कटनी

लाइव: शहर के 45 वार्डों में ‘जल सुनवाई’ जवाबदारों पहुंचे जांच करने, जनता ने नहीं दिखाई पानी चेक कराने दिलचस्पी

32 शिकायतों पर हुई सुनवाई, 87 पानी के सैंपल की कराई गई जांच, फाल्ट सुधरने से सभी जगह बेहतर आई पानी की रिपोर्ट

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Jan 14, 2026
Water test in katni city

कटनी. शहर में लगातार सामने आ रही दूषित एवं खराब पानी की सप्लाई की समस्या को पत्रिका द्वारा सिलसिलेवार प्रमुखता से उजागर किए जाने के बाद नगर निगम एवं प्रशासन हरकत में आ गया है। राज्य शासन के निर्देशानुसार नगर निगम कटनी द्वारा मंगलवार को वार्ड स्तर पर जल सुनवाई शिविर का आयोजन कर आम नागरिकों की जल संबंधी समस्याओं के त्वरित निराकरण की दिशा में कदम उठाया गया। हैरानी की बात तो यह है कि पानी पिलाने वाला जिम्मेदार विभाग नगर निगम पानी की जांच करने शहरभर में पहुंचा, लेकिन लोग कैसा पानी पी रहे हैं, उसकी जांच कराने कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई। पत्रिका टीम ने इसकी पड़ताल की तो हकीकत सामने आई...।
जल सुनवाई के दौरान कुल 32 जल संबंधी शिकायतों एवं समस्याओं पर सुनवाई की गई। साथ ही नागरिकों द्वारा लाए गए पेयजल आपूर्ति के 87 नमूनों की गुणवत्ता जांच कर परिणाम से नागरिकों को अवगत कराया गया। शिविर में कार्यपालन यंत्री जल प्रदाय विभाग सुधीर मिश्रा, उपयंत्री अश्विनी पांडेय, मृदुल श्रीवास्तव सहित जल प्रदाय शाखा के अधिकारी, कर्मचारी, फील्ड स्टाफ एवं तकनीकी अमला उपस्थित रहा।

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यह रही जांच की हकीकत

प्रभारी कार्यपालन यंत्री सुधीर मिश्रा के अनुसार वार्ड क्रमांक 1 से 15 तक के नागरिकों की समस्याओं पर सुबह 8 से 10 बजे के बीच 16 शिकायतों का निराकरण किया गया। वहीं वार्ड 16 से 30 तक के लिए सुबह 11 से दोपहर 1 बजे तक 12 समस्याओं तथा वार्ड 31 से 45 तक के लिए दोपहर 2 से शाम 4 बजे तक 4 शिकायतों पर सुनवाई की गई।

पत्रिका बना जनता की आवाज

इंदौर में दूषित पानी की सप्लाई से लगातार बेगुनाहों की जान जा रही है। अभी भी कई जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहे हैं। यह जवाबदारों का दोष रहा है कि दो दर्जन से अधिक निर्दोषों की जान चली गई। कटनी शहर में भी पेयजल सप्लाई को लेकर गंभीर बेपरवाही बरती जा रही थी। पुरानी पाइप लाइन में फाल्ट थे, जिससे लोगों के घरों में गंदा पानी पहुंच रहा था। शहरवासियों की इस समस्या को पत्रिका ने प्रमुखता से सिलसिलेवार उजागर किया, जिसके बाद निगम प्रशासन जागा और सुधार के साथ जांच कराने की जहमत उठाई है।

कोई नहीं पहुंचा पानी की जांच कराने

पत्रिका टीम ए रविंद्र राव व गुलाबचंद स्कूल परिसर में जल सुनवाई की हकीकत परखी तो पता चला कि सुबह 11 बजे से जल सुनवाई हुई। इस दौरान कोई भी पानी की जांच कराने नहीं पहुंचा। स्कूल परिसर में स्थित सार्वजनिक पेय जल की टंकी व नलकूप के पानी की जांच की गई। ओम्कारेश्वर सिंह आउटसोर्स कर्मचारी ने पानी की जांच की।

इधर पहुंची 18 शिकायतें

अंबेडकर वार्ड गायत्री नगर में जलसुनवाई में 18 शिकायत पहुंचीं। यहां भाजपा के मंडल अध्यक्ष कौशलेष मिश्रा, पार्षद संतोष शुक्ला सहित अन्य लोग भी क्षेत्र की समस्या लेकर पहुंचे। इस दौरान मनीष नामक व्यक्ति ने पाइपलाइन नाली के अंदर से होकर जाने की शिकायत की, वहीं सोहन सिंह, अखिलेश जैन, मनीष कुशवाहा, अशोक सिंह सहित अन्य ने पाइपलाइन बिछी होने के बावजूद भी पानी न आने की शिकायत की।  इस दौरान कुछ लोग अपने घर से पानी का सैंपल भी लेकर पहुंचे हैं जिसकी उनके सामने ही जांच की गई।

सप्लाई टाइम बढ़ाने मांग

माधवनगर स्थित उपकार्यालय में वार्ड क्रमांक-39 और वार्ड क्रमांक 40 के लिए जल सुनवाई की गई। यहां पर लोगों की शिकायत थी पानी की कम समय सप्लाई हो रही है, एक घंटे पानी की सप्लाई करने जांच की। यहां भी पानी के नमूनों की जांच की गई। यहां पर 4 नमूनों की जांच की गई, जांच में मानक अनुरूप रिपोर्ट पाई गई।

टंकी के पानी की हुई टेस्टिंग

अग्निशमक कार्यालय के पास जल सुनवाई की गई। यहां पर सिविल लाइन टंकी से पानी सप्लाई हो रहा उसकी जांच की गई। कुछ उपभोक्ताओं ने पानी नहीं आने की शिकायत दर्ज कराई। टंकी की ठीक से सफाई, क्षेत्र के लोगों को बेहतर पानी सप्लाई करने की मांग रखी गई।

इस प्रकार की आई शिकायतें


- शहर के कई वार्डों में कम पानी आना
- शुरुआत में तीन से चार बाल्टी गंदा पानी आना
- पाइप लाइन में कई जगह पर लीकेजे होना
- पाइप लाइन न होने से सुविधा से वंचित
- कई दिनों से नल में पानी न आने की समस्या
- हैंडपंप बंद होने से निस्तार बंद होने की समस्या

स्लीमनाबाद के वार्ड 12 व 13 में नलों से कीड़ा युक्त पानी

स्लीमनाबाद के वार्ड क्रमांक 12 और 13 में नलों से कीड़ा युक्त गंदा पानी आने से क्षेत्रवासियों में भारी आक्रोश व्याप्त है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि कई दिनों से पेयजल आपूर्ति के दौरान नलों से साफ पानी के बजाय कीड़े व गंदगी युक्त पानी निकल रहा है, जिससे स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। वार्डवासियों ने बताया कि इस गंभीर समस्या को लेकर कई बार संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों से शिकायत की जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस सुधार नहीं हो पाया है। नागरिकों के अनुसार क्षेत्र में पानी की पाइपलाइन गंदे नालों के बीच से होकर गुजर रही है, जहां पाइपलाइन में लीकेज होने के कारण नाले का दूषित पानी पेयजल लाइन में मिल रहा है। गंदा और कीड़ा युक्त पानी आने से क्षेत्र में संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। मजबूरी में कई परिवार दूषित पानी का उपयोग करने को विवश हैं। नागरिकों ने पंचायत से पाइपलाइन की तत्काल जांच, लीकेज सुधार और शुद्ध पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है।

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Published on:
14 Jan 2026 09:59 am
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