
Katni Railway Accident: मध्यप्रदेश के कटनी जिले का एक परिवार खुशहाल जिंदगी की उम्मीद लेकर पंजाब गया था लेकिन वहां से लौटते समय ऐसी त्रासदी का शिकार हुआ कि उनकी दुनिया ही उजड़ गई। आगरा रेलवे स्टेशन पर बच्चों के लिए समोसा लेने उतरा पति ट्रेन छूट जाने के कारण परिवार से बिछड़ गया। पति से बिछड़ने के बाद गर्भवती पत्नी अपनी दो बेटियों के साथ जम्मू तवी एक्सप्रेस से कटनी पहुंच गई। रातभर स्टेशन पर बेटियों के साथ बैठकर पत्नी ने पति का इंतजार किया लेकिन वो नहीं आया और सुबह ऐसी दुखद खबर आई जिसने परिवार को गम में डुबो दिया।
रंगनाथ नगर थाना क्षेत्र के भारत चौक निवासी गोलू बेन पिता ढोलन बेन (27) कुछ दिन पहले अपनी पत्नी दुर्गा और तीन बच्चों के साथ पंजाब में रहने वाली बहन के यहां घूमने गया था। वहां कुछ दिन रुकने के बाद परिवार गुरुवार को जम्मूतवी एक्सप्रेस से कटनी लौट रहा था। सफर के दौरान आगरा रेलवे स्टेशन पर गोलू बेटियों के लिए समोसा लेने ट्रेन से नीचे उतरा। इसी दौरान समोसा खरीदते समय ट्रेन रवाना हो गई और वह स्टेशन पर ही रह गया। पत्नी और बच्चे ट्रेन में आगे निकल गए। पति के पास मोबाइल फोन नहीं होने के कारण दोनों के बीच संपर्क भी नहीं हो सका।
गुरुवार देर रात करीब तीन बजे जम्मू तवी एक्सप्रेस कटनी पहुंची तो पत्नी दुर्गा को उम्मीद थी कि शायद पति किसी दूसरे कोच में बैठ गया होगा और स्टेशन पर उतरने के बाद मिल जाएगा। कटनी पहुंचने पर बेटियों के साथ रातभर पत्नी दुर्गा ने पति का इंतजार किया लेकिन उसका कहीं पता नहीं चला। पति से संपर्क का कोई साधन नहीं होने के कारण उसकी चिंता बढ़ती गई। परिवार के साथ घर लौटने की उम्मीद लेकर निकली दुर्गा को अंदाजा भी नहीं था कि जिस पति के साथ वह कुछ घंटे पहले सफर कर रही थी, वह अब इस दुनिया में नहीं रहा।
इसी बीच कुछ घंटे बाद मुड़वारा रेलवे स्टेशन के आउटर में काली मंदिर के समीप रेलवे ट्रैक पर एक युवक का शव पड़े होने की जानकारी मिली। दुर्गा को जब इस संबंध में पता चला तो वह मौके पर पहुंची। वहां शव देखकर उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। शव उसके पति गोलू का था। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आगरा स्टेशन पर ट्रेन छूटने के बाद गोलू दुर्ग-जम्मूतवी किसी तरह कटनी पहुंचा था और इसी दौरान वह रेलवे हादसे का शिकार हो गया। हालांकि, घटना किन परिस्थितियों में हुई, इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
पति की मौत के बाद दुर्गा पर दुखों का पहाड़ टूट गया है। वह नौवें महीने की गर्भवती बताई जा रही है। परिवार में पहले से दो बेटियां और एक बेटा हैं। पंजाब से लौटते समय बेटा अपनी बुआ के यहां ही रह गया था। अब उसे भी पिता के अंतिम दर्शन के लिए कटनी बुलाया जा रहा है। पति की मौत के सदमे के बीच दुर्गा को अपने तीनों बच्चों और जन्म लेने वाले बच्चे के भविष्य की चिंता सता रही है। परिवार के सामने अब बच्चों की परवरिश और जीवनयापन की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। घटना की सूचना मिलने पर जीआरपी ने शव को कब्जे में लेकर जिला अस्पताल में पोस्टमार्टम कराया। पुलिस ने मर्ग प्रकरण दर्ज कर मामले को जांच में लिया है। युवक की मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसकी पड़ताल की जा रही है।