कवर्धा

Kawardha News: पशुओं पर मंडराया संक्रमण का खतरा, गांव-गांव पहुंची टीमें, 3 लाख से ज्यादा को लगे टीके

Livestock Vaccination: कवर्धा जिले में पशुओं को संक्रामक बीमारियों से बचाने के लिए पशुपालन विभाग ने टीकाकरण अभियान तेज कर दिया है। विभाग की टीमें गांव-गांव पहुंचकर पशुओं का स्वास्थ्य परीक्षण करने के साथ बीमार पशुओं का उपचार भी कर रही हैं।
2 min read
• •
Oct 02, 2026
Chhattisgarh News
पशुओं पर मंडराया संक्रमण का खतरा (फोटो सोर्स- पत्रिका)

Animal Vaccination Campaign: कवर्धा जिले के लाखों पशुओं पर कई बीमारियों का खतरा मंडरा रहा है। इसके चलते ही पशुधन को संक्रामक बीमारियों से बचाने के लिए पशुपालन विभाग ने बड़े स्तर पर टीकाकरण अभियान चलाया है। अभियान में गाय, भैंस, बकरी, भेड़ और सूकरों को विभिन्न बीमारियों से बचाव के लिए टीके लगाए जा रहे हैं।पशुपालन विभाग की टीम गांव-गांव पहुंचकर पशुओं का स्वास्थ्य परीक्षण भी कर रही है। अस्वस्थ पशुओं का उपचार और स्वस्थ पशुओं का टीकाकरण किया जा रहा है।

गाय और भैंस को एकटंगिया व गलघोंटू जैसी बीमारियों से बचाने के लिए टीकाकरण किया जा रहा है। अब तक 2 लाख 42 हजार 800 से अधिक पशुओं का टीकाकरण किया जा चुका है। विभाग के अनुसार निर्धारित लक्ष्य का करीब 96 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। वहीं लंपी स्किन डिजीज के लक्षणों को देखते हुए अब तक करीब 1.70 लाख गौवंशीय पशुओं का टीकाकरण किया जा चुका है।

जिला पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ.आशीष देवांगन ने बताया कि जिले में पशुओं को बीमारी से बचाने के लिए अलग-अलग आयु और पशु प्रजाति के अनुसार टीकाकरण किया जा रहा है। अभियान की शुरुआत मई के अंतिम सप्ताह से की गई थी। पशुपालन विभाग ने पशुपालकों से अपील की है कि वे अपने पशुओं का समय पर टीकाकरण कराएं। पशुओं में बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर तत्काल नजदीकी पशु चिकित्सा केंद्र या विभागीय मैदानी अमले से संपर्क करें।

2300 सूकरों का भी टीकाकरण

कवर्धा जिले में करीब 2600 सूकर हैं जिनमें से 2300 सूकरों का टीकाकरण किया जा चुका है। इसी तरह छोटे जुगाली करने वाले पशुओं में पीपीआर जैसी संक्रामक बीमारी की रोकथाम टीकाकरण किया जा रहा है।

पीपीआर से बचाव का अभियान

मानसून पूर्व करीब 17 हजार 200 छोटे पशुओं कम उम्र के बकरी-भेड़ को ईटी से संबंधित टीके लगाए गए हैं। वहीं पीपीआर बीमारी से बचाने के लिए विशेष अभियान 20 सितंबर से 20 अक्टूबर तक चलाया जा रहा है। अभियान में अब तक 1 लाख 8 हजार 23 पशुओं का पंजीयन किया जा चुका है। ठंड के मौसम में छोटे पशुओं को निमोनिया समेत अन्य बीमारियों से बचाने के लिए भी स्वास्थ्य एवं टीकाकरण गतिविधियां की जा रही हैं। विभाग की टीम टीकाकरण के साथ पशुपालकों को पशुओं की स्वच्छता, नियमित देखभाल, समय पर उपचार और बीमारी के शुरुआती लक्षणों की जानकारी भी दे रही है। विभाग का उद्देश्य पशुपालकों को उनके गांव और घर के आसपास ही पशु स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है।

गौशाला में पशुओं का स्वास्थ्य परीक्षण

पिछले दिनों ग्राम छपरी स्थित श्री राधामाधव गौशाला में भी संरक्षित पशुधन के लिए विशेष स्वास्थ्य गतिविधि आयोजित की गई। यहां 270 पशुओं का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। पशु चिकित्सकों ने आवश्यकता के अनुसार उपचार और डीवर्मिंग की। गौशाला में पशुओं के लिए पर्याप्त पशु आहार और पैरा-कुट्टी का भंडारण भी किया गया है। इस दौरान गौशाला समिति और गौसेवकों ने पशुओं की देखभाल में सहयोग किया।

Updated on:
02 Oct 2026 11:50 am
Published on:
02 Oct 2026 11:50 am