घर व ऑफिसों में कूलर पंखे दम तोड़ रहे है। इस बीच गांव की एक लड़की ने घर का तापमान कम करने का वैज्ञानिक तरीका ढूंढ निकाला।
इंदौरी. नवतपा के बाद भी गर्मी ऐसी है की हर कोई परेशान है। घर व ऑफिसों में कूलर पंखे दम तोड़ रहे है। इस बीच गांव की एक लड़की ने घर का तापमान कम करने का वैज्ञानिक तरीका ढूंढ निकाला। जिससे सस्ते दाम में लोगों को गर्मी से राहत भी मिल जाएगी।
किताब में पढ़ा था कि सफेद रंग ऊष्मा को परावर्तित कर देते है
छत्तीसगढ़ कोसमंदा में रहने वाली 14 वर्षीय प्रभा साहू ने अपने घर को अधिकतम गर्मी से वैज्ञानिक तरीका अपनाकर थोड़ा छुटकारा दिलाया। जी हां, इस बालिका ने किताब में पढ़ा था कि सफेद रंग ऊष्मा को परावर्तित कर देते है। इसी तर्ज पर बालिका ने छत को चूने से पुताई कर दी। यह आइडिया वाकई में कारगर साबित हुआ।
इसे थर्मामीटर में मापा गया। घर के भीतर का तापमान 3 से 4 डिग्री तक कम हो गया। इस बालिका ने केवल किताबों के कथन पर गौर किया और उससे एक नए आइडिया को जन्म दिया, जो काफी फायदेमंद साबित हुआ।
पहले तो आसपास के लोगों ने इस बात पर विश्वास ही नहीं किया। जब एक और छत की पोताई कर तापमान मापा गया तो लोग दंग रह गए कि 4 डिग्री तक तापमान कम हो गया। इससे लोगों को घर में 3 से 4 डिग्री तक गर्मी व उमस से राहत मिलेगी।
नवमीं की छात्रा प्रभा ने बताया की 5 किलो चूना में 10 लीटर पानी मिलाकर उसमें आधा किलो फेवीकोल मिलाया।15 मिनट बाद छत को ब्रश से गाढ़ा पोताई कर दिया। पूरा छत सफेद हो गया। वैज्ञानिक आधार है काला रंग ऊष्मा को एब्जार्ब करता है। वही सफेद रंग ऊष्मा को रिफ्लेट करता है। इस पर बालिका ने यह बिलकुल नया प्रयोग कर कारनामा किया।