्वारा नाले का निर्माण कराया जा रहा था। यह नाला हरिजन बस्ती की ओर बनाया जा रहा था। इसका स्थानीय लोगों ने विरोध किया था। जिसके बाद पिछले चार-पांच दिनों से काम रुका हुआ था। बुधवार को दो घंटे तक जनप्रतिनिधियों, रेल अधिकारियों और बस्ती के लोगों के बीच हुई बातचीत के बाद विवाद को सुलझा लिया गया है। अब हरिजन बस्ती की ओर से ही नाले का निर्माण होगा। महापौर शशांक श्रीवास्तव, विधायक संदीप जायसवाल, एरिया मैनेजर प्रसंन्न कुमार, स्टेशन प्रबंधक संजय दुबे, विजय मंगल चौधरी, आइओडब्ल्यू सराफ, तहसीलदार मुन्नौवर खान सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारियों की उपस्थिति में चर्चा की गई। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि रेलवे ट्रैक से नौ मीटर की दूरी के बाद ही कोई निर्माण कराया जा सकता है। उसके पहले रेलवे की केबल डली होती है। वहीं नाले के कारण ट्रैक प्रभावित होगा। इस पर खिरहनी फाटक से लेकर हरिजन बस्ती तक नापजोख की गई। इसमें स्थाना देखा गया कि नाली निर्माण के दौरान सड़क कितनी बचेगी।

आधा रेल आगे निगम बनाएगी नाला
अंडरपाथ से लगभग आधा किलोमीटर दूर तक तक रेलवे नाले का निर्माण कराएगा। इसके बाद नदी तक नगर नगम नाले को बनवाएगी। इस दौरान यह तय किया गया कि नाला निर्माण के लिए जो सड़क टूटेगी वह रेलवे बनवाकर देगी। इसके अलावा अधिक से अधिक सड़क को सुरक्षित छोड़ा जाए। विधायक संदीप जायसवाल ने यह भी कहा कि राजस्व के अधिकारी मिलकर रेलवे सीमा की जमीन की नाप करा लें, ताकि इस तरह के विवाद की स्थिति न बने। रेलवे भी जन सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए काम करे। नाली निर्माण के बाद रेलवे के हिस्से में जाली लगवाने के लिए कहा गया है।

इनका कहना है
रेलवे के अंडरपास से पानी निकासी के लिए नाली का निर्माण होना है। लोगों की मांग थी कि सड़क क्षतिग्रस्त न हो। आवागमन बाधित ना हो। रेलवे और राजस्व के अधिकारियों ने नाप कर स्थाई समाधान का निर्णय लिया है। स्थायी समाधान से लोगों को बड़ा फायदा होगा।
शशांक श्रीवास्तव, महापौर।

अंडर ग्राउंड ब्रिज में पानी भरने से दिक्कत थी। रेलव और आमजनता के बीच विवाद था। विधायक, महापौर की उपस्थिति में आम सहमति से समस्या का समाधान हुआ है। निर्माण में जो सड़क टूटेगी रेलवे उसे बनाकर देगी।
मुन्नौवर खान, तहसीलदार।

रेल ट्रैक से साढ़े 8 मीटर की दूरी पर नाली का निर्माण कराया जाएगा। जो भी सड़क टूूटेगी उसे बनाकर देंगे। लोगों को समस्या न हो इस बात का ध्यान रखा जाएगा। अंडरपाथ भी लोगों की समस्या समाधान के लिए बनाया गया है।
प्रसंन्न कुमार, एरिया मैनेजर।

Published on:
30 Aug 2019 11:18 pm