कटनी

Video: अनियंत्रित होकर पलटा ट्रैक्टर, इस लापरवाही से एक की मौत, दो गंभीर

- परिजनों का आरोप, समय पर उपचार न मिलने से महिला ने तोड़ा दम, बड़वारा थाना से 50 कदम की दूरी पर हुई घटना- थाना क्षेत्र के उमंगनगर में गुरुवार की सुबह उस समय चीख-चित्कार मच गई जब एक ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गया। - ट्रैक्टर पलटने से उसमें तीन लोग दब गए। ग्रामीणों की मदद से घायलों को निकालकर बड़वारा स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया, जहां पर एक महिला की मौत हो गई। सूचना पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। - जानकारी के अनुसार गुरवार की सुबह 8 बजे एक टै्रक्टर नैगवां की ओर से बड़वारा आ रहा था। - जैसे ही ट्रैक्टर उमंगनगर के समीप पहुंचा तभी रफ्तार अधिक होने के कारण चालक वाहन पर से नियंत्रण खो बैठा और ट्रैक्टर सड़क किनारे दलदल गड्ढे में पलट गया। ट्रैक्टर में दो युवतियां व एक महिला भी बैठी हुई थी।
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Updated: 5 Jul 2019, 12:41 PM IST
Woman death in tractor accident
Woman death in tractor accident

कटनी/बड़वारा. थाना क्षेत्र के उमंगनगर में गुरुवार की सुबह उस समय चीख-चित्कार मच गई जब एक ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गया। ट्रैक्टर पलटने से उसमें तीन लोग दब गए। ग्रामीणों की मदद से घायलों को निकालकर बड़वारा स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया, जहां पर एक महिला की मौत हो गई। सूचना पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार गुरवार की सुबह 8 बजे एक टै्रक्टर नैगवां की ओर से बड़वारा आ रहा था। जैसे ही ट्रैक्टर उमंगनगर के समीप पहुंचा तभी रफ्तार अधिक होने के कारण चालक वाहन पर से नियंत्रण खो बैठा और ट्रैक्टर सड़क किनारे दलदल गड्ढे में पलट गया। ट्रैक्टर में दो युवतियां व एक महिला भी बैठी हुई थी। ट्रैक्टर में दबने के कारण माया बाई (35) को गंभीर चोट आई थी। हादसे में रोशनी सिंह व प्रीति गोड़ को भी गंभीर चोट आई थी। तीनों को 108 की मदद से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बड़वारा में भर्ती कराया गया, जहां पर माया बाई की कुछ समय बाद मौत हो गई।

दो घंटे नहीं आए डॉक्टर
इस हादसे के बाद से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में लापरवाही का भी मामला सामने आया। परिजनों का आरोप था कि एक घंटे से अधिक समय तक कोई चिकित्सक नहीं पहुंचा। घायल काफी समय तक पड़े-पड़े तड़पते रहे। काफी देर बाद डॉ. अलका झारियां पहुंचीं तब उपचार शुरू हुआ, लेकिन तबतक काफी देर हो चुकी थी। माया व दो अन्य युवतियां बड़वारा मजदूरी करने आ रहीं थीं। क्षेत्र के लोगों का आरोप था कि बीएमओ डॉ. अनिल झामनानी भी अस्पताल में नहीं थे। यह स्थिति हमेशा की रहती है।

इनका कहना है
परिजनों का आरोप निराधार है। इसमें कुछ लोगों ने बेवजह मामले को तूल दिया है। डॉ. अलका झारिया ने मरीजों को तत्काल उपचार दिया है। उन्होंने मुझे फोन पर भी जानकारी दी थी कि मरीज की हालत गंभीर है। चोट अत्यधिक होने के कारण मौत हुई है।
डॉ. अनिल झामनानी, बीएमओ बड़वारा।

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