MP news: मध्य प्रदेश में एक फैक्ट्री में हुए दर्दनाक हादसे में श्रमिक की ऊंचाई से गिरकर मौत हो गई। परिजनों ने प्रबंधन पर लापरवाही और घटना की सूचना देर से देने का आरोप लगाया।
MP news: मध्य प्रदेश के कटनी में एक फैक्ट्री में दर्दनाक हादसा हो गया। इस हादसे में एक मजदूर की मौत हो गई जिससे परिजनों में आक्रोश है। मामला माधवनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत निवार स्थित एवीएस फैक्ट्री में रविवार दोपहर एक दर्दनाक हादसे में श्रमिक की मौत हो गई। मृतक की पहचान उदय शंकर मौर्य (46) निवासी हरदुआ स्टेशन के पास के रूप में हुई है, जो फैक्ट्री में इलेक्ट्रीशियन के पद पर कार्यरत थे। परिजनों ने अस्पताल मपरिसर में हंगामा किया और फैक्ट्री पर गंभीर आरोप भी लगाए। पुलिस अब मामले की जांच कर रही है।
जानकारी के अनुसार उदय शंकर मौर्य फैक्ट्री परिसर में केबिल बांधने का कार्य कर रहे थे। इसी दौरान वे लगभग 30 फीट से अधिक ऊंचाई से नीचे गिर गए, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद फैक्ट्री में अफरा-तफरी मच गई। मजदूर को तड़पता देख अन्य कर्मचारी उसे अस्पताल लेकर भागे जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
मृतक उदय शंकर के परिजनों ने आरोप लगाया कि फैक्ट्री प्रबंधन ने तत्काल उन्हें सूचना देने के बजाय घायल श्रमिक को पहले शहर के दो निजी अस्पतालों में ले जाया, ताकि घटना की जानकारी बाहर न पहुंचे। हालांकि हालत गंभीर होने पर निजी अस्पतालों ने उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया, जहां उपचार के दौरान कुछ ही समय में उनकी मौत हो गई।
बताया जा रहा है कि सुपरवाइजर प्रमोद पटेल और अन्य श्रमिक कार से उन्हें जिला अस्पताल लेकर पहुंचे थे। इसी बीच मृतक के भतीजे अंकित मौर्य को घटना की जानकारी मिली, जिसके बाद वे जिला अस्पताल पहुंचे और फैक्ट्री प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए।
परिजनों का कहना है कि हादसे के समय उन्हें सूचना नहीं दी गई और मौत के बाद घटना की जानकारी दी गई, जो बेहद गंभीर लापरवाही है। इस बात को लेकर अस्पताल परिसर में काफी देर तक हंगामा होता रहा और परिजनों व फैक्ट्री कर्मचारियों के बीच तीखी बहस भी हुई। स्थिति को देखते हुए कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और मामले को शांत कराया।
पुलिस ने फैक्ट्री सुपरवाइजर प्रमोद पटेल को पूछताछ के लिए कोतवाली थाना ले जाया है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है। श्रमिक की मौत के बाद फैक्ट्री प्रबंधन की कार्यप्रणाली और सुरक्षा इंतजामों पर सवाल खड़े हो रहे हैं। वहीं परिजन मामले में निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।