
खंडवा. शहर के मोघट रोड थाना इलाके में लगातार लूट करने वाली गैंग को पुलिस ने पकड़ लिया है। चार नाबालिगों के साथ नौ लोगों का गिरोह चाकू की नोक पर लूट की वारदातों को अंजाम दे रहा था। पुलिस अधीक्षक विवेक सिंह ने गुरुवार को इसका खुलासा किया है। इस मामले के नाबालिग आरोपी बाल संप्रेक्षण गृह भेज दिए हैं। जबकि बालिग आरोपियों को 24 मई तक न्यायिक अभिरक्षा में जिला जेल भेजा है।
इनके साथ हुई थी वारदात
रमा कॉलोनी निवासी अजय पिता किशोर मूलचंदानी से 20 अप्रैल को सिध्दी विहार काॅलोनी में रात करीब सवा 11 बजे लूट कर ली गई थी। चाकू की नोक पर बदमाशों ने सोने की चैन, मोबाईल, पर्स सहित 15 हजार रुपए की नकदी, आधार कार्ड, वोटर आइडी, एसबीआई व एचडीएफसी बैंक के एटीएम कार्ड, ड्रायविंग लायसेंस लूट लिया था। इसके बाद 7 मई को ललित पिता विश्वनाथ पंचोली निवासी सुमेर नगर खंडवा व उनकी पत्नी अनीता पंचोली से रात करीब सवा 9 बजे उसी स्थान पर उसी तरीके से लूट हुई थी। दम्पति से बदमाशों ने चाकू की नोक पर मोबाईल एवं एक मंगलसूत्र का लॉकेट लूटा था।
यह मिला लूट का सामान
आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने सोने की चेन, दो मोबाईल फोन जिसमें एक फोन तोड़कर आरोपियों ने जमीन में गाड़ दिया था, एटीएम, सोने का पेंडल, नकद 1650 रुपए एवं घटना में प्रयुक्त चार चाकू जब्त किए हैं।
यह हैं आरोपी
पुलिस ने चार नाबालिगों समेत आरोपी सोहेब उर्फ लड्डू पिता तस्लीम (19), जुनैद पिता शकील (19) दोनों निवासी गायत्री काॅलोनी खानशाहवली, वसीम पिता रफीक (19) निवासी ग्राम नावरा कोरकू मोहल्ला नेपानगर, नौशाद उर्फ लाला पिता जाफर (19) नई मस्जिद के पास खानशाहवली, साकिर पिता सादिक (22) इन्द्रा नगर खानशाहवली को गिरफ्तार किया है।
नागचून में चूके थे लुटेरे
एसपी ने बताया कि आरोपियों ने नागचून में भी वारदात करने का प्रयास किया था। लेकिन वहां पुलिस का गस्ती दल देख आरोपियों ने रास्ता बदल दिया था। लुटेरों के दो अलग ग्रुप बने थे। दोनों में आरोपी सोहेब और साकिर शामिल रहे। साकिर के खिलाफ मारपीट का प्रकरण कायम हो चुका है, जबकि बाकी आरोपियों के अपराध रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं।
बेच नहीं सके चेन, मंगलसूत्र
एसपी ने बताया कि आरोपियों ने नकद रकम तो खर्च कर ली लेकिन बाकी सामान नहीं बेच सके। पुलिस सक्रिय हो जाने पर आरोपी शांत होकर मौकेका इंतजार कर रहे थे। पकड़े जाने के डर से आरोपियों ने एक मोबाइल फोन घर स्थल से ही कुछ दूर तोड़कर गाड़ दिया था।
लूट से हो गई डकैती
घटनाओं के बाद पुलिस ने लूट की धारा के तहत केस दर्ज किया था। जबकि दोनों मामलों में अपराधियों की संख्या पांच से ज्यादा बताई गई थी। अब जब आरोपी पकड़े गए हैं और चार से ज्यादा हैं तो लूट के अपराध में डकैती की धारा 395 आइपीसी का इजाफा कर दिया गया है।
इस टीम को मिली सफलता
पुलिस अधीक्षक विवेक सिंह ने इन अपराधों का खुलासा करने के लिए एडिशनल एसपी सीमा अलावा के निर्देशन में सीएसपी पूनमचंद्र यादव के नेतृत्व में टीम बनाई थी। जिसमें प्रभारी थाना मोघट ईश्वर सिंह, उप निरीक्षक उमेश लाखरे, एएसआइ चंद्रकांत सोनवने, प्रधान आरक्षक महेंद्र वर्मा, नितिन कोल्हे, राजीव यादव, आरक्षक अनुराग, सोहन, केतन, राहुल, निर्भय, जितेन्द्र, सायबर सेल से प्रधान आरक्षक जितेंद्र राठौर, आरक्षक सुनील, जिला विशेष शाखा से प्रभारी राजेन्द्र पांजरे, थाना अजाक से प्रभारी लतेश तोमर, पुलिस लाईन से प्रधान आरक्षक रफीक, आरक्षक अमर प्रजापति, अरविंद तोमर की अहम भूमिका रही।