
Aktee Festival CG: पंचांग में मुहूर्त नहीं, फिर भी मांगलिक कार्य शुभ! बिना मुहूर्त भी बनेंगे शादी के योग, जानिए वजह(Photo-patrika)
Aktee Festival CG: छत्तीसगढ़ के रायपुर में परशुराम जयंती की तैयारी में सर्व ब्राह्मण समाज जुटा है। जयंती उत्सव पर राजधानी में विविध कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। भगवान परशुराम का बैसाख शुक्लपक्ष की तृतीया पर मनाया जाता है। जिसे लोक परंपरा में अक्ती कहा जाता है। इस तिथि के दूसरे दिन से शहर से लेकर ग्रामीण अंचलों में विवाह उत्सव की धूम रहेगी।
जयंती की पूर्व संध्या पर कान्यकुब्ज सभा और शिक्षा मंडल द्वारा शनिवार को भव्य महा आरती और भजन संध्या का आयोजन शाम 6 बजे से आशीर्वाद भवन रायपुर में किया जाएगा। गौड़ ब्राह्मण समाज की ओर से यह उत्सव सेवाभाव के रूप में मनाया जाएगा। इस अवसर पर समता कॉलोनी के खाटू श्याम मंदिर में स्वास्थ्य परीक्षण शिविर आयोजित की जाएगी।
पंडित मनोज शुक्ला के अनुसार जन्मोत्सव पर 19 अप्रैल को शुक्र वृषभ राशि में प्रवेश करेंगे। यह शुभ संकेत है। क्योंकि यह शुक्र की स्व राशि मानी जाती है। यह संयोग आर्थिक थिति को मजबूत, भौतिक सुख, सुविधाओं में वृद्धि का संकेत है। कला, रचनात्मक क्षेत्रों में सफलता और सकारात्मक परिणाम प्राप्त होते हैं।
महामाया मंदिर के पंडित भागवताचार्य मनोज शुक्ला के अनुसार देव पंचांग में अक्ती तिथि पर शादी विवाह का मुहूर्त नहीं बन रहा है, परंतु इस तिथि को अबूझ मुहूर्त की मान्यता है, इसलिए सभी मांगलिक कार्यक्रम करना शुभ होगा।
25 जुलाई को देवशयनी एकादशी से चौमासा आरंभ होगा। इस दिन साधु संत एक स्थान पर जप, तप आराधना, कथा प्रवचन करेंगे। उनका पद विहार बंद हो जाता है। फिर 21 नवम्बर को देवउठनी एकादशी यानी तुलसी विवाह उत्सव के साथ मुहूर्त प्रारंभ होंगे। यानी कि नवम्बर में 21 , 24 , 25, 26 और दिसंबर में 2 , 3 , 4 , 5 , 11 , 12 को मांगलिक कार्यों के लिए श्रेष्ठ मुहूर्त है।
Updated on:
18 Apr 2026 02:30 pm
Published on:
18 Apr 2026 02:29 pm
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