कटनी

‘स्वच्छता’ पर देशभर के ढाई करोड़ लोग लगाएंगे ‘मुहर’, गांवों की भी जारी होगी स्वच्छता रैकिंग, शुरू हुई ये बड़ी योजना

- शहर और नगरीय निकायों की तर्ज पर गांवों को स्वच्छता में नंबर वन पर लाने शासन-प्रशासन द्वारा खास मुहिम शुरू की गई है। अब गांवों को भी स्वच्छता का ताज मिलेगा। यह संभव हो सकेगा स्वच्छता सर्वेक्षण ग्रामीण 2019 के तहत। - खास बात यह है कि गांव वाकई में स्वच्छ है या नहीं, कचरे व खराब पानी का निपटान सही तरीके से हो रहा है कि यह अब आंकड़ेबाजी नहीं बल्कि जनता तय करेगी। ग्रामीणों द्वारा दिए जाने वाले अभिमत के आधार पर ही यह रैकिंग जारी होगी।
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Updated: 27 Aug 2019, 12:28 PM IST
Swachchhta Sarvekshan grameen 2019 Scheme Started
Swachchhta Sarvekshan grameen 2019 Scheme Started

कटनी. शहर और नगरीय निकायों की तर्ज पर गांवों को स्वच्छता में नंबर वन पर लाने शासन-प्रशासन द्वारा Citizen Feedback खास मुहिम शुरू की गई है। अब गांवों को भी स्वच्छता का ताज मिलेगा। यह संभव हो सकेगा स्वच्छता सर्वेक्षण ग्रामीण 2019 के तहत। खास बात यह है कि गांव वाकई में स्वच्छ है या नहीं, कचरे व खराब पानी का Swachh Bharat Mission निपटान सही तरीके से हो रहा है कि यह अब आंकड़ेबाजी नहीं बल्कि जनता तय करेगी। ग्रामीणों द्वारा दिए जाने वाले अभिमत के आधार पर ही यह रैकिंग जारी होगी। स्वच्छता की अलख जगाने तीन कैटेगरी में फीडबैक लिया जाना जिले में शुरू कर दिया गया है। इस योजना के तहत 2011 की जनसंख्या रिपोर्ट 12 लाख की आबादी के मान से 60 हजार लोगों का फीडबैक लिया जा रहा है। स्वच्छता की परीक्षा में पास होने के लिए 100 नंबर में से ग्राम पंचायतों, जनपद व जिला पंचायतों को 35 अंक सिटीजन फीडबैक से जुटाने होंगे। ग्रामीणों से यह यह फीडबैक लिया जा रहा है कि स्वच्छता सर्वेक्षण के बारे में जागरुकता, क्या स्वच्छ भारत मिशन के तहत आपके गांवों में स्वच्छता पर सुधार आया, कूड़ा कचरे का सुरक्षित निपटान के लिए गांव में कोई व्यवस्था है, बेकार पानी के सुरक्षित निपटान के लिए व्यवस्था है कि नहीं यह जानकारी ऑनलाइन जुटाई जा रही है। बता दें कि इसके लिए देशभर से 698 जिलों के 17 हजार 475 ग्रामों को शामिल किया गया है। 87 हजार 375 सार्वजनिक स्थल शामिल किए गए हैं जहां पर स्वच्छता पर काम होगा। इस योजना के तहत 2.5 करोड़ लोगों से ऑनलाइन फीडबैक स्वच्छता सर्वेक्षण ग्रामीण 2019 (एसएसजी2019) पर ली जाएगी। इस योजना में विद्यालय, आंगनवाड़ी, स्वास्थ्य केंद्र, हाट बाजार, धार्मिक स्थल मंदिर, मस्जिद, चर्च व गुरुद्वारा शामिल किए गए हैं।

यह रहेगा अंकों का गणित
इस अभियान में हर गांव कस्बा तभी स्वच्छता में खरे माने जाएंगे जब अंक तालिका में पास होंगे। इसमें शौचालय की उपलब्धता, शौचालय के उपयोग पर 5-5 अंक, सार्वजनिक स्थलों पर प्लास्टिक कूड़े के सुरक्षित निपटान की स्थिति में 10 अंक, सार्वजनिक स्थलों पर जमा हुआ बेकार पानी के सुरक्षित निपटान की स्थिति में 10 अंक व 35 अंक अभिमत के शामिल किए गए हैं। जिसमें ग्रामसभा और समूहिक चर्चा के 20, ऑनलाइन के तहत प्रक्रिया के पांच व व्यक्तिगत साक्षातकार के 10 अंकर शामिल किए गए हैं।

ऐसे मिलेंगे अंक
इस अभियान के तहत स्वच्छता के हकीकत को भांपने के लिए तीन घटकों को शामिल किया गया है। इसमें 35 अंक जनता से मिले अभिमत पर दिए जाएंगे। विभागों द्वारा स्वच्छता के प्रति चलाई जा रही सेवाओं व लक्ष्यों के आधार पर 35 प्रतिशत अंक मिलेंगे और 30 अंक प्रत्यक्ष अलोकन के मिलेंगे। जिसमें दिल्ली से आई स्वच्छता टीम तय करेगी। इस योजना के तहत जनपद अध्यक्ष कटनी कन्हैया तिवारी ने अधिकारी-कर्मचारी व ग्रामीणों ने मोबाइल एप पर फीडबैक दिया। इस दौरान पंचायत समन्वयक योगेंद्र कुमार असाटी, बीसी जग्गी पटेल, प्रमोद पटेल, अमित पटेल आदि मौजूद रहे।

यह है योजना का उद्देश्य
- सभी गांव, जिला एवं राज्यों की राष्ट्रीय स्वच्छता रैकिंग जारी करना।
- प्रचार-प्रसार एवं जन अभियान चलाकर स्वच्छता की स्थिति में सुधार लाना।
- कार्यक्रम में सुधार के लिए आम जनता का सुझाव जानना, जनता का अभिमत जानना।
- चुनिंदा ग्रामों में सर्वेक्षण दल द्वारा स्वच्छता स्थिति का आंकलन करना।

खास-खास:
- एसएसजी फीडबैक में प्रदेश में कटनी जिला टॉप पर 6 हजार से अधिक लोगों ने दिया अभिमत।
- ग्रामीणों के साथ बैठक कर स्वच्छता सर्वेक्षण एवं उद्देश्यों के संबंध में दी जाएगी जानकारी।
- स्वच्छता के लिए ग्रामीणों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने व मुख्य व्यक्तियों को जोडऩे होगा फोकस।
- सर्वेक्षण दल का बैठक एवं परिचर्चा का आयोजन, ग्राम भ्रमण व सर्वेक्षण दल को दी जाएगी जानकारी।

इनका कहना है
जिला ओडीएफ होने के बाद अब स्वच्छता के अन्य पैमानों पर खरा उतरने के लिए पहल की जा रही है। लोगों से फीडबैक लेने के साथ टीम स्वच्छता का आंकलन कर रही हैं। विभागीय अधिकारियों को विशेष निर्देश दिए गए हैं।
जगदीशचंद्र गोमे, जिला पंचायत सीइओ।

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