कवर्धा

अस्पताल में डेढ़ साल से बंद सोनोग्राफी फिर से शुरू, अब विकलांगता प्रमाण पत्र भी लगे बनने

डेढ़ साल बंद सोनोग्राफी को फिर से प्रारंभ कराया गया है। वहीं अस्पताल में आज से एक स्त्री रोग विशेषज्ञ भी मिल गया।
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Aug 25, 2018
cg news
अस्पताल में डेढ़ साल से बंद सोनोग्राफी फिर से शुरू, अब विकलांगता प्रमाण पत्र भी लगे बनने

कवर्धा . छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले में अस्पताल में इन दिनों सुधार की कवायद चल रही है, जिसमें काफी हद तक सफलता भी मिल रही है। डेढ़ साल बंद सोनोग्राफी को फिर से प्रारंभ कराया गया है। वहीं अस्पताल में आज से एक स्त्री रोग विशेषज्ञ भी मिल गया।

पिछले वर्ष अप्रैल से जिला अस्पताल का सोनोग्राफी बंद था। सोनोग्राफी को ऑपरेट करने के लिए रेडियालॉजिस्ट नहीं होने के कारण यह डेढ़ साल तक बंद ही रहा। अभी कुछ दिनों से सीएमएचओ डॉ.केके गजभिये ने इसमें सार्थक पहल की। उन्होंने पंडरिया से एक चिकित्सक को लाए। इन्हें अनुभव के आधार पर फिलहाल सोनोग्राफी की जिम्मेदारी दे दी। इससे गर्भवती महिलाओं को काफी राहत है। क्योंकि जिला अस्पताल में गर्भवती महिलाओं की सोनोग्राफी मुफ्त में होता है। जबकि निजी अस्पताल में इसके लिए 600 से 800 रुपए तक खर्च पड़ते हैं। डेढ़ साल तक हर माह करीब 400 से अधिक गर्भवती महिलाएं जिला अस्पताल सोनोग्राफी के लिए पहुंचते थे, लेकिन सुविधा नहीं होने के कारण उन्हें निजी अस्पताल की ओर रुख करना पड़ता था। इससे अब छुटकारा मिल गया।

जिला अस्पताल में चार वर्ष से अस्थि रोग विशेषज्ञ भी नहीं था, जिसके कारण यहां हड्डी से चोटिस लोगों का यहां इलाज ही नहीं हो पाता था। हड्डी से संबंधित मरीजों को निजी अस्पताल जाने की सलाह दी जाती थी। वहीं विकलांगता प्रमाण पत्र भी नहीं बन रहा था। बीच-बीच में बाहर से डॉक्टर बुुलाकर विकलांगता प्रमाण पत्र बनवाया जाता था। अब यहां एक माह से अस्थि रोग विशेषज्ञ मौजूद है, जो हड्डी से संबंधित लोगों की जांच-उपचार कर रहे हैं और विकलांगता प्रमाण पत्र जारी करते हैं।

लंबे समय से जिला अस्पताल बिना स्त्री रोग विशेषज्ञ के रहा। महिलाओं की जांच, प्रसव, ऑपरेशन केवल महिला चिकित्सक और नर्स ही करते रहे। शुक्रवार को जिला अस्पताल में एक स्त्री रोग विशेषज्ञ की नियुक्ति हुई। यह शनिवार से अपनी सेवा जिला अस्पताल में देंगे। इससे महिला, युवती और बालिकाओं को उचित सलाह व उपचार मिलेगा।

जिला अस्पताल कवर्धा के प्रभारी सिविल सर्जन, डॉ. एसआर चुरेन्द्र ने बताया सोनोग्राफी शुरू हो चुकी है। इससे सभी को लाभ मिल रहा है। वहीं अस्थि रोग विशेषज्ञ एक माह से बैठ रहे हैं। विकलांगता प्रमाण पत्र भी जारी किया जा रहा है। कल ही एक स्त्री रोग विशेषज्ञ की नियुक्ति जिला अस्पताल में हुई। अब केवल यहां कुछ मेडिकल ऑफिसर की आवश्यकता है।

Published on:
25 Aug 2018 08:00 pm