कवर्धा

इस रोड पर गाड़ी ध्यान से चलायें कभी भी आ सकता है यमराज का बुलावा

ग्रामीण इलाकों में प्रधानमंत्री योजनांतर्गत बनी चकाचक सडक़ों के भ्रम में यदि आप मोटर साइकिल स्पीड में चलाने की सोंच रहे हैं, तो अपनी सोंच बदल दें

2 min read
Mar 05, 2018

कवर्धा. ग्रामीण इलाकों में प्रधानमंत्री योजनांतर्गत बनी चकाचक सडक़ों के भ्रम में यदि आप मोटर साइकिल स्पीड में चलाने की सोंच रहे हैं, तो अपनी सोंच बदल दें। अन्यथा जान पर बन सकती है। जी हां, ग्राम नवघटा से गोपालभवना व झलमला पहुंचने वाली रोड को देखकर तो यही मालूम होता है। सडक़ पर जगह-जगह गड्ढा बन गया है। रिपेयरिंग को लेकर सरकारी तंत्र बेसुध है।

ग्रामीण अंचल के गांवों को सडक़ों के माध्यम से एक दुसरे गांव से जोड़ तो दिए हैं, लेकिन गांवों में बनी पीएम व सीएम योजना की सडक़े साल भर में ही दम तोडऩे लगी है। पीएम सडक़ योजना के तहत बनी ग्राम नवघटा से गोपालभवना व झलमला पहुंच मार्ग की दुरी महज 5 किलोमीटर है, लेकिन सडक़ निर्माण के बाद एक भी बार मरम्मत नहीं होने के कारण मार्ग की दुर्दशा हो गई है।

ये भी पढ़ें

आरक्षक से हवलदार बनने 250 पुलिसकर्मियों दिलाई विभागीय परीक्षा

वहीं हाल ग्राम छांटा से कोको पहुंचने वाली मार्ग का है। मार्ग से डामर की परत पूरी तरह उखड़ गई है। जगह जगह गड्ढे होकर गिट्टी की बिखराव पुरे मार्ग पर दिखाई दे रही है। इससे आवागमन करने वाले ग्रामीण को मार्ग पर चलने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मार्ग पर आवागमन करने पर साइकिल व दो पहिए वाहन पंचर हो रही है। बावजुद विभागीय अमला मार्ग की दुर्दशा सुधरवाने कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इसके कारण लोगों को कई प्रकार की परेशानियों को सामना करना पड़ रहा है। इस ओर प्रशासन कोई ध्यान नहीं दे रही है। जर्जर मार्ग के कारण लोग शासन प्रशासन पर कई गंभीर आरोप लगा रहे हैं।

सडक़ पर डामर गायब
वर्षों पुराने मार्ग का न तो मरम्मत हो पाया और न ही नया बन पाया है। इसके चलते इस मार्ग पर आवागमन करने वाले छोटे बड़े हादसे का शिकार हो रहे हैं, लेकिन इस ओर शासन प्रशासन को कोई ध्यान नहीं है। वर्षों पहले प्रधानमंत्री ग्राम सडक़ योजना के तहत मार्ग का निर्माण किया गया था, लेकिन आज की स्थिति में यह पूरी तरह खराब हो चुका है। इसके कारण लोगों को आवगमन में अधिक परेशानी हो रही है।

सरकारी तंत्र बेसूध
इसी रोड़ पर जनप्रतिनिधियों से लेकर अधिकारी कर्मचारी भी गुजरते हैं। लेकिन आज तक किसी की नजर इस रोड पर बने गड्ढों पर नहीं पड़ा। वे सब यही सोचते होंगे हमे क्या हमे तो कभी कभी इस रोड़ से गुजते हैं। लेकिन इसी कभी कभी में अचानक इन गड्ढों के वजह से कोई हादसा हो गया तो। इसलिए विभाग को चाहिए की रोड के मरम्मत के लिए ध्यान दे और गड्ढों को भरने कोई उपाय करे।

ये भी पढ़ें

सिरफिरे आशिक़ ने प्रेमिका को मार फिर खुद खा लिया जहर
Published on:
05 Mar 2018 12:49 pm
Also Read
View All