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Diwali 2026: छत्तीसगढ़ में कब मनेगी धनतेरस और दीपावली? जानें लक्ष्मी पूजा से दीपदान तक के शुभ मुहूर्त

Diwali 2026: धनतेरस 6 नवंबर और दीपावली 8 नवंबर को मनाई जाएगी। जानें धनतेरस पर 13 दीपक जलाने, लक्ष्मी-कुबेर पूजा और दीपदान के शुभ मुहूर्त।
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Updated: 4 Nov 2026, 6:37 PM IST
Diwali 2026
माता लक्ष्मी और गणेश जी (photo Patrika)

Diwali 2026: दीपावली की तैयारियों के बीच इस बार लोगों को त्योहार की तिथि और पूजा के शुभ मुहूर्त को लेकर उलझन हो सकती है। पांच दिवसीय पर्व में धनतेरस कब है। दीपदान किस समय करना है और लक्ष्मी-कुबेर पूजा के लिए कौन सा मुहूर्त श्रेष्ठ रहेगा, इसे लेकर अलग-अलग जानकारियां सामने आती हैं। ऐसे में शहर के आचार्य पंडित हरिप्रसाद शुक्ला ने रमा एकादशी से दीपावली तक की तिथियों और शुभ मुहूर्त की जानकारी साझा की है। दीपावली को लेकर घरों की साफ-सफाई, रंग-रोगन और सजावट का दौर चल रहा है।

बाजारों में त्योहार की खरीदारी शुरू

बाजारों में भी त्योहार की खरीदारी शुरू हो गई है। लोग माता लक्ष्मी के स्वागत और पूजा की तैयारियों में जुटे हैं। इसी बीच पर्व की तिथियों और पूजा के समय को लेकर असमंजस दूर करने के लिए आचार्य पंडित हरिप्रसाद शुक्ला ने पंचदिवसीय पर्व से जुड़ी जानकारी दी है। आचार्य के मुताबिक 5 नवंबर गुरुवार को रमा एकादशी व्रत रहेगा। इसके अगले दिन 6 नवंबर शुक्रवार को धनतेरस और प्रदोष व्रत है।

शुभ मुहूर्त समय को ध्यान रखकर पूजा-पाठ करें

इस दिन सुबह 7.33 से 10.22 बजे तक अमृत योग और दिन में 11.47 से दोपहर 1.11 बजे तक शुभ योग रहेगा। ऐसे में शुभ मुहूर्त समय को ध्यान रखकर पूजा-पाठ करें। धनतेरस पर दीप पूजन का विशेष महत्व बताया गया है। इस दिन 13 मिट्टी के दीपक जलाने के लिए रात 8.26 से 10.12 बजे तक का समय शुभ रहेगा।

8 को शाम 5.24 से रात 8.36 तक अमृत योग

आचार्य के अनुसार 7 नवंबर शनिवार को धनवंतरी जयंती, नरक चतुर्दशी, हनुमान जयंती और मास शिवरात्रि का संयोग रहेगा। इस दिन सुबह 10.47 बजे से भद्रा शुरू होकर रात 11.07 बजे तक रहेगी। वहीं 8 नवंबर को नरक चतुर्दशी और अमावस्या का संयोग बताया गया है। इसी दिन दीपावली मनाई जाएगी। लक्ष्मी और कुबेर पूजा के लिए दिन में 1.11 से 2.36 बजे तक शुभ योग रहेगा। शाम 5.24 से रात 8.36 बजे तक अमृत योग रहेगा। इसके अलावा अलग-अलग लग्न में रात 2.25 बजे तक पूजा के मुहूर्त बताए गए हैं। श्रद्धालु अपनी सुविधा के अनुसार इनमें से किसी समय पूजा-अर्चना कर सकते हैं।

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4 Nov 2026, 6:37 PM IST
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